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कोरोना वायरस को लेकर अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका, 674 अंक पर टूटा सेंसेक्स, निफ्टी में भी भारी गिरारट, Sunpharma, ITC, ONGC, महिंद्रा एंड महिंद्रा में इजाफा

एनएसई का निफ्टी भी 170 अंक या 2.06 प्रतिशत टूटकर 8,083.80 अंक पर आ गया। छुट्टियों वाले कम कारोबारी सत्र वाले सप्ताह में सेंसेक्स 2,224.64 अंक या 7.46 प्रतिशत टूटा है। वहीं निफ्टी में 576.45 अंक या 6.65 प्रतिशत की गिरावट आई है। मूडीज इन्वेस्टर र्सिवस ने कोरोना वायरस संकट की वजह से भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के परिदृश्य को बदलकर नकारात्मक कर दिया है।

Author Updated: April 3, 2020 6:06 PM
कोरोनावायरस की वजह से सेंसेक्स में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।

कोविड-19 के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बीच बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली से शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 674 अंक टूट गया। इस महामारी के आर्थिक प्रभाव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे निवेशक घबराए हुए हैं। कारोबारियों ने कहा कि विदेशी कोषों की निकासी और रुपये में कमजोरी से भी बाजार धारणा प्रभावित हुई। शुक्रवार को कारोबार के दौरान रुपया टूटकर 76 प्रति डॉलर से भी नीचे चला गया था। बीएसई का 30 शेयरों का सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान एक समय 27,500.79 अंक के निचले स्तर तक आया। अंत में यह 674.36 अंक या 2.39 प्रतिशत के नुकसान से 27,590.95 अंक पर बंद हुआ।

एनएसई का निफ्टी भी 170 अंक या 2.06 प्रतिशत टूटकर 8,083.80 अंक पर आ गया। छुट्टियों वाले कम कारोबारी सत्र वाले सप्ताह में सेंसेक्स 2,224.64 अंक या 7.46 प्रतिशत टूटा है। वहीं निफ्टी में 576.45 अंक या 6.65 प्रतिशत की गिरावट आई है। मूडीज इन्वेस्टर र्सिवस ने कोरोना वायरस संकट की वजह से भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के परिदृश्य को बदलकर नकारात्मक कर दिया है। इससे बैंंिकग शेयरों में भारी बिकवाली का सिलसिला चला। सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक का शेयर सबसे अधिक 9.16 प्रतिशत टूटा। इंडसइंड बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, एसबीआई, मारुति, एचडीएफसी और एशियन पेंट्स के शेयर भी नुकसान में रहे।

वहीं दूसरी ओर सनफार्मा, आईटीसी, ओएनजीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा  और टेक महिंद्रा के शेयर लाभ में रहे। कारोबारियों ने कहा कि रोज कोरोना वायरस के नए मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में निवेशक आर्थिक मंदी की आशंका को लेकर घबराए हुए हैं। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने शुक्रवार को आगाह किया कि कोविड-19 से वैश्विक अर्थव्यवस्था को 4,100 अरब डॉलर की चोट पहुंच सकती है। इस महामारी ने अमेरिका, यूरोप और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। एडीबी का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर घटकर चार प्रतिशत पर आ जाएगी।

एमके वेल्थ मैनेजमेंट के शोध प्रमुख जोसफ थॉमस ने कहा, ‘‘भारतीय बाजार खुलने के बाद लगातार नकारात्मक दायरे में रहे। कोविड-19 की वजह से बैंंिकग क्षेत्र की रेंिटग घटाए जाने से वित्तीय कंपनियों के शेयरों में नुकसान रहा।’’ थॉमस ने कहा कि इस सप्ताह लघु अवधि में सुधार के बाद बाजार में फिर गिरावट शुरू हो गई। लेकिन यह संतोष की बात है कि गिरावट की रफ्तार में कुछ कमी आई है। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 1.17 प्रतिशत तक का नुकसान रहा।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में कोरोना वायरस संक्रमित लोगों की संख्या 2,300 को पार कर गई है। अब तक यह महामारी 56 लोगों की जान ले चुकी है। अन्य एशियाई बाजारें में चीन का शंघाई, हांगकांग का हैंग सेंग नुकसान में रहे। दक्षिण कोरिया के कॉस्पी और जापान के निक्की में मामूली बढ़त दर्ज हुई। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी नुकसान में चल रहे थे। अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में दिन में कारोबार के दौरान रुपया 55 पैसे के नुकसान से 76.15 प्रति डॉलर पर था। रूस और सऊदी अरब के बीच कीमत युद्ध समाप्त होने की उम्मीद के बीच ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 8.15 प्रतिशत चढ़कर 32.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

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