ताज़ा खबर
 

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग पाकिस्तान पहुंचे, आर्थिक गलियारा परियोजना पर करार संभव

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग पाकिस्तान की अपनी पहली सरकारी यात्रा पर आज यहां पहुंचे। शी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच 46 अरब डॉलर की एक आर्थिक गलियारा परियोजना...

Author April 20, 2015 3:52 PM

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग पाकिस्तान की अपनी पहली सरकारी यात्रा पर आज यहां पहुंचे। शी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच 46 अरब डॉलर की एक आर्थिक गलियारा परियोजना तथा कुछ समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है ताकि ‘सुख-दु:ख के साथी इन दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंध और मजबूत हो सके।

चीन के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के रावलपिंडी के नूर खान हवाईअड्डे पर पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनके स्वागत के लिए हवाई अड्डे पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, सेना प्रमुख राहील शरीफ और शरीफ मंत्रिमंडल के सदस्य उपस्थित थे।

शी के विमान के पाकिस्तान के वायु क्षेत्र में प्रवेश करते ही उसे चीन की मदद से पाकिस्तान में बने जेएफ-17 थंडर विमानों की टुकड़ी ने सुरक्षा घेरा प्रदान किया।

शी के आगमन पर राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा का कड़ा इंतजाम है। शहर की सभी प्रमुख सड़कों पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

हवाईअड्डे पर चीन के राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी दी गयी। उन्होंने सलामी गारद का निरीक्षण किया और शी दम्पति के सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

शहर के रास्ते में जगह-जगह पाकिस्तान-चीन दोस्ती जिंदाबाद के पोस्टर लगे थे। दोनों पक्षो के बीच औपचारिक वार्ताओं के बाद देश चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) समझौते पर हस्ताक्षर किये जाने की उम्मीद है। जिस परियोजना के तहत चीन के अल्पविकसित पश्चिमी क्षेत्र को पाक अधिकृत कश्मीर के रास्ते पाकिस्तान के अरब सागर से जुड़े ग्वादार बंदरगाह को सड़कों, रेलवे, व्यावसायिक पट्टियों, ऊर्जा योजनाओं और पेट्रोलियम पाइपलाइनों के मिश्रित नेटवर्क से जोड़ा जाना है।

पाकिस्तान के योजना एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल ने कहा कि सीपीईसी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 46 अरब डॉलर है। उन्होंने कहा ‘‘यह कोई एक परियोजना नहीं है बल्कि इसमें ऊर्जा उत्पादन, बुनियादी ढांचा विकास और कारोबारी क्षेत्र से जुड़ी कई परियोजनाएं शामिल हैं।’’

शुरुआत में ध्यान बिजली पर रहेगा और कुछ परियोजनाएं तीन साल में तैयार हो जाएंगी। इनसे करीब 10,400 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा।

शी पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन से मिलेंगे जो उनके सम्मान में भोज का आयोजन करेंगे। उन्हें पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान – निशान-ए-पाकिस्तान – से सम्मानित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, शी से वार्ता करेंगे और उसके बाद दोनों देशों में विभिन्न समझौते पर हस्ताक्षर किए जायेंगे। शी चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के महासचिव भी हैं।

अहसान ने कहा कि 28 अरब डॉलर की परियोजनाएं तैयार हैं और इनमें से कुछ परियोजनाओं के काम की शुरुआत की भी औपचारिकता हो सकती है। सीपीईसी से पाकिस्तान में बड़े आर्थिक बदलाव की उम्मीद है।

चीन ने अपने अशांत मुस्लिम बहुल शिचियांग प्रांत और पाकिस्तान में तालिबान के खतरे के बावजूद इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

इस गलियारे को 1979 के काराकोरम राजमार्ग के बाद दोनों देशों के बीच सबसे बड़ी संपर्क परियोजना करार दिया जा रहा है। यह पश्चिम एशिया से तेल-गैस आयात का मार्ग छोटा हासिल करने की चीन की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है।

चीन ने पाक अधिकृत कश्मीर के जरिए इस 3,000 किलोमीटर के गलियारे के निर्माण पर भारत की चिंता को दरकिनार करते हुए कहा कि यह वाणिज्यिक परियोजना है।

शी ने कल कहा था कि पाकिस्तान की उनका यह पहला दौरा ‘अपने भाई’ के घर जाने जैसा है। साथ ही उन्होंने अपने देश के ‘‘सुख-दु:ख के साथी’’ पाकिस्तान के साथ रणनीतिक गठजोड़ मजबूत करने का भी संकल्प जताया।

शी की इस यात्रा में चीन की ओर से पाकिस्तान को आठ आधुनिकतम पनडुब्बियां दिये जाने के चार-पंच अरब डॉलर के रक्षा समझौते पर भी हस्ताक्षर किये जा सकते हैं। इससे पाकिस्तान का पनडुब्बियों का बेड़ा दो गुना से भी अधिक बढ़ जाएगा।

Next Stories
1 2जी घोटाला: सीबीआई ने नई एफ़आईआर के लिये सुप्रीम कोर्ट से मांगी इजाज़त
2 करदाताओं को देनी होगी सभी बैंक खातों, विदेश यात्रा की जानकारी
3 ऑनलाइन रिटर्न के बाद नहीं भेजना होगा डाक से दस्तावेज़
आज का राशिफल
X