ताज़ा खबर
 

मनी लॉन्ड्रिंग मामला: कोर्ट से मिली ईडी को इजाज़त, ज़ब्त करें विजय माल्या की ₹4200 करोड़ की संपत्ति

इनमें फ्लैट, फार्म हाउस, शेयर और मियादी जमा (एफडी) शामिल हैं। ये संपत्तियां माल्या और उनकी सहयोगी कंपनियों के नाम हैं।

Author नई दिल्ली | February 28, 2017 9:27 PM
शराब कारोबारी विजय माल्या। (reuters file photo)

शराब कारोबारी विजय माल्या की 4,200 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क करने के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आदेश को एक विशेष अदालत ने अनुमति दे दी है। इससे एजेंसी के लिये कुर्की का रास्ता साफ हो गया है। पिछले साल सितंबर में ईडी ने मनी लांड्रिंग रोधक कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत आदेश जारी करते हुए विभिन्न संपत्तियों की कुर्की का आदेश दिया है। इनमें फ्लैट, फार्म हाउस, शेयर और मियादी जमा (एफडी) शामिल हैं। ये संपत्तियां माल्या और उनकी सहयोगी कंपनियों के नाम हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इससे पहले कहा था कि इन संपत्तियों का बाजार मूल्य 6,630 करोड़ रुपए है। इनकी बुक वैल्यू 4,234.84 करोड़ रुपए है।

पीएमएलए के निर्णायक प्राधिकरण के सदस्य :विधि: तुषार वी शाह ने कहा कि ये संपत्तियां ‘मनी लांड्रिंग का हिस्सा’ हैं। ऐसे में इन संपत्तियों की पीएमएलए की धारा-5 की उपधारा (1) के तहत कुर्की की पुष्टि की जाती है। प्रवर्तन निदेशालय अब इन संपत्तियों की कुर्की करेगा। एजेंसी का आरोप है कि ये संपत्तियां आपराधिक गतिविधियों से सृजित हुई हैं। एजेंसी ने दावा किया कि माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस और यूनाइटेड ब्रूवरीज होल्डिंग्स के साथ मिलकर आपराधिक साजिश की और बैंकों के गठजोड़ से कर्ज हासिल किया। इस कुल राशि में से 4,930.34 करोड़ रुपए के मूल का अभी भुगतान नहीं किया गया है। पीएमएलए के तहत ईडी द्वारा जारी कुर्की आदेश का मकसद आरोपी को अपनी गलत तरीके से जुटाई गई संपत्ति का लाभ लेने से रोकना है। इसे संबंधित पीएमएलए प्राधिकरण के समक्ष 180 दिन के भीतर चुनौती दी जा सकती है।

कर्ज में फंसे विजय माल्या ने कहा, चुनावी भाषणों से मैं राजनीतिक फुटबॉल बन गया हूं

ऋण नहीं चुकाने के मामले में फंसे शराब कारोबारी विजय माल्या ने गुरुवार (23 फरवरी) को कहा कि वह देश की दो प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के बीच ‘राजनीतिक फुटबॉल’ बन गए हैं। माल्या फिलहाल ब्रिटेन में हैं। उन्होंने बिजनेस न्यूज चैनल बीटीवीआई से कहा, “सब कुछ किंगफिशर एयरलाइंस की विफलता से शुरू हुआ। सरकारी स्वामित्व वाले बैंक भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन की विफलता के लिए मुझे व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार ठहराने और अपने कर्ज वापसी की कोशिश कर रहे हैं। मैंने भी उन पर जवाबी दावा किया है।”

माल्या ने यह भी कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक दीवानी मामले को आपराधिक मामले में बदल दिया और इसके बाद बैंकों के साथ धोखाधड़ी और धन की हेराफेरी के आरोप भी जोड़ दिए गए। माल्या ने कहा, “मैं इन सबसे गंभीरता के साथ कानूनी तौर पर लड़ रहा हूं। मेरा मानना है कि उनके पास मेरे खिलाफ ऐसा कोई मामला नहीं बनता है।” माल्या ने कहा, “लेकिन भारत तो भारत है। मैं देश के दो प्रमुख भारतीय राजनीतिक दोलों के बीच फुटबॉल बन गया हूं, जैसा कि चुनावी भाषणों से साफ परिलक्षित होता है। मैं उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करूंगा।”

विजय माल्या ने कहा- “मैं UPA और NDA के बीच फुटबॉल बनकर रह गया हूं”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App