देश के आठ प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों की उत्पादन वृद्धि दर जनवरी में घटकर चार फीसद रह गई, जो पिछले वर्ष के समान माह में 5.1 फीसद थी। शुक्रवार को सरकारी की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
आंकड़ों में आर्थिक सेहत
इन बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर एक साल पहले जनवरी, 2025 में 5.1 फीसदथी जबकि दिसंबर, 2025 में यह 4.7 फीसद रही थी। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जनवरी अवधि में इन आठ बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 2.8 फीसद बढ़ा जबकि 2024-25 की समान अवधि में वृद्धि दर 4.5 फीसद रही थी।
निर्यात बढ़ाने पर जोर
वैसे भारत सरकार निर्यात बढ़ाने पर खास जोर दे रही है। इसी कड़ी में सरकार ने शुक्रवार को सात नई पहलों की शुरुआत की। इनमें ई-कॉमर्स निर्यातकों के लिए ऋण सहायता एवं वैकल्पिक व्यापार साधनों को समर्थन शामिल है। ये उपाय 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात प्रोत्साहन मिशन (Export Promotion Mission) का हिस्सा हैं।
मिशन के 10 घटकों में से तीन को जनवरी में पहले ही लागू किया जा चुका है। डिजिटल माध्यम से निर्यात करने वालों को समर्थन देने के लिए वाणिज्य मंत्रालय ने ब्याज अनुदान एवं आंशिक ऋण गारंटी के साथ ऋण सुविधाएं शुरू करने की घोषणा की है।
‘डायरेक्ट ई-कॉमर्स क्रेडिट’ सुविधा
‘डायरेक्ट ई-कॉमर्स क्रेडिट’ सुविधा के तहत 50 लाख रुपये तक सहायता 90 प्रतिशत गारंटी कवरेज के साथ उपलब्ध होगी। ‘ओवरसीज इन्वेंटरी क्रेडिट’ सुविधा के अंतर्गत पांच करोड़ रुपये तक सहायता 75% गारंटी कवरेज के साथ दी जाएगी। इस पर 2.75% ब्याज अनुदान मिलेगा जो प्रति आवेदक सालाना अधिकतम 15 लाख रुपये तक सीमित रहेगा।
