रिलायंस इंडस्ट्रीज ने गुरुवार, 26 मार्च को एक बयान में कहा कि उसने ईरान से कच्चा तेल नहीं खरीदा है। रॉयटर्स ने इस हफ्ते की शुरुआत में बताया था कि US से कुछ समय के लिए छूट मिलने के बाद रिलायंस ने 5 मिलियन बैरल ईरानी तेल खरीदा है। उस समय, रिलायंस ने कमेंट मांगने वाले रॉयटर्स के ईमेल का जवाब नहीं दिया था।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने गुरुवार को कहा, “रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड हाल की मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से खारिज करती है कि कंपनी ने ईरान से कच्चा तेल खरीदा है।”
50 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल खरीद का दावा
समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, इस सप्ताह की शुरुआत में कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि कंपनी ने लगभग 50 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल खरीदा है; यह खरीद तब की गई थी, जब अमेरिका ने ईरानी तेल की शिपमेंट पर लगी कुछ पाबंदियों में ढील दी थी।
भारत की सबसे बड़ी रिफाइनर, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, अपने विशाल रिफाइनिंग ऑपरेशंस को चलाने के लिए दुनिया भर के कई सप्लायर्स से कच्चा तेल खरीदती है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स चलाती है और अपनी लगभग 14 लाख बैरल प्रतिदिन की रिफाइनिंग क्षमता को बनाए रखने के लिए वह कच्चे तेल के एक बड़े और लचीले मिश्रण को प्रोसेस करती है।
अपनी रिफाइनिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी कई क्षेत्रों से कच्चे तेल का आयात करती है। हाल के वर्षों में रूस इसका एक प्रमुख सप्लायर रहा है। कंपनी मध्य-पूर्व के देशों, जिनमें इराक, सऊदी अरब और कतर शामिल हैं, से भी तेल खरीदती है।
इनके अलावा, रिलायंस ने अपनी रिफाइनरियों के लिए कच्चे तेल की एक विविध टोकरी (diversified crude basket) बनाए रखने के उद्देश्य से अमेरिका और अन्य क्षेत्रों के उत्पादकों (जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्राज़ील और कनाडा शामिल हैं) से भी कच्चे तेल का आयात किया है।
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