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राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आलोचना करने वाले कारोबारी को चीन में 18 साल की जेल, जानें- किस मामले में फंसे

रेन के समर्थकों का कहना है कि उन्हें इतनी लंबी सजा दिए जाने की वजह यही है कि उन्होंने शी जिनपिंग की आलोचना की थी। समर्थकों का कहना है कि रेन को सजा के जरिए शी जिनपिंग प्रशासन ने एक तरह से अपने विरोधियों को चेतावनी देने की कोशिश की है।

Author Edited By यतेंद्र पूनिया नई दिल्ली | Updated: September 22, 2020 12:41 PM
ren zhiqiyangरेन झिकियांग को हुई 18 साल की जेल

चीन में अकसर राजनीतिक मुद्दों पर मुखरता से अपनी राय रखने वाले कारोबारी रेन झिकियांग को 18 साल जेल की सजा सुनाई गई है। घूसखोरी के मामले में उन्हें यह सजा दी गई है। कुछ महीने पहले ही उन्होंने कोरोना वायरस के संकट से निपटने को लेकर राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आलोचना करते हुए एक आर्टिकल लिखा था। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक हुआयुआन प्रॉपर्टी कंपनी के पूर्व चेयरमैन रेन झिकियांग ने 4 आरोपों में अपनी गलती मानी थी, जिसके बाद उन्हें यह सजा सुनाई गई। इसके अलावा रेन झिकियांग को चीनी राष्ट्रपति की आलोचना करने के जुर्म में 4.2m युआन का जुर्माना भी भरना होगा।

झिकियांग पर भ्रष्टाचार और पद के गलत इस्तेमाल का भी आरोप था। बीजिंग की इंटरमीडिएट पीपल्स कोर्ट ने कहा कि झिकियांग को 2003 से 2017 के दौरान 132 मिलियन युआन की घूस लेने का दोषी पाया गया है। चीन के स्टेट मीडिया आउटलेट ग्लोबल टाइम्स के अनुसार बीजिंग की कोर्ट ने रेन झिकयांग को भ्रष्टाचार, घूसखोरी और पब्लिक फंड के गबन का दोषी पाया है। हालांकि रेन के समर्थकों का कहना है कि उन्हें इतनी लंबी सजा दिए जाने की वजह यही है कि उन्होंने शी जिनपिंग की आलोचना की थी। समर्थकों का कहना है कि रेन को सजा के जरिए शी जिनपिंग प्रशासन ने एक तरह से अपने विरोधियों को चेतावनी देने की कोशिश की है।

यह भी कहा जा रहा है कि रेन झिकयांग ने आरोपों को स्वीकार लिया है और वह कोर्ट के निर्णय को चुनौती नहीं देंगे। रेन झिकियांग के मित्र साइ शिया ने कहा, ‘रेन पर आर्थिक अपराधों के तहत सजा देकर सरकार ने एक तरह से अन्य लोगों को चेतावनी देने का काम किया है। यह एक तरह से एक व्यक्ति को मारकर सैकड़ों लोगों को चेतावनी देने जैसा है।’

रेन झिकियांग मार्च 2020 में राष्ट्रपति शी जिनपिंग का आलोचनात्मक आर्टिकल लिखने के बाद से गायब चल रहे थे। हालांकि उन्होंने इसमें सीधे तौर पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का नाम नहीं लिया था परन्तु ऐसा माना जा रहा है उनका निशाना जिनपिंग पर ही था। रेन झिकियांग को कम्युनिस्ट पार्टी के विचारों का विरोधी माना जाता है। रेन झिकियांग ने कोरोनावायरस महामारी के नियंत्रण को लेकर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर निशाना साधा था। इस आर्टिकल के पब्लिकेशन के बाद रेन झिकयांग पर सस्पेक्टेड सीरियस डिसीप्लिनरी वायलेशन के तहत जांच शुरू हुई थी।

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