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बकाया न चुकाने पर BSNL ऑफिसेज की बिजली कटने का खतरा, केंद्र को देना पड़ा दखल

बीएसएनएल पर बिजली बिल के भुगतान का दबाव है। बकाया राशि नहीं चुकाने की सूरत में बिजली काटे जाने का डर है। ऐसे में केंद्र की तरफ से दखल देते हुए लोकसभा चुनाव तक बिजली नहीं काटने के लिए कहा गया है।

बीएसएनएल का बंपर ऑफर। (फाइल फोटो/ इंडियन एक्सप्रेस)

टेलिकॉम कंपनी भारतीय संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की आर्थिक हालत ऐसी है कि वह बिजली का बिल नहीं चुका पा रही है। स्थित की गंभीरता को देखते हुए टेलिकॉम विभाग (DoT) ने दिल्ली सरकार से अनुरोध किया है कि वह लोकसभा चुनाव के दौरान BSNL/MTNL की बिजली नहीं काटे। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के सचिव को लिखी एक चिट्ठी में DoT ने कहा है, “BSNL बाजार में जारी टेलिकॉम कंपनियों के संघर्ष की वजह से घाटा झेल रही है। इसी वजह से स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड को बिजली का बकाया भुगतान करने में देरी हुई।”

DoT ने कहा है कि लोकसभा चुनावों की प्रक्रिया में BSNL/MTNL रणनीतिक सहायता सरकारी मशीनरी को मुहैया करा रही है। मामले में केंद्र की तरफ से दखल देते हुए कहा गया कि जब तक चुनाव चल रहे हैं, तब तक बीएसएनएल की बिजली नहीं काटी जाए। इस संदर्भ में राज्य के सचिव को अवगत कराते हुए यह बात कही गई है। राज्य सचिव से कहा गया है कि वह चुनाव तक बिजली काटने की जहमत न उठाएं।

गौरतलब है कि पैसे की कमी की वजह से BSNL ने अपनी बिजली के बिल का भुगतान नहीं कर पा रहा है। लिहाजा, बिजली कंपनियां बकाया धनराशि को देखते हुए बीएसएनएल से बिजली कनेक्शन काटने पर आमादा हैं। खराब हालत को देखते हुए हाल ही में DoT ने बीएसएनएल कर्मचारियों की सैलरी देने में मदद की थी। इस दौरान डिपार्टमेंट की तरफ से 171 करोड़ रुपये की बकाया सैलरी दी गई। इसके अलावा DoT ने बीएसएनएल को अतिरिक्त रूप से 3,500 करोड़ की धनराशि भी दी है।

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