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चीन खरीद रहा है यूरोप की बड़ी कंपनियां

चीनी कंपनियां पूर यूरोप में फर्मों की खरीदारी मे जुटी हुई हैं। उनका निवेश व्यापक और विविधतापूर्ण है।
Author नई दिल्ली | September 26, 2016 06:30 am
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। (फाइल फोटो)

चीनी कंपनियां पूर यूरोप में फर्मों की खरीदारी मे जुटी हुई हैं। उनका निवेश व्यापक और विविधतापूर्ण है। चीनी निवेश खेल के मैदान से लेकर रोबोट और बैकिंग क्षेत्र तक है। लगभग सभी प्रमुख देशों में चीनी कंपनियां कदम धर चुकी हैं। चीनी अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार यूरोप में हर क्षेत्र खरीदने की जैसी इच्छाशक्ति चीनी कंपनियों में दिखाई दे रही है, वैसी किसी और देश की कंपनियों में नहीं। हालांकि इस खरीदारी से यूरोपीय मुल्कों में चिंता भी है लेकिन चीनियों के लिए यूरोपीय कंपनियां खरीदना मुनाफे का सौदा है।
चीन में द यूरोपीयन यूनियन चैंबर आॅफ कॉमर्स के कई कार्यकारी मौजूद हैं। वे यहां चीनी औद्योगिक क्रांति पर चर्चा कर रहे हैं. चैंबर के अध्यक्ष जॉर्ज वुट्टके ने कहा कि लगता है चीनियों के पास बड़ी लंबी खरीदारी सूची मौजूद है।

उन्होंने कहा इससे यूरोप के चेहरे पर शिकन भी है। इसका एक ही मतलब है कि क्या लाल चीन समूचे यूरोप को खरीदने जा रहा है?
चीनी उपकरण निर्माता कंपनी मीडिया ग्रुप ने मई महीने में एलान किया कि उसका इरादा जर्मनी की रोबोट कंपनी कुका को खरीदने का है। कुका को खरीदने की पेशकश पांच अरब डॉलर की है। चीनी कंपनी की कुका में दिलचस्पी की वजह चीनी औद्योगिक बाजार में रोबोट की अहमियत बढ़ना है। 2014 में चीन में औद्योगिक रोबोट का बाजार 32 अरब डॉलर के वैश्विक रोबोट बाजार का 27 फीसद था। जॉर्ज वुट्टके ने कहा कि चीनी निवेशक के लिए यूरोप में एक हवाई अड्डा खरीदना सामान्य बात है लेकिन किसी यूरोपीय कंपनी के लिए यही चीन में करना अकल्पनीय है।वुट्टके लंबे समय से चीन में यूरोपीय कंपनियों के साथ बराबरी के बर्ताव की वकालत करते रहे हैं।

 

 

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