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श्रम आधारित क्षेत्रों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाए: वाणिज्य मंत्रालय

निर्मला ने कहा कि उनका मंत्रालय चाहता है कि जीएसटी व्यवस्था में सीमेंट उद्योग पर उचित तरीके से विचार किया जाए, क्योंकि इस उद्योग में कराधान की दर काफी ऊंची है।

Author नई दिल्ली | January 3, 2017 9:11 PM
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा महिलाएं वर्दी में सशस्त्र बलों में शामिल होने की इच्छुक हैं। (फाइल फोटो)

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद से निर्यातकों को शुरुआत में ही छूट तथा श्रम आधारित क्षेत्रों मसलन चमड़ा और बागान को पूरी तरह कर से छूट देने या उन्हें निचले स्लैब में रखने की मांग की है। परिषद की बैठक में भाग लेने के बाद वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मंत्रालय के अधिकारियों ने सदस्यों के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘चमड़ा उद्योग के लिए हम जीएसटी से पूरी छूट चाहते हैं, या फिर उन्हें निचले स्लैब में रखा जाए। हमने इसकी जोरदार तरीके से वकालत की है क्योंकि यह क्षेत्र रोजगार का सृजन करता है।’ निर्मला ने कहा कि उनका मंत्रालय चाहता है कि जीएसटी व्यवस्था में सीमेंट उद्योग पर उचित तरीके से विचार किया जाए, क्योंकि इस उद्योग में कराधान की दर काफी ऊंची है।

उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार सभी के लिए घर की योजना पर काम कर रही है। साथ ही सड़कों, बंदरगाह और अन्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के आधुनिकीकरण पर काम कर रही है। निर्मला ने कहा कि निर्यातकों को आगामी जीएसटी व्यवस्था में शुरुआत से ही छूट दी जाएगी। कॉफी जैसे बागवानी क्षेत्र के बारे में उन्होंने कहा कि अच्छा यह होगा कि इसे पूरी तरह जीएसटी से बाहर रखा जाए। यदि इसे जीएसटी में रखा भी जाता है तो यह निचले स्लैब में होना चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या वाणिज्य मंत्रालय ने सोने पर आयात शुल्क में कटौती की मांग की है, मंत्री ने कहा कि मैं सोने पर शुल्क कटौती की बात करती रही हूं क्योंकि रत्न एवं आभूषण उद्योग के लिए यह प्रमुख कच्चा माल है। उन्होंने कहा कि अंकुश रहित सोने के आयात से तस्करी भी हतोत्साहित होगी।

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