ताज़ा खबर
 

बायोकॉन और माइलॉन बेच सकेंगे कैंसर की दवाएं, दिल्ली हाई कोर्ट ने दी इजाज़त

इस दवा का उपयोग स्तन कैंसर और गैस्ट्रिक कैंसर के इलाज में किया जाता है।

Author नई दिल्ली | March 3, 2017 7:46 PM
दिल्ली उच्च न्यायालय (फाइल फोटो)

दिल्ली उच्च न्यायालय ने औषधि कंपनियों बायोकॉन और माइलॉन के स्तन कैंसर और गैस्ट्रिक कैंसर में उपयोग होने वाली दवा ट्रासटुजुमाब के अपने संस्करण की बिक्री की अनुमति शुक्रवार (3 मार्च) को दे दी। दोनों कंपनियों को औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से मिली मंजूरी को देखते हुए अदालत ने यह अनुमति दी। न्यायाधीश बदर दुरेज अहमद और न्यायाधीश संजीच सचदेव की पीठ ने कहा, ‘उपयुक्त प्राधिकरण द्वारा औषिध को मिली मंजूरी को देखते हुए….हमारा मानना है कि इस अवस्था में दवा पर पाबंदी नहीं लगनी चाहिए।’ पीठ ने अंतरिम आदेश में कहा, ‘अत: अगले आदेश तक बायोकॉन और माइलान को ट्रासटुजुमाब के अपने संस्करण को बेचने की अनुमति दी जाती है….।’ इस दवा का उपयोग स्तन कैंसर और गैस्ट्रिक कैंसर के इलाज में किया जाता है।

इससे पहले, एकल न्यायाधीश की पीठ ने पिछले साल 25 अप्रैल को भारतीय औषधि कंपनी बायोकॉन और अमेरिकी कंपनी माइलॉन को कैंसर दवाओं की बिक्री और विनिर्माण की अनुमति दे दी थी। हालांकि, यह अनुमति पैकेजिंग और लेबलिंग पर कुछ प्रतिबंधों के साथ दी गई। अदालत ने स्विट्जरलैंड की कंपनी रोस की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया। ट्रासटुजुमाब की खोज रोस ने ही की है। उसका दावा है कि दोनों कंपनियों ने अपनी दवाओं को तेयार करने और उसकी बिक्री से पहले जरूरी परीक्षण नहीं किये। रोस ने एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी। बायोकॉन और माइलॉन ने भी एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती दी क्योंकि पैकेज में ‘क्लिनिकल डाटा’ के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया। अदालत ने बायोकॉन तथा माइलॉन को अपनी बिक्री का आंकड़ा रखने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई के लिये 31 मार्च की तारीख तय की।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App