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1834 में हुआ था दुनिया का पहला कार एक्सीडेंट, जानिए ऑटोमोबाइल जगत की कुछ ऐसी ही रोचक बातें

पहियों के अविष्कार से लेकर कारों के निर्माण तक, ऑटोमोबाइल जगत में बहुत ही रोचक घटनाएं घटित हुई हैं। हिटलर से लेकर कार्ल बेंज तक ने ऑटोमोबाइल की इस दुनिया को बहुत कुछ दिया है।

Author Updated: May 10, 2019 10:36 AM
प्रतिकात्मक तस्वीर: दुनिया में सबसे पहला एक्सीडेंट ओहियो शहर में हुआ था।

Automobile World’s Interesting Facts: ऑटोमोबाइल की दुनिया भी एक से बढ़कर एक रोचक बातों से भरी पड़ी है। जितना एडवांस इसका वर्तमान है उतना ही दिलचस्प इसका इतिहास भी है। क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर दुनिया में पहली बार किसी कार का एक्सीडेंट कब हुआ होगा? या फिर क्रूर तानाशाह हिटलर का फॉक्सवैगन से क्या नाता है? ऐसे ही ढ़ेर सारे सवालों का जवाब लेकर आज हम आपके पास आए हैं। तो आइये जानते हैं ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें  —

पहिए का अविष्कार: सबसे पहले बात करते हैं पहिए की, हालांकि इसकी कोई पक्की तारीख नहीं है लेकिन पहियों का अविष्कार तकरीबन 3500 ईसा पूर्व हुआ था। इसके पहले यातायात के साधन के तौर पर जानवरों का इस्तेमाल किया जाता था। बता दें कि, पहिए के पहले इंसानों ने आग, बांसूरी और शराब तक का अविष्कार कर लिया था।

एक संत ने की थी कारों की भविष्यवाणी: 1200 वी शताब्दी में एक फ्रांसीसी संत रॉजर बेकन ने सबसे पहली बार कारों की भविष्यवाणी की थी। उन्होनें कहा था कि भविष्य में ऐसे वाहन तैयार किए जाएंगे जिन्हें चलाने के लिए किसी जानवर की जरूरत नहीं पड़ेगी। उस दौर में घोड़ा गाड़ी इत्यादि का चलन हुआ करता था। बेकन ने अपनी भविष्यवाणी में जहाज, स्टीमर, सबमरीन और स्कूबा डाइविंग सूट्स के बारे में भी जिक्र किया था।

Carl Benz ने नहीं किया है कारों का अविष्कार: ज्यादातर लोग मानते हैं कि कारों का निर्माण कार्ल बेंज ने किया है। लेकिन ऐसा नहीं है, सन 1769 में निकोलस जोसेफ नॉट ने पहली सेल्फ प्रोपेल्ड वाहन का निर्माण किया था। इस वाहन में स्टीम इंजन लगाया गया था।

कारों का 95 प्रतिशत जीवन पार्किंग में कटता है: आपको शायद ये जानकर हैरानी होगी कि औसतन कारों का 95 प्रतिशत जीवन पार्किंग में खड़े खड़े ही कट जाता है। यानी कि वो अपनी पूरी लाइफ की महज 5 प्रतिशत ही सड़कों पर दौड़ पाती हैं। इसलिए कारों के पार्किंग पर विशेष ध्यान देना चाहिएं।

अंधा था क्रूज कंट्रोल का अविष्कारक: आज के समय की कारों में क्रूज कंट्रोल काफी मशहूर है। इस फीचर का अविष्कार करने वाले राल्फ टीटर 5 वर्ष की उम्र से ही अंधे थें। उन्होनें पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया था। बाद में उन्होनें ऑटोमोटिव पार्ट का व्यवसाय शुरू किया। एक बार वो अपने वकील के साथ कार में यात्रा कर रहे थें, उस दौरान कार की स्पीड बार बार कम ज्यादा हो रही थी, जिससे उन्हें बात करने में परेशानी हो रही थी। यही बात उनके जेहन में बैठ गई और उन्होनें क्रूज कंट्रोल फीचर का इजाद किया।

हिटलर ने बनवाई थी फॉक्सवैगन बीटल: दुनिया भर में अपने क्रूर तानाशाही रवैये के लिए मशहूर एडोल्फ हिटलर ने जर्मनी के लोगों के लिए कम कीमत में उपयोगी कार बनाने का सपना देखा था। उन्होनें उस वक्त के मशहूर इंजीनियर Ferdinand Porsche को ऐसी ही कार बनाने का ऑर्डर दिया था, जिसे बीटल नाम दिया गया।

एक कार में लगते हैं 30,000 पार्टस: सामान्य तौर पर​ किसी कार में कम या ज्यादा हो सकता है लेकिन औसतन एक कार के निर्माण में तकरीबन 30,000 पार्टस का प्रयोग किया जाता है। इसमें कार के इंजन, ब्रेकिंग, ट्रांसमिशन गियरबॉक्स, बॉडी, हेडलाइट्स, सस्पेंशन सहित सभी हिस्सों को शामिल किया गया है।

एक कार में होती है 24 किलोग्राम कॉपर वायरिंग: आज के समय में कारों में लाइटिंग और अन्य फीचर्स को तेजी से काम करने के लिए वायरिंग का जाल सा बिछाया जाता है। हालांकि ये सब कुछ कार की बॉडी के भीतर छिपा होता है जिस पर हमारी नजरें नहीं पड़ती हैं। औसतन एक कार में 24 किलोग्राम कॉपर वायरिंग का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं इलेक्ट्रिक कारों में मोटर के चलते तकरीबन 68 किलोग्राम कॉपर वायरिंग का इस्तेमाल किया जाता है।

हवाओं के नाम पर कारों का नाम: जर्मनी की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी Volkswagen अपनी ज्यादातर कारों का नाम हवाओं के नाम पर रखता है। Passat जो कि एक जर्मन शब्द है और इसका अनुवाद है ‘हवा’। वहीं Golf को गल्फ स्ट्रीम, Polo को पोलर विंड्स और Jetta को जेट स्ट्रीम का नाम दिया गया है। ये सभी हवाओं के नाम हैं।

आज भी सड़क पर मौजूद हैं पुरानी रोल्स रॉयस: एक डाटा के अनुसार रोल्स रॉयस जब से कारों का निर्माण कर रहा है तब से लेकर आज तक कंपनी की 65 प्रतिशत कारें आज भी सड़कों पर मौजूद हैं। ये एक कार कंपनी की उच्च गुणवत्ता सीधा प्रमाण है।

दुनिया का पहला एक्सीडेंट: ऑटोमोबाइल इतिहास में दुनिया का सबसे पहला एक्सीडेंट सन 1834 में हुआ था। जब जॉन स्कॉट रसेल नाम के एक व्यक्ति की स्टीम कार में विस्फोट हुआ था। इस हादसे में चार लोगों की जान गई थी। हालांकि ऐसा कुछ तकनीकी खामी के चलते हुए था। लेकिन दुनिया में सड़क पर सबसे पहला एक्सीडेंट सन 1891 में ओहियो शहर में हुआ था। जॉन विलियम लैंबर्ट ने पहली सिंगल सिलिंडर गैसोलीन से चलने वाली कार का निर्माण किया था। उन्होनें ये कार ड्राइविंग के दौरान क्रैश कर दी थी। हालांकि इस हादसे में किसी की मृत्यु नहीं हुई थी।

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