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कॉल ड्रॉप: दूरसंचार विभाग ने कंपनी मालिकों को फोन लगाया, ग्राहकों को मिल सकता है मुआवजा

कॉल ड्राप को लेकर मोबाइल कंपनियों पर दबाव बढ़ाते हुए सरकार ने अब इनके प्रवर्तकों से कहा है कि वे मामले में सीधे हस्तक्षेप करें ताकि समस्या को दूर किया जा सके। ऐसा नहीं होने पर कंपनियों..

Author नई दिल्ली | September 11, 2015 4:00 AM

कॉल ड्राप को लेकर मोबाइल कंपनियों पर दबाव बढ़ाते हुए सरकार ने अब इनके प्रवर्तकों से कहा है कि वे मामले में सीधे हस्तक्षेप करें ताकि समस्या को दूर किया जा सके। ऐसा नहीं होने पर कंपनियों को दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

कॉल ड्राप की समस्या गहराने के बीच दूरसंचार विभाग के सचिव राकेश गर्ग ने प्रमुख उद्योगपतियों व इन कंपनियों के मालिकों (प्रवर्तकों) को फोन लगाया जिनमें अनिल अंबानी, कुमार मंगलम बिड़ला व सुनील मित्तल शामिल है। उन्होंने वोडाफोन के वैश्विक सीईओ वितोरियो कोलाओ को भी फोन किया और सभी को कॉल ड्राप को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जताई गई चिंताओं से अवगत कराया।

इस बीच भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकार (ट्राई) ने गुरुवार को कहा कि वह ऐसे मामलों में मोबाइल कंपनियों द्वारा अपने ग्राहकों को दिए जाने वाले मुआवजे के बारे में अंतिम सिफारिशें मध्य अक्तूबर तक पेश करेगा। ट्राई कॉल ड्राप के मुद्दे पर मसौदा पत्र पर हले ही जारी कर चुका है। फिलहाल वह विभिन्न दूरसंचार कंपनियों की सेवाओं की गुणवत्ता की समीक्षा कर रहा है।

ट्राई के चेयरमैन आर एस शर्मा ने यहां एसोचैम के एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा,‘हमने मुआवजे के संबंध में एक पत्र जारी किया था और उस पर कंपनियों से टीका टिप्पणी मांगी, इसके बाद खुली परिचर्चा होगी। मुझे लगता है कि 10-15 अक्तूबर तक हम इस बारे में अपनी अंतिम सिफारिशें दे देंगे।’

उल्लेखनीय है कि नियामक ने बुधवार को इस समस्या के बारे में दूरसंचार कंपनियों के सीईओ के साथ बैठक की थी। इसमें उन्होंने कंपनियों से अपनी सेवाओं में सुधार करने को कहा और कहा कि उनके प्रदर्शन की 15 दिन में समीक्षा होगा।

दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी कंपनियों को आगाह करते हुए बुधवार को कहा कि अगर हालात में सुधार के लिए जरूरी कदम नहीं उठा पाती हैं तो चूकने वाली कंपनियों के खिलाफ जुर्माने के विकल्प पर विचार किया जा सकता है।

मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए भारती ग्रुप सहित अन्य कंपनी के आला अफसरों ने कहा कि कंपनियां अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं रही हैं और वे गुणवत्तापरक सेवाएं देने को प्रतिबद्ध हैं।

सूत्रों ने बताया कि दूरसंचार सचिव ने हाल में मोबाइल कंपनियों के प्रवर्तकों को फोन कर उनसे सेवाओं में सुधार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि यदि मोबाइल कंपनियां ऐसा करने में विफल रहती हैं, तो दूरसंचार विभाग लाइसेंस शर्तों के तहत उन पर जुर्माना लगाएगा।

गर्ग ने मोबाइल कंपनियों को प्रधानमंत्री की चिंता के बारे में बताते हुए उनसे अपने नेटवर्क का महत्तम उपयोग करने को कहा। सूत्रों ने बताया कि गर्ग ने भारती एयरटेल के सुनील मित्तल, रिलायंस कम्युनिकेशंस के अनिल अंबानी, आइडिया सेल्युलर के कुमार मंगलम बिड़ला तथा वोडाफोन के वितोरियो कोलाओ से बात की। सरकार ने चेताया है कि यदि कंपनियां इस मुद्दे को हल नहीं करती हैं तो उन्हें कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि कॉल ड्राप या बातचीत के दौरान ही फोन कॉल कट जाने की समस्या हाल ही के महीनों में लगातार गहराई है। सरकार का मानना है कि दूरसंचार कंपनियां नेटवर्क में पर्याप्त निवेश नहीं कर रही हैं जिस कारण कॉल ड्रॉप की समस्या पैदा हुई है। कंपनियां हालांकि इस आरोप का खंडन करती रही हैं।

दूरसंचार मंत्री प्रसाद ने बुधवार को कहा था,‘फिलहाल तो मैं किसी तरह का जुर्माना लगाने पर नहीं सोच रहा लेकिन हालात नहीं सुधरे तो मैं इस विकल्प को खारिज भी नहीं करूंगा।’

वहीं गुरुवार सुबह एक कार्यक्रम में भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन अखिल गुप्ता ने कहा, ‘‘सेवाओं की गुणवत्ता पर जिम्मेदारी से भागने का कोई सवाल पैदा नहीं होता। उद्योग के रूप में हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।’’

भारती एंटरप्राइजेज देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल की प्रवर्तक समूह इकाई है। गुप्ता ने कहा कि उद्योग ने पहले ही विभिन्न स्पेक्ट्रम नीलामियों पर तीन लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं। वह सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए और निवेश करेगा।

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