Crude Oil vs Petrol Price: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने मई 2026 में तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए यह फैसला लिया गया है।

हालांकि पिछले 10 साल का डेटा देखें तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों का गणित सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल से तय नहीं होता। कई बार ऐसा हुआ, जब दुनिया में कच्चा तेल सस्ता था, लेकिन देश में पेट्रोल-डीजल महंगे बने रहे। खासकर कोरोना महामारी के दौरान, जब कच्चे तेल की कीमत कई साल के निचले स्तर तक पहुंच गया था, तब भी भारत में पेट्रोल 80 रुपये प्रति लीटर के पार चला गया था।

ऐसे में सवाल उठता है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता था, तब भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम क्या थे? पिछले 10 साल के आंकड़ों से समझते हैं पूरा गणित…

2017 से अब तक: कब सस्ता हुआ तेल और भारत में क्या थे पेट्रोल-डीजल के दाम

2017 में Indian Basket crude का औसत करीब 56 डॉलर प्रति बैरल था। उस समय दिल्ली में पेट्रोल 66-69 रुपये प्रति लीटर और डीजल 55-57 रुपये प्रति लीटर के बीच था। 2018 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल तेजी से महंगा हुआ और इसका असर भारत में भी दिखा। अक्टूबर 2018 तक दिल्ली में पेट्रोल 84 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया, जबकि डीजल करीब 75 रुपये प्रति लीटर तक चला गया। उस समय कच्चे तेल की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थी।

2019 में कच्चे तेल की कीमत कुछ कम हुई और औसत कीमत करीब 60 डॉलर प्रति बैरल रही। इसके बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम में ज्यादा राहत नहीं मिली। इसके बाद 2020 में कोरोना महामारी के दौरान दुनिया भर में तेल की मांग गिर गई और Indian Basket crude का औसत करीब 44 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया लेकिन उसी दौरान दिल्ली में पेट्रोल 80 रुपये प्रति लीटर के ऊपर चला गया।

2021 और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कच्चे तेल की कीमत में फिर तेजी से बढ़ा। 2022-23 में इसका औसत करीब 93 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इसी दौरान भारत में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के ऊपर और डीजल 90 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गया। बाद में कच्चे तेल की कीमत कुछ नरम पड़ी, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ज्यादा गिरावट नहीं आई। अप्रैल 2026 तक दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर बना रहा, जबकि कई दिनों तक कच्चे तेल की कीमत 59-70 डॉलर प्रति बैरल के बीच थी।

दिल्ली में 1 अप्रैल 2026 के price buildup के अनुसार पेट्रोल की बेस कीमत 74.97 रुपये प्रति लीटर थी। इसमें 4.40 रुपये डीलर कमीशन और 15.40 रुपये VAT जोड़ने के बाद इसकी रिटेल प्राइस 94.77 रुपये प्रति लीटर पहुंची। वहीं डीजल की बेस कीमत 71.81 रुपये प्रति लीटर थी। इसमें 3.03 रुपये डीलर कमीशन और 12.83 रुपये VAT जोड़ने के बाद इसकी कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर हो गई। यानी पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत में टैक्स और दूसरे चार्ज का बड़ा हिस्सा शामिल रहता है।

क्रूड ऑयल बनाम भारत में पेट्रोल-डीजल कीमत | 10 साल का आंकड़ा

साल / अवधिIndian Basket Crude Oil ($/barrel)दिल्ली पेट्रोल कीमतदिल्ली डीजल कीमत
2017-1856.4366.29 रुपये – 69.31 रुपये55.61 रुपये – 57.54 रुपये
2018-1969.8869.97 रुपये – 84.00 रुपये62.48 रुपये – 75.69 रुपये
2019-2060.4768.84 रुपये – 75.55 रुपये62.86 रुपये – 68.22 रुपये
2020-2144.8269.59 रुपये – 91.17 रुपये62.29 रुपये – 81.47 रुपये
2021-2279.1881.41 रुपये – 105.41 रुपये71.28 रुपये – 96.67 रुपये
2022-2393.1596.72 रुपये – 105.41 रुपये89.62 रुपये – 96.67 रुपये
2023-2482.5894.72 रुपये – 96.72 रुपये87.62 रुपये – 89.62 रुपये
2024-2578.5694.77 रुपये87.67 रुपये
2025-2670.9994.77 रुपये – 98.64 रुपये87.67 रुपये – 91.58 रुपये
Apr 2026114.4894.77 रुपये87.67 रुपये
May 2026107.9699.51 रुपये92.49 रुपये

सोर्स : ppac.gov.in

ग्राफ से समझिए

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कैसे तय होती है?

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट, रिफाइनिंग लागत और तेल कंपनियों के मार्जिन के आधार पर तय होती हैं। इसके ऊपर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारें वैट लगाती हैं। डीलर कमीशन जोड़ने के बाद फाइनल रिटेल प्राइस तय होती है। देश में जून 2017 से डेली डायनामिक प्राइसिंग सिस्टम लागू है।

भारत में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई कौन करता है?

भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का आयात और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई मुख्य रूप से सरकारी और निजी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां करती हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनियां हैं, जो crude oil आयात करने के साथ उसे रिफाइन करके पेट्रोल, डीजल और LPG की सप्लाई करती हैं। वहीं निजी क्षेत्र में रिलायंस इंडस्ट्रीज और नायरा एनर्जी भी बड़ी रिफाइनिंग कंपनियां हैं।

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