DA Hike 2026: केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर जनवरी-जून 2026 के समय के लिए केंद्र से महंगाई भत्ते/महंगाई राहत में बदलाव की घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। महंगाई भत्ते (DA) की घोषणा साल में दो बार की जाती है और साल का पहला बदलाव आमतौर पर मार्च में होली के त्योहार के आसपास होता है।

अप्रैल के 15 दिन बीत जाने के बाद भी डीए की कोई घोषणा न होने पर सरकारी कर्मचारियों का एक ग्रुप आज विरोध कर रहा है और अलाउंस तुरंत जारी करने और तीन महीने का बकाया देने की मांग कर रहा है।

विरोध का प्लान

भारत के कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे एक पत्र में कॉन्फेडरेशन ऑफ़ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स (CCGEW) ने बताया है कि उससे जुड़ी यूनियनें आज काम की जगहों पर प्रदर्शन करेंगी।

पत्र में लिखा है, “यह नोटिस दिया जाता है कि जो कर्मचारी कॉन्फेडरेशन ऑफ़ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स से जुड़े संगठनों के सदस्य हैं, वे 16 अप्रैल, 2026 को सभी वर्कप्लेस पर लंच के समय प्रदर्शन करेंगे और एक प्रस्ताव भेजेंगे।”

पत्र में कहा गया है, “एक ही मांग जिसके लिए कर्मचारी ऊपर दिए गए एक्शन प्रोग्राम पर काम करेंगे, वह ‘कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 1 जनवरी, 2026 से DA/DR की बकाया किस्त की तुरंत घोषणा’ है।”

क्यों मायने रखती है देरी?

डीए साल में दो बार (आम तौर पर मार्च और सितंबर में) रिवाइज किया जाता है। हालांकि, इस बार मार्च का रिवीजन अभी तक अनाउंस नहीं किया गया है, जिसे कर्मचारी असामान्य बता रहे हैं।

अभी डीए/डीआर कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 58% है और अगले रिवीजन में इसके 2% बढ़कर 60% होने की उम्मीद है। इससे भी जरूरी बात यह है कि 31 दिसंबर, 2025 को 7वें पे कमीशन का समय खत्म होने के बाद केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के डीए/डीआर में यह पहला बदलाव होगा।

कई कर्मचारी यूनियन और रिप्रेजेंटेटिव बॉडी सरकार से अपील कर रही हैं कि ज्यादा महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों को अंतरिम राहत देने के लिए मौजूदा DA लेवल को बेसिक सैलरी में मिला दिया जाए।

डिस्क्लेमर: यह स्टोरी एम्प्लॉई यूनियन की बातचीत और पब्लिक में मौजूद डेटा पर आधारित है। डीए हाइक परसेंटेज सिर्फ इशारा है। आखिरी फैसला केंद्र सरकार लेगी और इसमें बदलाव हो सकता है।

कर्मचारियों और पेंशनर्स पर असर

इस देरी से 1.2 करोड़ से ज्यादा बेनिफिशियरी प्रभावित होंगे, जिनमें लगभग 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और लगभग 65-70 लाख पेंशनर्स शामिल हैं। कई घरों के लिए डीए महीने की इनकम का एक अहम हिस्सा है, जो महंगाई को मैनेज करने में मदद करता है। भले ही एरियर बाद में दिया जाए, देरी का मतलब है कि कम समय में कैश फ्लो कम हो जाएगा।

आज का विरोध प्रदर्शन देरी को लेकर कर्मचारियों में बढ़ती निराशा को दिखाता है। हालांकि डीए बढ़ोतरी को आम तौर पर एरियर के साथ मंजूरी दी जाती है, लेकिन अब तक कोई घोषणा न होने से चिंता बढ़ गई है।

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8वें वेतन आयोग से जुड़ी प्रक्रिया अब औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन-पेंशन ढांचे में संभावित बदलाव से पहले विभिन्न कर्मचारी यूनियनों, संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव ले रहा है। यहां पढ़ें पूरी खबर…

[डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल एम्प्लॉई यूनियन की बातचीत, मीडिया रिपोर्ट और डीए में बदलाव के पुराने ट्रेंड पर आधारित है। डीए में बढ़ोतरी, एरियर और 8वें वेतन आयोग के प्रपोज़ल सिर्फ अंदाजे के लिए हैं। डीए/डीआर में बदलाव और पे कमीशन की सिफारिशों पर आखिरी फैसला केंद्र सरकार लेगी और ये अलग-अलग हो सकते हैं।]