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गंभीर बीमारी का बीमा लेते वक्त इन बातों का रखें ख्याल, टैक्स बचाने के साथ घर खर्च के लिए भी मिलता है पैसा

Critical Insurance Policy: यह उन परिस्थितियों में फायदेमंद साबित होता है जहां व्यक्ति कई महीनों या सालों तक काम करने में आंशिक या सम्पूर्ण रूप से असमर्थ होने पर अपनी आमदनी से हाथ धो बैठता है।

Author Updated: March 28, 2018 11:56 AM
Critical Insurance Policy:आप एक क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी को अलग से भी खरीद सकते हैं अथवा लाइफ या हेल्थ इंश्योरेंस के साथ एक राइडर के रूप में भी खरीद सकते हैं।

आदिल शेट्टी
एक जनरल हेल्थ इंश्योरेंस अक्सर आपके अस्पताल का बिल चुकाने के लिए पर्याप्त होने के बावजूद, यह कैंसर, स्ट्रोक, या हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों से सामना होने पर पड़ने वाले पैसों की जरुरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं भी हो सकता है। एक गंभीर बीमारी आपको भावनात्मक और आर्थिक दृष्टि से बर्बाद कर सकती है। लंबे समय तक इलाज चलने के कारण नौकरी छूट सकती है और आमदनी का रास्ता बंद हो सकता है, और आपकी जिंदगी भर की कमाई इलाज में खर्च हो सकती है। गंभीर बीमारी से अतिरिक्त सुरक्षा पाने का एक तरीका है – टॉप-अप इंश्योरेंस प्लान लेना। लेकिन, आर्थिक नुकसान से अपने आपको बचाने का एक अन्य प्रभावी समाधान है – क्रिटिकल इलनेस कवर खरीदना। यह इंश्योरेंस, एक गंभीर बीमारी का पता लगने पर बीमित व्यक्ति को एकमुश्त राशि का भुगतान करता है। यह लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने के कारण आमदनी के नुकसान की भरपाई करने में भी सक्षम है।

क्रिटिकल इलनेस कवर कैसे काम करता है
जनरल इंश्योरेंस के विपरीत, क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस उसकी सूची में मौजूद किसी गंभीर बीमारी का पता लगने पर एक बार में भुगतान करता है। यह उन परिस्थितियों में फायदेमंद साबित होता है जहां व्यक्ति कई महीनों या सालों तक काम करने में आंशिक या सम्पूर्ण रूप से असमर्थ होने पर अपनी आमदनी से हाथ धो बैठता है। यह इंश्योरेंस सिर्फ अस्पताल का बिल चुकाने में ही नहीं बल्कि आमदनी के नुकसान की भरपाई करने में भी मदद करता है। एक पॉलिसी के अंतर्गत कवर की जाने वाली गंभीर बीमारियों की संख्या, अलग-अलग इंश्योरेंस कंपनी में अलग-अलग होती है। आम तौर पर, एक पॉलिसी लगभग 5 से 37 बीमारियों को कवर करती है, जिसमें आम तौर पर कैंसर, बाईपास सर्जरी, किडनी फेल्योर, वाल्व रिप्लेसमेंट, ऑर्गन ट्रांसप्लांट, आंशिक या सम्पूर्ण पैरालाइसिस, इत्यादि जैसी बीमारियां शामिल होती हैं।

प्रत्येक क्रिटिकल इंश्योरेंस कवर के साथ एक प्रतीक्षा और उत्तरजीविता अवधि जुड़ी रहती है। जहां एक तरफ प्रतीक्षा अवधि का मतलब एक इंश्योरेंस खरीदने और एक गंभीर बीमारी का पता लगने के बीच का समय है, वहीं दूसरी तरफ उत्तरजीविता अवधि का मतलब एक गंभीर बीमारी का पता लगने के बाद एक व्यक्ति के जीवित रहने के दिनों की संख्या है। आम तौर पर, क्लेम पाने के लिए व्यक्ति को एक गंभीर बीमारी का पता लगने के बाद 90 दिन तक जीवित रहना जरूरी होता है।

इन बातों का रखें ख्याल
कवर का अनुमान लगाएं: आपको अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान होने वाले आमदनी के नुकसान के मामले में मॉर्गेज या EMI का भुगतान और किराए का भुगतान और गैर-विवेकाधीन खर्च जैसे खर्चों का ख्याल रखते हुए अपने लिए आवश्यक कवर के आकार का आकलन करना चाहिए। लेकिन, अपने बजट से बाहर न जाएं वर्ना आपके ऊपर आर्थिक दबाव पड़ सकता है।

उन बीमारियों पर गौर करें जो कवर की जाती हैं: अलग-अलग इंश्योरेंस कंपनियां अलग-अलग बीमारियों को कवर कर सकती हैं। कैंसर, स्ट्रोक, हार्ट अटैक, कोरोनरी संबंधी बीमारियां एक क्रिटिकल इलनेस कवर में कवर की जाने वाली प्रमुख बीमारियां हैं, फिर भी यदि आप चाहें तो उस बीमारी की जांच कर सकते हैं जिस पर आपको शक है।

क्रिटिकल इलनेस प्लान, एक हेल्थ पॉलिसी से अलग होता है: क्रिटिकल इलनेस प्लान, हेल्थ पॉलिसी की जगह नहीं ले सकता है। इसलिए पर्याप्त हेल्थ इंश्योरेंस के साथ-साथ एक क्रिटिकल इलनेस कवर भी खरीदना अच्छा होता है। क्रिटिकल इलनेस प्लान आपको आयकर अधिनियम की धारा 80 (D) के अंतर्गत टैक्स कटौती का भी फायदा देता है।

क्या आपको अलग से एक पॉलिसी खरीदनी चाहिए या एक राइडर के रूप में
आप एक क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी को अलग से भी खरीद सकते हैं अथवा लाइफ या हेल्थ इंश्योरेंस के साथ एक राइडर के रूप में भी खरीद सकते हैं। जब आप इसे एक लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ एक राइडर के रूप में खरीदते हैं तब प्रीमियम का आकार, पूरे कार्यकाल के दौरान एक जैसा रहता है। दूसरी तरफ, यदि आप इसे अलग से एक अकेली पॉलिसी के रूप में खरीदते हैं तो प्रीमियम का आकार, बढ़ती उम्र के साथ बढ़ता रहता है। लेकिन, यदि आप एक क्रिटिकल इंश्योरेंस कवर को लाइफ पॉलिसी के साथ एक राइडर के रूप में खरीदते हैं तो क्रिटिकल इलनेस कवर, लाइफ पॉलिसी बंद होने के साथ बंद हो जाएगा। इसके अलावा, एक अकेली पॉलिसी में काफी अधिक संख्या में बीमारियों को कवर किया जाता है। कोई भी उत्पाद खरीदने से पहले उससे जुड़े सभी नियमों और शर्तों को समझने के लिए पॉलिसी दस्तावेज को ध्यान से पढ़ने के बाद ही कोई उत्पाद खरीदें।
लेखक बैंकबाजार डॉट कॉम के सीईओ हैं।

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