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कावेरी जल विवाद: कर्नाटक को अब तक 25 हजार करोड़ का नुकसान, आर्थिक जगत ने जताई चिंता

उद्योग संगठन ने कहा है कि प्रधानमंत्री को कर्नाटक और तमिलनाडु के साथ बातचीत कर समस्या का शांतिपूर्ण समाधान निकालना चाहिये।

Author नई दिल्ली/कोयम्बटूर | September 13, 2016 9:02 PM
प्रदर्शनकारियों द्वारा फूंकी गईं बसें। (Source: PTI)

उद्योगमंडल एसोचैम का अनुमान है कि तमिलनाडु के साथ कावेरी जल विवाद में आंदोलन और हिंसा तथा तोड़फोड की घटनाओं के चलते कर्नाटक को करीब 20-25 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने आज एक बयान में यह अनुमान जारी करते हुए कहा, ‘.. खास कर कर्नाटक की राजधानी बेंगलूर में जिस तरह हिंसा भड़की है उससे व्यापार उद्योग जगत का मनोबल गिरा है। भारत की सिलिकन वैली कहे जाने वाले बेंगलूर शहर की छवि इस हिंसा से बिगड़ी है।’ कोयंबतूर (तमिलनाडु) में इंडियन चैम्बर आफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्री (इक्की) ने कावेरी नदी जल विवाद के मुद्दे पर हो रही हिंसा को रोकने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हस्तक्षेप की आज मांग की। उद्योग संगठन ने कहा है कि प्रधानमंत्री को कर्नाटक और तमिलनाडु के साथ बातचीत कर समस्या का शांतिपूर्ण समाधान निकालना चाहिये।

इक्की की अध्यक्ष वनीता मोहन ने यहां जारी एक वक्तव्य में कहा है, ‘‘तमिलनाडु में पंजीकृत नंबर की 50 से अधिक बसों और कई अन्य वाहनों को जलाने, तमिल भाषी लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की हिंसा की घटनायें निंदनीय है।’’ वनीता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मामले में हस्तक्षेप करते हुये कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों के साथ बातचीत करनी चाहिये और मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान निकालना चाहिये।’’ उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के युवा बड़ी संख्या में कर्नाटक में आईटी कंपनियों में काम बैंगलूरू में काम करते हैं। उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री से इन युवाओं की सुरक्षा के लिये कदम उठाने का आग्रह किया। वनीता ने राज्य में कानून एवं व्यवस्था को बनाये रखने के लिये कर्नाटक सरकार से कड़े कदम उठाने का आग्रह किया है।

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