two-wheeler Helmet Rules: Non-ISI two wheeler Helmet is not allowed in india, if you found use this you have to pay rs. 2 lakh as fine - हेल्मेट पर सरकार ने कड़े किए नियम, आप भी जान लें - Jansatta
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हेल्मेट पर सरकार ने कड़े किए नियम, आप भी जान लें

Non-ISI two-wheeler Helmet: अनिवार्य प्रमाणीकरण व्यवस्था के तहत हेल्मेट बाइक सवारों के आराम के लिए हल्का और हवादार होगा। नया नियम 15 जनवरी 2019 से लागू हो जाएगा।

इस कदम से बिना ISI होलमार्क वाले हेलमेट की बिक्री, निर्माण, भंडारण को दूर करने में मदद मिलेगी।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक आईएसआई (इंडियन स्टैंडर्ड इंस्टीट्यूट) द्वारा प्रमाणित नहीं होने वाले दोपहिया हेल्मेट्स बनाने वाले, स्टोर करने वाले और बेचने वालों को अब किसी भी वारंट के बिना गिरफ्तारी किया जा सकता है। दो महीने बाद भारत में गैर-आईएसआई हेल्मेट बेचने या बनाने वाले किसी भी व्यक्ति को दो साल की जेल या 2 लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है। टू व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने भारत सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम की सराहना की है कि गैर-आईएसआई प्रमाणित हेल्मेट फर्जी दवा बेचने की तरह है और जैसे नकली दवाएं हानिकारक और जहरीली होती हैं वैसे ही गैर-आईएसआई हेल्मेट नकली होते हैं।

टू व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और स्टीलबर्ड के एमडी राजीव कपूर ने कहा, “सरकार द्वारा उठाया गया है कदम अत्यधिक सराहनीय है और यह निर्णय एक मास्टरस्ट्रोक के रूप में काम करेगा। इस कदम से बिना ISI होलमार्क वाले हेलमेट की बिक्री, निर्माण, भंडारण को दूर करने में मदद मिलेगी।” यहां तक ​​कि अंतरराष्ट्रीय ब्रांड जो यूरोपीय और अमेरिकी मानक के अनुसार भारत में हेल्मेट इंपोर्ट कर रहे थे, अब उन्हें आईएसआई मानकों का पालन करना होगा। अन्यथा वह यहां अपने हेलमेट नहीं बेच पाएंगे। नोटिफिकेशन में निर्माताओं को आईएसआई मानकों का पालन करने और डीलरों के लिए अपने स्टॉक को जल्दी से क्लीयर करने के लिए 2 महीने का वक्त दिया गया है।

गैर-आईएसआई हेल्मेट्स का उपयोग करने वाले लोगों को भारत में आईएसआई हेल्मेट्स पर स्विच करना चाहिए क्योंकि यह खतरनाक है और घातक चोटों का कारण बन सकता है। मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, प्रत्येक टू व्हीलर राइडर को केवल आईएसआई चिह्नित हेल्मेट का उपयोग करना चाहिए और यह नोटिस मजबूती के रुप में काम करेगा। यह कदम दोपहिया हेल्मेट विनिर्माण उद्योग को आगे बढ़ाएगा और केवल गुणवत्ता वाले और सुरक्षित हेलमेट खोल और विनिर्माण तकनीक वाले लोग भारत में बेचने और सफल होने में सक्षम होंगे।

अनिवार्य प्रमाणीकरण व्यवस्था के तहत हेल्मेट बाइक सवारों के आराम के लिए हल्का और हवादार होगा। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने अभी भारत में मोटरसाइकिल हेलमेट के लिए एक नया मानक पेश किया है। नए मानक के अनुसार, वर्तमान में 1.5 किलोग्राम के विपरीत हेलमेट का अधिकतम वजन 1.2 किलोग्राम होना चाहिए और प्रत्येक निर्माता को अनिवार्य रूप से इन मानदंडों का पालन करना होगा। नया नियम 15 जनवरी 2019 से लागू हो जाएगा। निर्माताओं के पास नए मानदंडों का अनुपालन करने के लिए करीब छह महीने हैं।

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