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डिफेंस सेक्टर में विदेशी निवेश को मिलेगी रफ्तार, मोदी सरकार ने अब 74 पर्सेंट की FDI की लिमिट

केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र में ऑटोमेटिक रूट से फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) को 49 पर्सेंट से बढ़ाकर 74 पर्सेंट कर दिया है। 74 पर्सेंट से ज्यादा सीधे विदेशी निवेश गवर्नमेंट रूट के जरिए ही होगा।

Author Edited By यतेंद्र पूनिया नई दिल्ली | Updated: September 18, 2020 5:05 PM
narendra modiपीएम नरेंद्र मोदी

केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र में ऑटोमेटिक रूट से फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) को 49 पर्सेंट से बढ़ाकर 74 पर्सेंट कर दिया है। 74 पर्सेंट से ज्यादा सीधे विदेशी निवेश गवर्नमेंट रूट के जरिए ही होगा। केंद्रीय कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी के डिफेंस सेक्टर में ऑटोमेटिक रूट से एफडीआई को 74 पर्सेंट करने के फैसले का स्वागत किया। इसके अलावा पीयूष गोयल ने रक्षा क्षेत्र में 74 फीसदी से ऊपर गवर्नमेंट रूट के माध्यम से एफडीआई की भी सराहना की। पीयूष गोयल ने कहा सरकार का यह फैसला इज ऑफ डूइंग बिजनेस में सहायता करेगा। इसके अलावा सरकार का यह कदम निवेश की ग्रोथ, इनकम और रोजगार बढ़ाएगा।

हालांकि ट्विटर पर घोषणा करते हुए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यह भी कहा रक्षा क्षेत्र में फॉरेन इन्वेस्टमेंट राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर स्क्रूटनी का विषय भी होगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आर्डर के मुताबिक रक्षा क्षेत्र में गवर्नमेंट रूट से 74 पर्सेंट से ऊपर विदेशी निवेश मॉडर्न टेक्नोलॉजी मिलने और अन्य कारणों पर निर्भर करेगा। पीयूष गोयल ने अपने ट्वीट में यह भी कहा कि आत्मनिर्भर भारत के हमारे विजन को देखते हुए ये संशोधन देश की रक्षा को सर्वोच्चता और राष्ट्रीय हितों को साथ हमें डिफेंस प्रोडक्शन में आत्मनिर्भर बनाएंगे।

सरकार ने अपने आर्डर में कहा है कि नई इंडस्ट्रियल लाइसेंस मांग रही कंपनियों को रक्षा क्षेत्र में ऑटोमेटिक रूट के माध्यम से 74 पर्सेंट तक विदेशी निवेश की अनुमति होगी। 49 फीसदी तक फ्रेश फॉरेन इन्वेस्टमेंट के बारे में आर्डर में यह भी कहा गया है कंपनी जो इंडस्ट्रियल लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं कर रही या जिसके पास रक्षा क्षेत्र में सरकार का एफडीआई अप्रूवल है अगर उसकी शेयरहोल्डिंग में विदेशी निवेश के कारण बदलाव होता है तो उसे 30 दिन के अंदर रक्षा मंत्रालय में एक मैंडेटरी डिक्लेरेशन सबमिट करना होगा।

ऐसी कंपनियों को 49 फ़ीसदी से ज्यादा एफडीआई के लिए गवर्नमेंट अप्रूवल की जरूरत भी होगी। सरकार ने कहा है रक्षा क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनी‌‌ का प्रोडक्शन डिजाइन और डेवलपमेंट के क्षेत्र में सेल्फ सफिशेंट स्ट्रक्चर होना चाहिए। ऑर्डर में यह भी कहा गया है निवेशी कंपनी या ज्वाइंट वेंचर कंपनी के पास मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के साथ-साथ भारत में बनने वाले प्रोडक्ट के मेंटिनेंस और लाईफ साइकिल सपोर्ट सिस्टम फैसिलिटी होनी भी जरूरी है।

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