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गंभीर बीमारी होने पर घर का खर्च चलाने के लिए भी हेल्थ इंश्योरेश से मिलेगा पैसा, जानिए इसके फायदे

हेल्थ इंश्योरेंस में कुछ सीमाएं होती हैं और यह एक गंभीर बीमारी में आपका सहयोग करने के लिए पर्याप्त नहीं होता है।

इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार

लोगों को अब बेसिक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के महत्व की जानकारी हो गई है, लेकिन बेसिक हेल्थ इंश्योरेंश सभी बीमारियों को कवर नहीं करता है। यदि कोई गंभीर बीमारी जैसे कैंसर या स्ट्रोक है तो एक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान की मदद से आप अपना मेडिकल खर्च तो उठा सकते हैं लेकिन दूसरे खर्च नहीं। इस तरह की बीमारी से आप कुछ समय के लिए बेरोजगार भी हो सकते हैं। जिससे आपकी इनवेस्टमेंट और बचत की रकम खत्म हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों का सामना करने के लिए क्रिटिकल इंश्योरेंस (सीआई) लेना जरूरी है। यह काफी हद तक एक आय पूरक की तरह है और कोई गंभीर बीमारी होने पर यह काफी सहायक सिद्ध हो सकता है जब पैसों की जरूरत इलाज के खर्च से कहीं अधिक होती है।

क्या है क्रिटिकल ईलनेस प्लान?

क्रिटिकल ईलनेस प्लान एक मेडिक्लेम पॉलिसी से अलग होता है। यह मुख्य रूप से एक ऐसी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है जिससे पॉलिसी धारक को एकमुश्त राशि (बीमा राशि) मिलती है यदि जांच के दौरान पता चलता है कि उसे कोई गंभीर बीमारी- जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, कैंसर, किडनी फेल होना, बॉडी पार्ट ट्रांस्प्लांट, बाईपास सर्जरी आदि। जैसे-जैसे लोगों में जागरूकता बढ़ रही है, क्रिटिकल ईलनेस प्लान के दायरे में अधिक से अधिक गंभीर बीमारियों को शामिल किया जा रहा है। इसकी बीमा राशि आम तौर पर 1 लाख रुपये से अधिक होती है। इस प्लान को अलग से एक अकेली पॉलिसी के रूप में लिया जा सकता है या इसे अपने लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में एक राइडर के रूप में जोड़ा सकता है। लेकिन इसे हमेशा एक अकेली पॉलिसी के रूप में लेने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसमें शामिल बीमारियों और बीमा राशि की दृष्टि से यह ज्यादा बेहतर होता है।

आपको एक सीआई प्लान क्यों लेना चाहिए जबकि आपके पास पहले से ही एक हेल्थ इंश्योरेंस है?

एक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान किसी भी इलाज के दौरान होने वाले खर्च का बोझ उठाता है, लेकिन क्रिटिकल इंश्योरेंस किसी गंभीर बीमारी का पता चलने पर एकमुश्त राशि का भुगतान करके आर्थिक सहयोग देता है। इस एकमुश्त राशि का उपयोग इलाज पर खर्च करने के लिए, कर्ज चुकाने के लिए या अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है। एक गंभीर बीमारी की चपेट में आने से व्यक्ति को अपनी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है। उस समय इस राशि का उपयोग मेडिकल खर्च के साथ-साथ दैनिक खर्च का बोझ उठाने के लिए भी किया जा सकता है।

हेल्थ इंश्योरेंस में कुछ सीमाएं होती हैं और यह एक गंभीर बीमारी में आपका सहयोग करने के लिए पर्याप्त नहीं होता है। यदि आप कोई दूसरा मेडिकल इलाज कराने जा रहे हैं तो उस समय यह आपके इलाज का खर्च नहीं भी उठा सकता है। कई हेल्थ इंश्योरेंस प्लान, मेडिकल टेस्ट और चेकअप का खर्च नहीं उठाते हैं यदि आप उसके लिए 24 घंटे के लिए अस्पताल में भर्ती नहीं होते हैं। एक सीआई प्लान की मदद से, आप इसके बीमे की रकम से बीमारी की पहचान, उसकी समीक्षा और इलाज से संबंधित सभी प्रकार के खर्च का बोझ उठा सकते हैं।

सीआई पॉलिसियों में पहले से ही तरह-तरह की सुविधाएं होती हैं

बीमित व्यक्ति को दी जाने वाली एकमुश्त राशि, धारा 80D के अंतर्गत पूरी तरह टैक्स फ्री होती है। क्रिटिकल इंश्योरेंस पॉलिसी, बीमित व्यक्ति को दुनिया में कहीं से भी अपनी पसंद का इलाज कराने का खर्च उठाने में मदद करती है। क्रिटिकल इंश्योरेंस से जुड़े नियम एवं शर्तें, हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों की तुलना में अधिक पारदर्शी होते हैं क्योंकि आवेदन प्रक्रिया के दौरान ही इन नियमों एवं शर्तों के बारे में बता दिया जाता है और इसलिए पॉलिसी धारक को पॉलिसी लेने से पहले ही इनके बारे में पता चल जाता है। क्रिटिकल इंश्योरेंस में मिलने वाली बीमे की रकम, स्वास्थ्य सहायता सामग्रियों का खर्च उठाने के लिए और बीमारी के कारण आय की क्षमता घट जाने पर उसकी भरपाई करने के लिए पर्याप्त होती है। 

कुछ महत्वपूर्ण चेतावनियां जिनके बारे में व्यक्ति को एक सीआई प्लान लेने से पहले पता होना चाहिए।

उत्तरजीविता अवधि: क्रिटिकल इंश्योरेंस प्लान में 30 दिन तक जिंदा रहने से संबंधित एक धारा होती है जिसके अनुसार, पॉलिसी धारक को बीमारी का पता चलने के बाद कम से कम 30 दिन जीवित रहना चाहिए तभी वह क्लेम कर सकता है। बीमारी के आधार पर इसे बढ़ाया जा सकता है। पहले से मौजूद बीमारियों को इस प्लान में कवर नहीं किया जाता है।
विशेषज्ञ 40 साल की उम्र में इस पॉलिसी को खरीदने की सलाह देते हैं। लेकिन, इसे इससे भी पहले खरीदने से स्वास्थ्य जोखिम बहुत कम होता है और प्रीमियम ज्यादा सस्ता पड़ता है।

किसी भी उत्पाद को खरीदने का विचार करने से पहले, उसके नियमों एवं शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लेना चाहिए और उससे जुड़े सभी समावेशनों और अपवर्जनों के बारे में जान लेना चाहिए। अच्छी तरह सोच-समझकर एक अच्छा प्लान लेना चाहिए। BankBazaarInsurance.com भारत का एक प्रमुख ऑनलाइन मार्केटप्लेस है जो हेल्थ इंश्योरेंस, कार इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, और टू व्हीलर इंश्योरेंस सहित अन्य सभी सर्वोत्तम व्यक्तिगत वित्त उत्पादों की तुलना और आवेदन करने में आपकी मदद करता है।

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