ताज़ा खबर
 

कारोबार आसान करने के लिए पुराने कानूनों की होगी समीक्षा

कारोबार करना आसान बनाने की नीति के तहत सरकार 50 साल से अधिक पुराने एक कानून की समीक्षा करने जा रही है जो अनुबंध से संबंधित है।

Author नई दिल्ली | February 1, 2016 04:31 am

कारोबार करना आसान बनाने की नीति के तहत सरकार 50 साल से अधिक पुराने एक कानून की समीक्षा करने जा रही है जो अनुबंध से संबंधित है। इस नीति के तहत वाणिज्यिक अदालतों की स्थापना की जा चुकी है और कारोबार संबंधी विवादों के शीघ्र समाधान के लिए मध्यस्थता कानून में संशोधन किया जा चुका है।

कानून मंत्रालय के विधायी विभाग द्वारा गठित समिति वर्तमान दौर की अनुबंध आधारित अवसंरचना, सार्वजनिक निजी भागीदारी और बड़े निवेश वाली अन्य परियोजनाओं और अनुबंध की प्रवर्तनीयता (एन्फोर्स-एबिलिटी) के परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए ‘स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट, 1963’ की समीक्षा करेगी।

कानून की समीक्षा ऐसे समय पर की जाने वाली है जब सरकार भारत में कारोबार करना आसान बनाने पर जोर दे रही है। ‘स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट 1963’ विशेष राहत से संबंधित कानून का प्रावधान करता है। जिसका उद्देश्य सामान्य राहत या क्षतिपूर्ति या मुआवजा देने के बजाय अनुबंध के विशिष्ट कार्य निष्पादन या दायित्व को पूरा करना है।

यह कानून अस्तित्व में आने के बाद से कभी संशोधित नहीं किया गया। मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि 1963 के बाद हुए तमाम घटनाक्रम को देखते हुए और वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय किया गया। कानून की समीक्षा यह भी सुनिश्चित करेगी कि कारोबार करना आसान हो। समिति में अध्यक्ष सहित छह सदस्य होंगे और समिति अपनी रिपोर्ट तीन माह में सौंपेगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App