कोरोना के नए स्ट्रेन से बाजार में हाहाकार! एक मिनट में आई पांच लाख करोड़ की कमी, दो दिन के भीतर मार्केट कैप 12 लाख करोड़ रुपए घटा

‘ओमीक्रोन’ को लेकर बढ़ती चिंता तथा घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली के बावजूद सोमवार को रूपया शुरूआती कारोबार के दौरान बढ़त के साथ खुला।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटो सोर्स: Freepik)

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे ताजा स्ट्रेन “ओमीक्रॉन” के आने के बाद शेयर बाजार में हाहाकार की स्थिति देखने को मिली। शुक्रवार (28 नवंबर, 2021) को लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 258.31 करोड़ रुपए था, जिसमें पहली ही मिनट में तकरीबन पांच लाख करोड़ रुपए की कमी आ गई थी। पूरे दिन की बात करें तो शुक्रवार को इसमें साढ़े सात लाख करोड़ रुपए के आसपास की गिरावट आई थी, जबकि दो दिनों में मार्केट कैप 12 लाख करोड़ रुपए घट गया था। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार में यह सात महीने में दूसरी सबसे बड़ी गिरावट थी।

इस बीच, वित्तीय, आईटी और ऑटो जैसे बड़े शेयरों में गिरावट से सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान 30 शेयरों वाला सूचकांक 585.22 अंक या 1.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 56,521.93 पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह अडानी पोर्ट्स, टाटा मोटर्स और हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों में गिरावट के साथ निफ्टी 191.40 अंक या 1.12 फीसदी गिरकर 16,835.05 पर पहुंच गया। सेंसेक्स में सबसे अधिक 1.61 प्रतिशत की गिरावट एचडीएफ़सी में हुई। एचयूएल में 1.22 प्रतिशत और मारुती में 0.88 प्रतिशत की कमी दर्ज की है। इसके अलावा एशियन पेंट्स, बजाज ऑटो, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस और एसबीआई के शेयरों में भी गिरावट देखी गई।

वही, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रवर्तकों को 15 वर्षों के बाद निजी बैंकों में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने की अनुमति देने से इंडसइंड बैंक के शेयर एक प्रतिशत से अधिक चढ़ गए। शेयर बाजार के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुकव्वार को सकल आधार पर 5,785.83 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। कोविड-19 के नए वैरिएंट के कारण एशिया के अन्य बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई।

‘ओमीक्रोन’ से रूपए में भारी अस्थिरताः ‘ओमीक्रोन’ को लेकर बढ़ती चिंता तथा घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली के बावजूद सोमवार को रूपया शुरूआती कारोबार के दौरान बढ़त के साथ खुला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनियम बाजार में रुपया पांच पैसे की मजबूती के साथ 74.84 पर खुला और शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 74.82 के स्तर पर पहुंच गया।

हालांकि, भारी अस्थिरता के बीच स्थानीय सौदों में लाभ देर से कम हुआ, जिससे रुपया 10:35 बजे नौ पैसे की गिरावट लेकर 74.98 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 37 पैसे गिरकर महीने के सबसे कम स्तर 74.89 पर रहा। फंड के निरंतर बहिर्वाह से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।

यूरोप में कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों में वृद्धि और दक्षिण अफ्रीका में इस वायरस के एक नए स्वरूप से बढ़ती चिंताओं के कारण लॉकडाउन को लेकर निवेशकों की चिंता फिर से शुरू हो गई है। इस बीच, वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 4.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। विदेशी संस्थागत निवेशक शुकव्रार को पूंजी बाजार में शुद्ध विक्रेता थे। उन्होंने एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार 5,785.83 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की। (भाषा-पीटीआई इनपुट्स के साथ)

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