ताज़ा खबर
 

चीनी अखबार ने नोटबंदी को बताया फेल, कहा- मंगल पर घर देने के वादे जैसी थी पीएम मोदी की घोषणा

अखबार ने कहा कि नोटबंदी से सिर्फ भ्रष्‍टाचार बढ़ा है। उसने लिखा, ''यह पूरी कवायद बिना किसी तर्क या समझ के चलाई गई।''

Author January 25, 2017 7:26 PM
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (Source: PTI File)

चीन के एक प्रमुख अखबार ने भारत में नोटबंदी को ‘बड़ी असफलता’ बताया है। अखबार ने बुधवार को लिखा कि नरेंद्र मोदी सरकार के इस फैसले से देश की अर्थव्‍यवस्‍था कम से कम 10 साल पीछे चली गई है। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने अपने संपादकीय में लिखा है कि 8 नवंबर को मोदी द्वारा 500 और 1,000 रुपए के नोट बंद करने की घोषणा ‘बेघर लोगों को एक महीने के समय में मंगल पर घर देने जैसे वादे’ जैसी थी। अखबार ने लिखा है कि ‘नोटबंदी… एक बड़ी असफलता के रूप में सामने आई है। ”नोटबंदी वैसी ही है जैसे बेघर लोगों को एक महीने के भीतर मंगल पर घर बनाने का वादा करना।” अखबार ने लिखा, ”दुर्भाग्‍य से, वास्‍तविकता यह है कि नोटबंदी ने भारतीय अर्थव्‍यवथा को कम से कम एक दशक पीछे ढकेल दिया है, जिससे नौकरियां कम हो रही हैं। इसके अलावा, इस फैसले से बुजुर्ग नागरिकों को गंभीर मानसिक और शारीरिक कष्‍ट झेलना पड़ा जिन्‍होंने बैंक की कतारों में घंटों बिताए, उनमें से कुछ की मौत भी हो गई।”

अखबार ने लिखा है कि नोटबंदी के बाद से देश की 86 फीसदी करंसी अवैध हो गई थी जिसके बाद नकदी का अभूतपूर्व संकट देखने को मिला था। नई दिल्‍ली ने पुरानी करंसी की जगह पर नए 2,000 रुपए और 500 रुपए के नोट जारी किए थे। टाइम्‍स ने डिजिटल लेन-देन की तरफ जाने की अपीलों के बीच भारतीयों को रही समस्‍या पर भी बात रखी है। अखबार ने लिखा, ”बिना आधारभूत संरचना तैयार किए भारत कैसे रातोंरात कैश आधारित अर्थव्‍यवस्‍था से डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था में बदल सकता है?”

अखबार ने कहा कि नोटबंदी से सिर्फ भ्रष्‍टाचार बढ़ा है। उसने लिखा, ”यह पूरी कवायद बिना किसी तर्क या समझ के चलाई गई।” भारतीय पत्रकार बरखा दत्‍त ने वॉशिंगटन पोस्ट में लिखे एक लेख में भी कुछ ऐसी ही बात कही थी। उन्‍होंने लिखा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को 1970 के दशक में पहुंचा दिया है।

“पीएम मोदी ने देश पर ‘न्यूक्लियर बॉम्ब’ गिराया”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X