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बैंक अलर्ट के बाद भी नहीं बदला अपना ATM पासवर्ड? बदल लीजिए, जानिए क्‍यों जरूरी है?

अगर ऐसा कोई अलर्ट ना भी मिला हो तब भी सुरक्षा के लिहाज से ऐसा कर लेना बेहतर होगा। क्योंकि इसके पीछे बड़ी वजह है।

इस चेतावनी के पीछे संभावना जताई जा रही है कि कुछ प्राइवेट सेक्टर के बैंक एटीएम से डेटा लीक हो गया है।

अगर आपको भी पिछले कुछ हफ्तों में बैंक की ओर से एटीएम पिन बदलने को लेकर कोई अलर्ट आया था, तो उसे एक रुटीन चेतावनी समझकर इग्नोर मत कीजिएगा। जितना जल्दी हो सके अपने एटीएम पिन को बदल दीजिए। बल्कि अगर ऐसा कोई अलर्ट ना भी मिला हो तब भी सुरक्षा के लिहाज से ऐसा कर लेना बेहतर होगा। दरअसल एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक HDFC, Yes Bank, Federal Bank और DBS जैसे बैंको ने अपने ग्राहकों को चेतावनी जारी की है। PWC India के साइबर सिक्योरिटी सर्विसेज के लीडर शिवराम कृष्णन ने कहा, “इस चेतावनी के पीछे संभावना जताई जा रही है कि कुछ प्राइवेट सेक्टर के बैंक एटीएम से डेटा लीक हो गया है।”

कृष्णन ने कहा, “Visa और MasterCard ने पुष्टि की है कि हार्टवेयर सिक्योरिटी मोड्यूल (HSM) से छेड़छाड़ की गई है। इसका मतलब है कि ना सिर्फ उस बैंक के कार्ड होल्डर्स का पिन नंबर लीक हुआ होगा, बल्कि उस एटीएम का इस्तेमाल कर चुके दूसरे ग्राहकों के लिए भी परेशानी हो सकती है। इसलिए डर है कि अगर डेटा चला गया होगा तो ग्राहकों के एटीएम का क्लोन तैयार करके पैसे निकाले जा सकते हैं।”

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उन्होंने बताया कि चूंकि अधिकतर लोग एक ही पिन का इस्तेमाल अपने कई क्रेडिट कार्ड्स, मोबाइल के लिए भी करते हैं, ऐसे में उस पिन को चुराने वाले धोखेबाज आपके और भी चीजों को एक्सेस कर सकते हैं। यूं तो ATM को बैंक द्वारा लगातार मोनिटर किया जाता है, यही वजह है कि एटीएम का इस्तेमाल करते हुए ग्राहक सुरक्षित महसूस करते हैं। लेकिन हर जगह यह उतना भी सुरक्षित नहीं है। दरअसल भारत में करीब 70 फीसदी एटीएम में पुराने हो चुके ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) का इस्तेमाल हो रहा है, ऐसे में चोरों के लिए उसे हैक करना थोड़ा आसान हो जाता है।

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