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अगर नहीं हैं ये 5 जरूरी सेफ्टी फीचर्स तो बेकार है आपकी कार! खरीदने से पहले जरूर देखें

बीते 1 अक्टूबर से देश की सरकार ने वाहन निर्माता कंपनियों को निर्देशित किया है कि, एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम, स्पीड अलर्ट सिस्टम, रिवर्स पार्किंग सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन जैसे फीचर्स को बतौर स्टैंडर्ड कार के सभी वैरिएंट में शामिल करना अनिवार्य होगा।

बीते 1 अक्टूबर से देश में नए सेफ्टी मानकों को लागू कर दिया गया है।

Top 5 Safety Features For Car: कार खरीदारी किसी हुनर से कम नहीं है। हाल ही में एक सर्वे में पाया गया था कि, कार खरीदते समय ज्यादातर भारतीय ग्राहक केवल लुक और डिजाइन पर फोकस करते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं है समय बदल रहा है और साथ ही तकनीकी में भी बड़ा बदलाव हो रहा है। अब कार के डिजाइन के साथ साथ उसमें दिए जाने वाले सेफ्टी फीचर्स पर भी ध्यान देना बेहद जरूरी हो गया है। क्योंकि ये सेफ्टी फीचर्स किसी भी आपात स्थिति में वाहन में बैठे यात्रियों की जान बचाते हैं। यदि आप भी नई कार खरीदने जा रहे हैं तो इन फीचर्स पर जरूर गौर फरमाएं, तो आइये जानते हैं उन फीचर्स के बारे में —

1. ISOFIX – यदि आप भी सामान्य तौर पर बच्चों के साथ सफर करते हैं या फिर किसी नन्हें मेहमान का इंतजार है, तो ये फीचर आपके लिए बेहद जरूरी है। दरअसल, ISOFIX एक तरह की सेफ्टी सीट है जो बच्चों के लिए कार में लगाई जाती है, ये ड्राइविंग के समय किसी भी तरह के आपात स्थिति में बच्चों को सुरक्षित रखता है। यहां तक ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट के दौरान भी इस सीट का प्रयोग कर ही कारों की सेफ्टी रेटिंग तय की जाती है।

2. सीट बेल्ट प्री-टेंशनर और फ़ोर्स लिमिटर- ऐसा आम तौर पर देखा जाता है कि ज्यादातर लोग ड्राइविंग के समय सीट बेल्ट का प्रयोग करते हैं। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इतना ही काफी नहीं है। सीट बेल्ट प्री-टेंशनर और फ़ोर्स लिमिटर एक ऐसा फीचर है जो कि किसी भी दुर्घटना से पहले ही सेंसर के माध्यम से स्थिति को भांप लेता है और सीट पर बैठे यात्री को कस कर जकड़ा लेता है। इससे दुर्घटना के समय यात्री को कम से कम नुकसान होता है।

3. एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS): ड्राइविंग के समय एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम अब बेहद ही अनिवार्य फीचर के तौर पर उभरा है। हालांकि इसका इति​हास काफी पुराना है, सबसे पहले 1929 में एयरक्रॉफ्ट में ABS का प्रयोग किया जाता था, लेकिन समय की मांग के साथ 1966 से इसका प्रयोग कारों में भी किया जाने लगा। तेज रफ्तार के दौरान ABS आपके कार के पहियों को संतुलित ब्रेकिंग प्रदान करता है, इसके अलावा पहियों को लॉक होने से भी बचाता है। आप जिस समय ब्रे​क अप्लाई करते हैं उसी वक्त ये पहियों को बिना फिसले रोकता है। सुरक्षित ड्राइविंग के लिए ये एक बेहद जरूरी फीचर है।

4. इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक-फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD)- दुर्घटना के समय अक्सर कार के टायर फिसल जाते है, और इसका कारण यह है कि प्रत्येक टायर पर लोड की स्थिति बदलती रहती है| EBD यह सुनिश्चित करता है कि बदलती लोड स्थिति के अनुसार ही सभी पहियों पर बराबर मात्रा में ब्रेक फोर्स को लागू किया जाए। एक तरह से ये ABS का ही एक हिस्सा होता है। सामान्य तौर पर ये उन सभी कारों में पाया जाता है जिसमें एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम दिया गया हो।

5. एयरबैग्स (Airbags)- ड्राइविंग के दौरान जब भी आपकी कार को कोई तेज टक्कर लगती है उस दशा में कार में दिए गए एयरबैग तेजी से निकल कर यात्री के शरीर को कवर करते हैं। ये प्रक्रिया इतनी तेजी से होती है कि आप इसका अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं। समान्य तौर पर कारों में ड्राइवर साइड और को ड्राइवर एयरबैग को स्टीयरिंग व्हील और डैशबोर्ड में दिया जाता है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि कार की बॉडी से एयरबैग के निकलते वक्त इसकी स्पीड 322 किलोमीटर प्रतिघंटा की होती है। अब आप इससे ही अंदाजा लगा सकते हैं कि आपके पलक झपकने से पहले एयरबैग खुलकर आपके शरीर को कवर कर लेता है।

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