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जांच प्रभावित कर रही अडानी की कंपनी, डाल रही है अड़चनें- हाईकोर्ट में डीआरआई की गुहार

राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर अंडानी संमूह की कंपनी के खिलाफ जांच बाधित करने का आरोप लगाया है। डीआरआई अंडानी समूह की तरफ से इंडोनेशिया से कोयला आयात से संबंधित मामले की जांच कर रही है।

गौतम अडानी की कंपनी अपने खिलाफ सभी एलआर खारिज कराने के लिए 2017 में हाईकोर्ट पहुंची थी। (फाइल फोटो/रॉयटर्स)

राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरई) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में हलफनामा दायकर कर बिजनेसमैन गौतम अडानी की कंपनी पर उनकी जांच में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है। डीआरआई ने 13 जून को दाखिल किए हलफनामे में कहा कि अंडानी एंटरप्राइजेस लिमिटेड (एईएल) ने लेटर रोगाटोरी (एलआर) को जारी करने की ‘बेहतर तरीके से स्थापित प्रक्रिया’ को अदालत में चुनौती देकर जांच में बाधा डालने का प्रयास कर रही है।

एलआर एक औपचारिक आग्रह होता है जिसे न्यायिक जांच के लिए एक देश से दूसरे देश को म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी के तहत विदेशों में स्थापित कंपनी की सूचना हासिल करने के लिए करती है। पिछले साल एईएल ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायकर कर अपने खिलाफ सिंगापुर समेत अन्य देशों से जारी उन सभी एलआर को खारिज करने की मांग की थी जो उसके खिलाफ कथित रूप से इंडोनेशियाई कोयल निर्यात के मामले की जांच के संबंध में हासिल किए गए थे।

हाईकोर्ट ने सितंबर 2018 में एईएल को अंतरिम स्टे दे दिया था। इसके बाद मामले की जांच रुकने पर डीआरआई ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अब बॉम्बे हाईकोर्ट को इस महीने के अंत तक इस बारे में फैसला सुनाने का निर्देश दिया है।

डीआरआई अंडानी की कंपनी के खिलाफ आयातित कोयले की कीमतें ‘जबरदस्त’ बढ़ाने और भारत में बेचे जाने वाली बिजली की लागत बढ़ाए के मामले में सबूत एकत्रित कर रही है। इस बारे में अडानी समूह के प्रवक्ता के संपर्क किए जाने पर बताया गया कि मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है, ऐसे में इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। वहीं डीआरआई ने भी इस मामले में किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

40 कंपनियों के खिलाफ जारी है जांचः डीआरआई की यह कानूनी लड़ाई उस समय और महत्वपूर्ण हो जाती है जब निदेशालय अडानी समूह के अलावा 40 अन्य कंपनियों की जांच कर रहा है। इसमें अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की दो कंपनियां भी शामिल हैं। इसके अलावा एस्सार समूह की दो और कुछ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी शामिल हैं।

इन कंपनियों पर साल 2011 से 2015 के बीच इंडोनेशिया से 29000 करोड़ के आयातित कोयले के मूल्य को कथित रूप से बढ़ाकर दिखाने के आरोप हैं। डीआरआई इस संबंध में विदेशों से कंपनियों की जानकारी हासिल करने के लिए सिंगापुर, हॉन्कॉन्ग, स्विटजरलैंड, यूएई समेत अन्य देशों से 14 एलआर जारी करा चुका है।

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