इजरायल-ईरान युद्ध के चलते भारत में एलपीजी संकट से लोग परेशान हैं। तमिलनाडु में होटल और रेस्टोरेंट मालिकों ने समाचार एजेंसी (PTI) से बातचीत में बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच कमर्शियल कुकिंग गैस सिलेंडरों की कमी हो रही है। उनका कहना है कि यह स्थिति उन्हें COVID-19 संकट के समय की याद दिला रही है जब लॉकडाउन लगाए गए थे।
दक्षिण भारत के कई शहरों- जैसे चेन्नई और बेंगलुरु ने भी कमर्शियल लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की आपूर्ति में कमी को लेकर चिंता जताई है। केंद्र सरकार ने अस्थाई तौर पर गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को शिक्षा और अस्पताल जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता देने के कदम उठाए हैं।
यूएस-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध और Strait of Hormuz जैसे प्रमुख ऊर्जा शिपिंग मार्गों में व्यवधान के बाद पिछले शनिवार को एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई।
घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़ा दी गई। वहीं कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम 115 रुपये तक बढ़ा दिए गए।
पिछले दो दिनों से लगातार जानकारी सामने आ रही है कि कई होटल और रेस्टोरेंट्स ने कमर्शियल LPG संकट से निपटने के लिए अपने मेन्यू में खाने की चीजों की संख्या कम कर दी है ताकि गैस की खपत घटाई जा सके।
‘लौट रहे हैं कोविड-19 जैसे हालात’
एक लोकप्रिय रेस्टोरेंट चेन के चेयरमैन ने पीटीआई से कहा, “यह हमारे लिए दूसरे COVID-19 लॉकडाउन जैसा है। हम LPG सिलेंडरों के इस्तेमाल को कम कर रहे हैं। हमने खाने के आइटमों की संख्या भी घटा दी है। डोसा, चाय या कॉफी बनाने के लिए चूल्हे में लगातार LPG की सप्लाई जरूरी होती है। अभी हमने मेन्यू में आइटम कम कर दिए हैं और सीमित मात्रा में ही खाना दे रहे हैं।”
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, “मौजूदा स्टॉक के साथ हम केवल एक या दो दिन ही काम चला सकते हैं। अगर कमर्शियल LPG सिलेंडरों की सप्लाई नहीं हुई तो हमारे पास ऑपरेशन बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। यह स्थिति फिर से कोविड लॉकडाउन जैसी बनती दिख रही है।”
एक अधिकारी ने कहा, “अब तक हम बिना किसी संकट के LPG सिलेंडर की सप्लाई के साथ काम कर रहे थे। लेकिन आज हमने LPG की खपत कम करने के लिए मेन्यू में दिए जाने वाले खाने के आइटमों की सूची घटा दी है। हमने फ्राइड राइस, साइड डिश और अप्पम बनाना बंद कर दिया है, क्योंकि इन चीजों को बनाने में ज्यादा LPG लगती है। हमें नहीं पता कि यह सप्लाई संकट कितने समय तक जारी रहेगा।”
7 मार्च को तमिलनाडु होटल एसोसिएशन राज्यभर के होटल और रेस्टोरेंट का प्रतिनिधित्व करती है। केंद्र सरकार से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को कमर्शियल LPG सिलेंडरों की सप्लाई रोकने के निर्देश को वापस लेने की अपील की।
इससे एक दिन पहले 6 मार्च को सरकार ने शायद ही कभी इस्तेमाल होने वाली आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए तेल रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया था, ताकि घरेलू रसोई गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष से संभावित सप्लाई बाधाओं को रोका जा सके।
एलपीजी की सप्लाई क्यों प्रभावित हुई?
भारत हर साल करीब 31.3 मिलियन टन LPG की खपत करता है जिसमें से लगभग 62% आयात किया जाता है। इन आयातों का बड़ा हिस्सा आमतौर पर Strait of Hormuz के रास्ते आता है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण इस मार्ग पर व्यवधान पैदा हुआ है, जिससे सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है।
ईरान ने यूनाइटेड स्टेट्स और इजरायल के साथ बढ़ते हमलों और तनाव के बीच इस रणनीतिक जलमार्ग के उपयोग को सीमित कर दिया है। यह समुद्री मार्ग रोज़ाना लगभग 20 मिलियन बैरल तेल (दुनिया की खपत का करीब पांचवां हिस्सा) और वैश्विक LNG व्यापार का लगभग 20%, खासकर Qatar से आने वाली गैस को संभालता है।
