केंद्र सरकार के 1.2 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए जरूरी खबर है। नेशनल काउंसिल जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग को 51 पन्नों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है, जिसमें कई मुख्य मांगें बताई गई हैं। इनमें सबसे अहम मांग 3.833 के फिटमेंट फैक्टर की है। अगर इसे लागू किया जाता है, तो इससे वेतन में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।

नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी क्या है?

नेशनल काउंसिल ऑफ़ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) केंद्र सरकार और उसके कर्मचारियों के बीच बातचीत के लिए एक आधिकारिक मंच के तौर पर काम करती है। इसमें कर्मचारी संगठनों और सरकारी अधिकारियों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। इसका मुख्य काम वेतन, भत्ते, सेवा शर्तों और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना और सरकार को सुझाव देना है।

JCM स्टाफ साइड के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने X (Twitter) पर एक अपडेट शेयर करते हुए बताया कि ज्ञापन तय समय सीमा से पहले ही जमा कर दिया गया है।

क्या हैं ज्ञापन में बताई गई मुख्य मांगें?

शिव गोपाल मिश्रा के मुताबिक, यह ज्ञापन कर्मचारियों की बदलती जरूरतों और बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें कई बड़े बदलावों का प्रस्ताव है –

फिटमेंट फैक्टर

सबसे अहम प्रस्ताव फिटमेंट फैक्टर को मौजूदा 2.57 (7वें वेतन आयोग के मुताबिक) से बढ़ाकर 3.833 करने का है। अगर इसे लागू किया जाता है, तो इससे कर्मचारियों के मूल वेतन में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।

न्यूनतम वेतन को 18,000 रुपये से बढ़ाकर लगभग 69,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
अधिकतम वेतन को 2,15,000 रुपये पर तय करने की मांग की गई है।

परिवार इकाई में बड़े बदलाव

परिवार का आकार 3 सदस्यों से बढ़ाकर 5 सदस्यों तक करने की मांग की गई है।
इन बदलावों का भत्तों और न्यूनतम वेतन की गणना पर सीधा असर पड़ेगा।

सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाने का प्रस्ताव

सालाना इंक्रीमेंट की दर को बढ़ाकर 6% करने की मांग है।

वेतनमानों में बड़े ढांचागत बदलाव

मेमोरेंडम में वेतन ढांचे को आसान बनाने के लिए कई वेतनमानों को आपस में मिलाने का प्रस्ताव है:

– वेतनमान 2 और 3 → नया वेतनमान 2
– वेतनमान 4 और 5 → नया वेतनमान 3
– वेतनमान 6 → नया वेतनमान 4 (संशोधित)
– वेतनमान 7 और 8 → नया वेतनमान 5
– वेतनमान 9 और 10 → नया वेतनमान 6

इसका उद्देश्य वेतन ढांचे को सुव्यवस्थित करना और ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों तक लाभ पहुंचाना है।

महिलाओं और पेंशनभोगियों पर विशेष ध्यान

मेमोरेंडम में महिला कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से भी प्रस्ताव शामिल हैं—जिनमें समानता, बेहतर पारिवारिक लाभ और मजबूत वित्तीय सुरक्षा पर जोर दिया गया है।

क्या है फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर एक गुणक है जिसका इस्तेमाल मौजूदा मूल वेतन को गुणा करके नया मूल वेतन निकालने के लिए किया जाता है। यह फैक्टर जितना ज्यादा होगा, वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी भी उतनी ही ज्यादा होगी। उदाहरण के लिए अगर 3.833 का फैक्टर लागू किया जाता है, तो 18,000 रुपये का मूल वेतन बढ़कर लगभग 69,000 रुपये हो सकता है।

8वें वेतन आयोग के लिए आगे क्या है?

फिलहाल ये प्रस्ताव केवल सिफारिशें हैं। अंतिम निर्णय सरकार और वेतन आयोग का होगा, जब उसका गठन किया जाएगा। हालांकि, अगर मुख्य मांगें (जैसे कि 3.83 का फिटमेंट फैक्टर) मान ली जाती हैं, तो इससे लाखों केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की इनकम में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।

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8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी प्रक्रिया अब औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन-पेंशन ढांचे में संभावित बदलाव से पहले विभिन्न कर्मचारी यूनियनों, संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव ले रहा है। यहां पढ़ें पूरी खबर…

[ डिस्क्लेमर: यह लेख राष्ट्रीय परिषद (JCM) के कर्मचारी पक्ष द्वारा जमा किए गए मेमोरेंडम और उसके प्रतिनिधियों द्वारा साझा किए गए बयानों पर आधारित है। यहां बताए गए प्रस्ताव केवल सुझाव हैं और इन्हें केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी नहीं दी गई है। यहां दिए गए कोई भी आंकड़े, गणनाएं या अनुमान केवल सांकेतिक प्रकृति के हैं और इनका उद्देश्य केवल स्पष्टीकरण देना है। वेतन, भत्तों और पेंशन में होने वाले वास्तविक बदलाव पे कमीशन की सिफारिशों और सरकार द्वारा उन्हें स्वीकार किए जाने पर निर्भर करेंगे। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे पक्की जानकारी के लिए आधिकारिक सूचनाओं या सरकारी विज्ञप्तियों को देखें। ]