DA Hike News: बिहार के करीब 9 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए गुड न्यूज है। बुधवार, 5 मई को हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर मुहर लगा दी है।

इस फैसले के बाद राज्य के 7वें वेतनमान वाले कर्मचारियों का डीए 58% से बढ़कर 60% हो गया है। यह नई दर 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, जिससे कर्मचारियों को पिछले महीनों का एरियर भी मिलेगा।

कितना होगा वेतन और पेंशन में इजाफा?

न्यूनतम मूल वेतन (19,000 रुपये) पाने वाले कर्मियों की सैलरी में 390 रुपये की वृद्धि होगी, जबकि अधिकतम वेतनमान वाले शीर्ष अधिकारियों के वेतन में 4500 रुपये प्रति माह तक का इजाफा होगा।

इसी तरह, राज्य के पेंशनरों की मासिक पेंशन में भी 250 रुपये से लेकर 2200 रुपये तक का इजाफा हो सकता है।

डीए क्यों बढ़ाया गया?

डीए में बदलाव महंगाई दर के आधार पर किए जाते हैं। केंद्र सरकार आमतौर पर अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आंकड़ों के मुताबिक साल में दो बार DA में संशोधन करती है।

बिहार सरकार की ओर से किया गया यह डीए बढ़ोतरी फैसला भी बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की वास्तविक आय पर महंगाई का असर कम किया जा सके।

महंगाई भत्ता क्या है?

महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA) सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिया जाने वाला एक अतिरिक्त भत्ता होता है। इसका उद्देश्य महंगाई बढ़ने पर कर्मचारियों की आय की क्रय शक्ति को बनाए रखना होता है।

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