DA hike news: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक पर आज सभी की नजरें टिकी हुई हैं। सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह जनवरी-जून 2026 की अवधि के लिए 1.2 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA)/ महंगाई राहत (DR) में बढ़ोत्तरी पर फैसला लेगी।
अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो यह उन कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा जो 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन और पेंशन में संशोधन का भी इंतजार कर रहे हैं।
आज की कैबिनेट बैठक क्यों महत्वपूर्ण है और क्यों हो सकता है डीए का ऐलान…
समय का पैटर्न
- जनवरी अवधि के लिए DA बढ़ोतरी आमतौर पर मार्च के आसपास अक्सर होली से पहले या उसके आसपास मंजूर की जाती है। हाल के वर्षों में यह घोषणा 28 मार्च 2025 और 12 मार्च 2024 को हुई थी।
मार्च की आखिरी कैबिनेट बैठक
यह मार्च महीने की आखिरी कैबिनेट बैठक होने की संभावना है, इसलिए जनवरी संशोधन की घोषणा के लिए समय कम होता जा रहा है। इसलिए आज डीए बढ़ोत्तरी की संभावना काफी ज्यादा है।
डीए में कितनी हो सकती है बढ़ोत्तरी?
उपलब्ध महंगाई के आंकड़ों के आधार पर, सरकार DA में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे सकती है जिससे यह 58% से बढ़कर 60% बेसिक वेतन का हो जाएगा।
यह गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) से जुड़ी होती है जिसे लेबर ब्यू जारी करता है। दिसंबर 2025 के लिए यह इंडेक्स 148.2 रहा जिसके आधार पर मौजूदा फॉर्मूला के तहत DA लगभग 60.34% बनता है। चूंकि दशमलव (decimal) को नजरअंदाज किया जाता है। इसलिए अंतिम भुगतान योग्य डीए 60% ही माना जाएगा।
डीए कैसे कैलकुलेट किया जाता है?
डीए मनमाने तरीके से तय नहीं किया जाता है। यह महंगाई के रुझानों के आधार पर एक निर्धारित फॉर्मूले का पालन करता है।
-सरकार CPI-IW के जरिए खुदरा महंगाई को ट्रैक करती है
-इस इंडेक्स का 12 महीने का औसत लिया जाता है
-अंतिम प्रतिशत यह दर्शाता है कि कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है
-इसका मकसद महंगाई के असर से वेतन और पेंशन की क्रय शक्ति (purchasing power) को बचाना है
-इसी वजह से DA में संशोधन साल में दो बार- जनवरी और जुलाई में किया जाता है
यह बढ़ोतरी क्यों महत्वपूर्ण है
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 2% की बढ़ोतरी भी साफ असर डालती है क्योंकि इससे हर महीने मिलने वाली सैलरी (take-home salary) बढ़ती है और पेंशन भुगतान (Dearness Relief या DR) में भी इजाफा होता है।
DA/DR में यह इजाफा बढ़ती महंगाई के बीच रोजमर्रा के खर्चों से राहत देने का काम करती है।
7वें वेतन आयोग के बाद पहला DA संशोधन
डीए में होने वाली यह बढ़ोत्तरी इसलिए भी खास है क्योंकि यह 7th Pay Commission के कार्यकाल के 31 दिसंबर 2025 को औपचारिक रूप से समाप्त होने के बाद की पहली बढ़ोत्तरी है।
फिलहाल फॉर्मूला पहले की तरह ही लागू है। लेकिन सातवें वेतन आयोग के बाद पहला DA रिवीजन होने की वजह से इसकी अहमियत और बढ़ जाती है।
