धनतेरस पर बाजार में भीड़ बनी चुनौती, कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं

दिल्ली के बाजारों में दिवाली से पहले धनतेरस की सकारात्मक शुरुआत हुई है।

धनतेरस पर बाजार में गहना खरीदती महिला।

दिल्ली के बाजारों में दिवाली से पहले धनतेरस की सकारात्मक शुरुआत हुई है। महामारी के चलते लागू प्रतिबंधों में ढील के साथ मांग में तेजी देखने को मिली। लेकिन त्योहारी रौनक की भीड़ चिंता का कारण भी बनी हुई है। खरीदारी की धुन में लोग उचित दूरी के नियम को धता बता रहे हैं। कई जगह टोके जाने पर लोग मास्क लगाते देखे जा सकते हैं। हालांकि पुलिस इस बाबत चुस्त है और 19 अप्रैल से लेकर 1 नवंबर तक तीन लाख 14 हजार 556 चलान किए जा चुके हैं।

बेसुध खरीदारी में जुटी भीड़ की फोटो सोशल मीडिया पर भी चर्चित हो रही हैं। सीटीआइ अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल की मानें तो बाजार में भीड़ का प्रबंधन करने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की है। सीटीआइ महासचिव विष्णु भार्गव ने कहा कि इस बाबत सभी जिलों के जिलाधिकारी और डीसीपी को पत्र लिखकर सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना नियमों को लेकर सख्ती बरतने की अपील भी की गई है। व्यापारी नेताओं का कहना है कि बाजार एक सार्वजनिक जगह है और कोरोना के दिशानिर्देशों का पालन कराना प्रशासन का जवाबदेही है, न कि व्यापारियों की।

सीटीआइ चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि पूर्णबंदी के बाद अब दिवाली पर बाजारों में बढ़ रही भीड़ से व्यापारियों की आंखों में चमक आई है। ऐसा लग रहा है कि कोरोना की वजह से लगाई गई पूर्णबंदी में जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कुछ हद तक हो जाए। उन्होंने कहा कई क्षेत्रों में तेजी आई है। सीटीआइ का अनुमान है कि इस दिवाली पर दिल्ली में करीब 5 हजार करोड़ रुपए का कारोबार हो सकता है।

एशिया की सबसे बड़ी बुलियन मार्केट कूचा महाजनी के व्यापारियों को उम्मीद है कि सोने की बिक्री महामारी से पहले के स्तर को हासिल कर लेगी। सोने की कीमत धनतेरस में राष्ट्रीय राजधानी में 46,000-47,000 रुपए प्रति 10 ग्राम (करों को छोड़कर) के दायरे में थी, जो इस साल अगस्त में 57,000 रुपए से अधिक के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि सोने की दर अभी भी धनतेरस 2020 के भाव 39,240 रुपए प्रति 10 ग्राम की तुलना में 17.5 फीसद अधिक दर्ज की गई। मांग बढ़ने और उपभोक्ता का रुझान बढ़ने से उन्हें इस त्योहारी मौसम में 30 फीसद वृद्धि की आशा है।

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