सुस्ती के दौर में इकोनॉमी के लिए संकटमोचक बने किसान, देश की GDP को दी पॉजिटिव रफ्तार

आंकड़ों पर गौर करें तो अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के दौरान कृषि क्षेत्र में सबसे ज्यादा ग्रोथ रही। कृषि क्षेत्र में 3.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में जीडीपी में 0.4 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है। (Photo-indian express )

देश की इकोनॉमी को एक बार फिर किसानों ने संभाला है। इसका नतीजा ये हुआ कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) निगेटिव से पॉजिटिव जोन में आ गई है।

क्या कहते हैं आंकड़े: चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर तिमाही) में जीडीपी में 0.4 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है। इससे पहले, कोरोना वायरस महामारी और उसकी रोकथाम के लिये लगाये गये ‘लॉकडाउन’ के बीच लगातार दो तिमाहियों में अर्थव्यवस्था में गिरावट दर्ज की गयी थी।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के मुताबिक, ‘‘चालू वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में स्थिर मूल्य (2011-12) पर जीडीपी 36.22 लाख करोड़ रुपये रही जो इससे पूर्व वित्त वर्ष 2019-20 की इसी तिमाही में 36.08 लाख करोड़ रुपये थी। यानी जीडीपी में 0.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।’’ वित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था में 3.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

कृषि क्षेत्र में सबसे ज्यादा ग्रोथ : आंकड़ों पर गौर करें तो अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के दौरान कृषि क्षेत्र में सबसे ज्यादा ग्रोथ रही। कृषि क्षेत्र में 3.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे पहले की अप्रैल-जून, जुलाई-सितंबर दोनों तिमाहियों में कृषि क्षेत्र की ग्रोथ रेट 3.4 फीसदी रही थी।

ये आंकड़े बताते हैं कि कोरोना के दौर में भी कृषि क्षेत्र पर अन्य सेक्टर के मुकाबले कम प्रभाव पड़ा है। आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब किसानों के बिल को लेकर देश में एक बहस छिड़ी हुई है। देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर इस बिल के विरोध में किसान बैठे हुए हैं।

अन्य क्षेत्र का हाल: कृषि क्षेत्र के अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। निर्माण क्षेत्र में 6.2 प्रतिशत जबकि बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगी सेवाओं में 7.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है।

कोर सेक्टर का हाल: आठ बुनियादी उद्योगों यानी कोर सेक्टर का उत्पादन इस साल जनवरी महीने में मामूली रूप से 0.1 प्रतिशत बढ़ा। मुख्य रूप से उर्वरक, इस्पात और बिजली के उत्पादन में वृद्धि के कारण औद्योगिक उत्पादन बढ़ा है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी शुरूआती आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2020 में इन क्षेत्रों के उत्पादन में 2.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

जनवरी 2021 में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और सीमेंट के उत्पादन में गिरावट आयी। हालांकि, उर्वरक, इस्पात और बिजली के उत्पादन में क्रमशः 2.7 प्रतिशत, 2.6 प्रतिशत और 5.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

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