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कम कार्बन उत्सर्जन के नाम पर फरेब करने वाली फॉक्सवैगन भारत से वापस बुलाएगी 3.4 लाख गाड़ियां

कंपनी ने ऐसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया था जो टेस्टिंग के समय कम प्रदूषण दिखाती थी लेकिन सड़कों पर दौड़ते समय उसका प्रदूषण उत्सर्जन का स्तर बढ़ जाता था।

Author January 13, 2017 4:54 PM
फॉक्सवैगन पर यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण कोरिया, चीन और भारत में प्रदूषक गैसों के उत्सर्जन में धोखाधड़ी के आरोप हैं।

अमेरिका की लग्जरी कार निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन भारत से करीब 3.4 लाख गाड़ियां वापस मंगवाएगी और उनकी जगह दूसरी गाड़ियां देंगी। इसमें कंपनी के 13 मॉडल की गाड़ियां शामिल हैं। फॉक्सवैगन पर यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण कोरिया, चीन और भारत में प्रदूषक गैसों के उत्सर्जन में धोखाधड़ी के आरोप हैं। हालांकि, कंपनी की तरफ से इस रिकॉल को ग्लोबल वॉल्यून्टरी रिकॉल का हिस्सा बताया जा रहा है।

कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि भारत में EA 189 डीजल इंजन वाली कुल गाड़ियों की संख्या 3,43,800 है, जिनकी तकनीकी जांच अब जरूरी हो गई है। रिकॉल की गई गाड़ियों में फॉक्लवैगन पोलो, वेन्टो, जेट्टा, पसाट, स्कोडा फैबिया, स्कोडा येटी, स्कोडा रैपिड, स्कोडा लउरा, स्कोडा सुपर्ब, ऑडी A4, ऑडी A6, ऑडी Q3 और ऑडी Q5 शामिल है। हालांकि, कंपनी ने अभी कोई समय सीमा नहीं बताया है कि कब ये रिकॉल प्रक्रिया शुरू की जाएगी और कब तक समाप्त होगी। पिछले साल जून में कंपनी ने 1.90 लाख गाड़ियों को रिकॉल किया था।

द ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) फिलहाल फॉक्सवैगन की गाड़ियों के लंबी अवधि के प्रदूषक गैसों के उत्सर्जन स्तर पर शोध कर रही है। इस कंपनी पर उत्सर्जन स्तर पर दुनिया को चकमा देने के आरोप लग चुके हैं।

कंपनी की लग्जरी कार VW, ऑडी और पोर्श की गाड़ियों में 3 लीटर क्षमता वाले डीजल इंजनों से प्रदूषक गैसों की उत्सर्जन की मात्रा अधिक पाई गई थी। इस मामले में यह पाया गया कि कंपनी ने ऐसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया था जो टेस्टिंग के समय कम प्रदूषण दिखाती थी लेकिन सड़कों पर दौड़ते समय उसका प्रदूषण उत्सर्जन का स्तर बढ़ जाता था।

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