300 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले के मामसे में रमेश कदम की 120 करोड़ की संपत्ति कुर्क - Jansatta
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300 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले के मामसे में रमेश कदम की 120 करोड़ की संपत्ति कुर्क

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और उनके परिवार के बाद महाराष्ट्र में पार्टी के एक अन्य नेता भी प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में आ गए हैं।

Author नई दिल्ली | April 1, 2016 4:59 AM
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता रमेश कदम

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और उनके परिवार के बाद महाराष्ट्र में पार्टी के एक अन्य नेता भी प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में आ गए हैं। एजंसी ने राज्य सरकार की ओर से संचालित एक निगम में 300 करोड़ रुपए से ज्यादा के कथित घपले के मामले में गुरुवार को राकांपा विधायक रमेश कदम की 120 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क कर ली।

सोलापुर की मोहोल सीट से राकांपा विधायक रमेश कदम अगस्त 2012 से दिसंबर 2014 के बीच लोकशाहिर अन्नाभाऊ साठे विकास निगम के अध्यक्ष थे। ईडी का आरोप है कि इसी अवधि के दौरान उन्होंने निगम के अधिकारियों के साथ मिल कर बड़ी राशि का गबन किया। एजंसी के मुताबिक कदम ने निगम के अधिकारियों व अन्य आरोपी व्यक्तियों के सांठगांठ कर साजिश रची और उस पैसे का इस्तेमाल निजी उपयोग के लिए किया जो विभिन्न संस्थानों को दिया गया। इस प्रकार उन्होंने 300 करोड़ रुपए से ज्यादा का गबन किया।

बकौल प्रवर्तन निदेशालय उन्होंने यह करके निगम के साथ धोखाधड़ी और विश्वासघात किया। इसके लिए उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल वास्तविक दस्तावेजों की तरह किया व उन्होंने गलत ढंग से कमाए गए धन का इस्तेमाल निजी हित में किया। ईडी ने मामले में राज्य सीआइडी द्वारा पूर्व में दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर पिछले साल सितंबर में कदम व अन्य के खिलाफ धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था।

केंद्रीय एजंसी ने कदम व उनकी पत्नी के नाम मुंबई के बोरिवली में स्थित एक फ्लैट, औरंगाबाद जिले में कृषि भूमि, 76.67 लाख रुपए की बैंक जमा राशि, इक्विटी शेयर व महानगर के पेडर रोड पर जमीन के एक टुकड़े के लिए अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया है। ईडी के मुंबई जोनल कार्यालय द्वारा की गई पीएमएलए जांच के आधार पर ईडी ने कहा कि कदम व अन्य आरोपियों ने मतंग समुदाय के उत्थान के लिए निर्धारित निगम के धन को धोखाधड़ी से हासिल किया और भारी राशि का दुरुपयोग किया। एजंसी ने कहा कि बरामद की गई संपत्ति का मूल्य करीब 50 करोड़ रुपए है, लेकिन उनका वास्तविक मूल्य 120 करोड़ रुपए है।

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