टैक्स कम करने के बाद भी पिछली दिवाली से 22 रुपये महंगा है पेट्रोल, जानें कारण

केंद्र सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए दिवाली से एक दिन पहले डीजल और पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क कम करने की घोषणा की। हालांकि इसके बाद भी डीजल और पेट्रोल पिछली दिवाली की तुलना में महंगे हैं।

Diesel Petrol Price
उत्पाद शुल्क कम करने के बाद भी डीजल-पेट्रोल पिछली दिवाली से महंगे हैं। (Express File Photo by Tashi Tobgyal)

डीजल और पेट्रोल की आसमान छूती कीमतों (Diesel Petrol Prices) से आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने दिवाली से एक दिन पहले टैक्स (Excise Duty) में कटौती की घोषणा की। इससे दोनों मुख्य ईंधनों के खुदरा भाव में कमी तो आई, लेकिन पिछली दिवाली की तुलना में अभी इनके दाम काफी अधिक हैं। पिछली दिवाली की तुलना में पेट्रोल जहां 22 रुपये महंगा है, तो वहीं डीजल भी 16 रुपये ऊपर बिक रहा है।

पिछली दिवाली से 22 रुपये महंगा पेट्रोल

टैक्स में की गई हालिया कमी दिवाली यानी चार नवंबर से प्रभावी हुई है। इस कमी के बाद दिल्ली में चार नवंबर (Diwali 2021) को पेट्रोल का भाव 109.97 रुपये लीटर रहा। साल भर पहले यानी दिवाली 2020 (Diwali 2020) को पेट्रोल का दिल्ली में भाव 81.06 रुपये लीटर था। इस तरह दो दिवाली के बीच पेट्रोल के दाम में करीब 22 रुपये का अंतर रहा।

डीजल के भाव भी 16 रुपये ऊपर

पिछले साल दिवाली की तारीख 14 नवंबर थी। उस रोज दिल्ली में डीजल का खुदरा मूल्य 70.46 रुपये प्रति लीटर था। इस दिवाली की बात करें तो टैक्स में कमी के बाद डीजल 86.87 रुपये लीटर बिका। इस तरह साल भर पहले की तुलना में डीजल अभी भी 16 रुपये से अधिक महंगा रहा।

इतना उत्पाद शुल्क वसूलती है सरकार

केंद्र सरकार ने राहत देने के लिए उत्पाद शुल्क में पेट्रोल पर पांच रुपये और डीजल पर 10 रुपये लीटर कम किए हैं। हालांकि इससे पहले सरकार ने मार्च 2020 से मई 2020 के दौरान महज दो महीने में उत्पाद शुल्क में भारी बढ़ोतरी की थी। इस दौरान उत्पाद शुल्क पेट्रोल पर 13 रुपये तो डीजल पर 16 रुपये लीटर बढ़ाया गया था। इस तरह उत्पाद शुल्क बढ़कर पेट्रोल पर 32.9 रुपये और डीजल पर 31.8 रुपये लीटर हो गया था।

राज्य सरकारें भी लगाती हैं वैट

डीजल और पेट्रोल पर केंद्र सरकार के उत्पाद शुल्क के बाद सभी राज्य सरकारें मूल्य वर्धित कर (VAT) लगाती हैं। इस कर की दरें राज्यों के हिसाब से अलग-अलग होती हैं। इसी के कारण सभी राज्यों में डीजल और पेट्रोल के खुदरा मूल्य एक समान नहीं होते हैं। अभी राजस्थान में डीजल और पेट्रोल पर सबसे अधिक वैट वसूला जा रहा है। केंद्र सरकार डीजल और पेट्रोल पर सड़क उपकर (Road Cess) भी वसूल करती है।

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क्रूड की तेजी से दूर हो सकती है राहत

इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल (Crude Oil) के भाव में तेजी जारी है। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) पिछले साल दिवाली के समय 40 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास था। अभी यह 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रहा है। विशेषज्ञों को आशंका है कि ब्रेंट क्रूड आने वाले समय में फिर से 100 डॉलर के स्तर को पार कर सकता है। यदि ऐसा हुआ तो पेट्रोल और डीजल के भाव में की गई हालिया कमी के लाभ से आम लोगों को फिर वंचित होना पड़ सकता है।

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