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क्या होता है एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) और कैसे बचाता है आपकी जान! आपके वाहन के लिए क्यों है ये जरूरी?

What Is ABS: बीते 1 अक्टूबर से देश के सभी चार पहिया वाहन निर्माताओं को निर्देशित किया गया है कि वो एंटी लॉकिंग ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) को बतौर स्टैंडर्ड फीचर अपने वाहनों में शामिल करेंगे।

Author Published on: November 7, 2019 9:01 AM
एंटी लॉकिंग ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) अब सभी पैसेंजर कारों में अनिवार्य कर दिया गया है।

What Is ABS: कार हो या फिर बाइक आज  के समय में सेफ्टी फीचर्स की डिमांड तकरीबन हर तरह के वाहनों में होती है। आज के समय में एंटी लॉकिंग ब्रेकिंग सिस्टम जिसे आम भाषा में ABS कहते है, एक सेफ्टी फीचर के तौर पर खासा लोकप्रिय हो रहा है। यदि आप भी कार या बाइक ड्राइव करते हैं तो आपके लिए यह जानना बेहद ज़रूरी है की ABS क्या होता है? कैसे काम करता है और आपकी सुरक्षा में इसका कितना अहम रोल है।

क्या होता है एंटी लॉकिंग ब्रेकिंग सिस्टम: जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि ये एक तरह का ब्रेकिंग सिस्टम है और इसका प्रयोग वाहन को सही समय पर रोकने के लिए किया जाता है। लेकिन इस सिस्टम की प्रक्रिया बहुत जटिल और तेज है। इस सिस्टम के प्रॉसेस होने में सेकेंड से भी कम समय लगता है। जब आप अचानक से वाहन में ब्रेक अप्लाई करते हैं तो ये ब्रेकिंग सिस्टम को एक संतुलन और नियंत्रण प्रदान करता है।

इसे आप ऐसे समझ सकते हैं, जब अचानक ब्रेक लगाने पर आपकी कार के पहिये घूमना बंद कर देते हैं तो कार स्किड होने का डर होता है, जिससे कार पूरी तरह से नियंत्रण खो देती है और उसके परिणाम काफी घातक हो सकते हैं। ऐसे में ABS एक संतुलित ब्रेकिंग के लिए सहायता प्रदान करता है।

आमतौर पर जब आप हाईवे पर ड्राइव करते हैं तो ABS की जरूरत सबसे ज्यादा पड़ती है। क्योंकि हाईवे पर सामान्य तौर पर वाहन की स्पीड ज्यादा होती है। ऐसे में दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। लेकिन यदि आपके वाहन में एंटी लॉक ब्रेकिं​ग सिस्टम है तो आपके वाहन के स्कीड होने या फिसलने का डर न के बराबर होता है।

एंटी लॉकिंग ब्रेकिंग सिस्टम में चार मुख्य कंपोनेंट होते हैं, जिसमें स्पीड सेंसर, वॉल्व इलेक्ट्रॉनिक कण्ट्रोल यूनिट (ECU) और हाइड्रोलिक कंट्रोल यूनिट शामिल है। स्पीड सेंसर वाहन के सभी पहियों की स्पीड को मॉनिटर करता है। वहीं वॉल्व ब्रेकिंग के दौरा एयर प्रेसर को नियंत्रित करता है। इसके अलावा ECU एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट है जो कि पहियों की गति के अनुसार सेंसर द्वारा प्राप्त सिग्नल को फिल्टर कर आंकलन करता है। सबसे आखिरी कंपोनेंट के तौर पर हाइड्रोलिक कंट्रोल यूनिट काम करता है। ये ECU द्वारा मिले हुए सिग्नल के अनुसार ब्रेक एंटी लॉक कंडिशन में अप्लाई करता है।

कैसे काम करता है ABS: जब आप ब्रेक अप्लाई करते हैं तो ABS, सेंसरों की मदद से प्रत्येक पहिये की गति की पूरी निगरानी करता है। इस दौरान वो पहियों के घटते-बढ़ते गति को एक निर्धारित करता है। वहीं दूसरी ओर इलेक्ट्रॉनिक कण्ट्रोल यूनिट(ECU) सिग्नल्स के अनुसार ब्रेक्स को अप्लाई करने का संकेत देता है।

किसी भी वाहन के लिए ये एक बेहद ही जरूरी फीचर है। अब भारत सरकार ने 125 सीसी तक की क्षमता के सभी दोपहिया वाहनों में कॉम्बी ब्रेकिंग सिस्टम और उससे उपर की इंजन क्षमता में ABS अनिवार्य कर दिया है। वहीं बीते 1 अक्टूबर से देश के सभी चार पहिया वाहन निर्माताओं को निर्देशित किया गया है कि वो ABS को बतौर स्टैंडर्ड फीचर अपने वाहनों में शामिल करेंगे।

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