नौकरी छोड़ने वालों से परेशान हुई ये दिग्गज आईटी कंपनी, अब 1 लाख से ज्यादा लोगों को हायर करेगी

अमेरिका की आईटी कंपनी कॉग्निजेंट के दो-तिहाई कर्मचारी भारत में काम करते हैं। अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारतीय कर्मचारियों में नौकरी छोड़ने की दर 31 फीसदी रही है। आईटी इंडस्ट्री में यह सबसे ज्यादा दर है।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः unsplash)

दुनिया की दिग्गज आईटी कंपनी कॉग्निजेंट नौकरी छोड़ने वालों से परेशान हो गई है। इससे कंपनी के कामकाज पर असर पड़ रहा है। अब इस समस्या से निपटने के लिए कॉग्निजेंट ने 2021 में 1 लाख से ज्यादा अनुभवी लोगों को हायर करने की योजना बनाई है। इसके अलावा कंपनी 1 लाख से ज्यादा एसोसिएट्स को प्रशिक्षित करने की भी तैयारी कर रही है।

अमेरिकी आईटी कंपनी कॉग्निजेंट के दो-तिहाई से ज्यादा कर्मचारी भारत में हैं। दूसरी तिमाही में कॉग्निजेंट के भारतीय कर्मचारियों में नौकरी छोड़ने की दर 31 फीसदी से ज्यादा रही है। अप्रैल से जून 2021 के दौरान सभी आईटी कंपनियों में नौकरी छोड़ने की यह सबसे ज्यादा दर रही है। जनवरी से मार्च 2021 तिमाही में कॉग्निजेंट के कर्मचारियों में नौकरी छोड़ने की दर 21 फीसदी रही थी। कंपनी के पास 3 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं।

ह्यूमन रिसोर्स टीम कर रही कई प्रयास: कॉग्निजेंट की ह्यूमन रिसोर्स टीम नौकरी छोड़ने वालों के असर को कम करने के लिए कई प्रयास कर रही है। इसमें तेजी से हायरिंग, जॉइनिंग और ट्रेनिंग कार्यक्रम शामिल हैं। ह्यूमन रिसोर्स टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कॉग्निजेंट के सीईओ ब्रायन हम्फरीज ने कहा है कि हम 2021 में करीब 1 लाख अनुभवी लोगों को नौकरी देने की उम्मीद कर रहे हैं। ब्रायन ने कहा कि इसी साल 30 हजार नए ग्रुजेएट्स को भी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 2022 के लिए 45 हजार से ज्यादा नए ग्रेजुएट्स को रोजगार दिया जाएगा।

इस साल डबल डिजिट में ग्रोथ की उम्मीद: गुरुवार को दूसरी तिमाही की वित्तीय नतीजे जारी करते समय कॉग्निजेंट ने उम्मीद जताई कि इस साल कंपनी की ग्रोथ डबल डिजिट में रहेगी। कंपनी ने कहा कि इस साल मजबूत डिमांड आ रही है लेकिन नौकरी छोड़ने वालों की समस्या प्रमुख चुनौती है। दूसरी तिमाही में कॉग्निजेंट का रेवेन्यू 4.6 अरब डॉलर रहा है। एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले इसमें 14.6 फीसदी की ग्रोथ रही है। कॉग्निजेंट के इतिहास में यह अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू है।

अन्य कंपनियों में नौकरी छोड़ने वालों की दर: आईटी इंडस्ट्री में नौकरी छोड़ने वालों की सबसे ज्यादा औसत दर कॉग्निजेंट की रही है। जून तिमाही में टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज में नौकरी छोड़ने वालों की दर 8.6 फीसदी, इंफोसिस में 13.9 फीसदी, विप्रो में 15.5 फीसदी, एचसीएल टेक्नोलॉजी में 11.8 फीसदी रही है। वहीं एसेंचर ने मार्च से मई के दौरान नौकरी छोड़ने वालों की दर 17 फीसदी बताई है।

दूसरे कारोबारों पर भी फोकस कर रही हैं कंपनियां: आईटी सेक्टर में नौकरी छोड़ने वालों की संख्या सबसे बड़ी चुनौती बन रही है। यही कारण है कि अब कंपनियां दूसरे सेक्टर्स में जाने का विचार बना रही हैं। मई में एनालिस्ट्स के साथ बातचीत में कई दिग्गज आईटी कंपनियों ने कहा था कि अच्छा टैलेंट हायर करने में विफल रहने के कारण कंपनियां ऐसा करने पर विचार कर रही हैं। सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में आउटसोर्सिंग की काफी डिमांड रहती है। कोरोना महामारी के दौरान यह डिमांड और बढ़ी है।

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