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पुरानी बाइक खरीदते समय हो सकता है धोखा! इन बातों का रखें ख्याल

पुरानी बाइक यदि सही कीमत और बेहतर कंडीशन में खरीदी जाए तो इससे आप काफी पैसा बचा सकते हैं। बस इस दौरान कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरुरी है।

Author April 3, 2019 3:38 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर: सेकेंड हैंड बाइक का मार्केट भारत में तेजी से बढ़ रहा है।

भारतीय बाजार में सेकेंड हैंड कार और बाइक्स का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। आज के समय में यदि आप सही कीमत और बेहतर कंडीशन में बाइक खरीदते हैं तो ये काफी मुनाफे का सौदा साबित होगा। लेकिन पुरानी बाइक खरीदते समय बहुत सी ऐसी बातें होती हैं जिन का ध्यान रखना बेहद ही जरुरी होता है। मसलन बाइक की कं​डीशन, पेपर, इंजन इत्यादि। तो आइये जानते हैं कि आपको पुरानी बाइक खरीदते वक्त किन बातों पर ध्यान देना चाहिए —

1. बॉडी डैमेज चेकिंग: पुरानी बाइक की जांच करना सबसे जरुरी काम होता है। इसलिए बाइक में किसी भी प्रकार के डैमेज यानी कि टूट फूट की बारीकी से जांच करें। विशेषकर बाइक के फाइबर वो पार्ट्स को चेक करें। इसके अलावा बाइक का फ्यूल टैंक, शॉकर, चेन कॅवर, फ्रेम, व्हील इत्यादि को चेक करें। पूरी तस्दीक करने के बाद ही आगे बढ़ें।

2. टायर की चेकिंग: बाइक के पहियों की जांच करना न भूलें, इसके लिए पहियों के ट्रेड को ध्यान दे देखें यदि पहियों के डिजाइन के ब्लॉक घिस गए हैं तो इसका मतलब आपको नए टायर लेने होंगे। इस बात पर भी गौर करें कि बाइक में सही टायर लगे हैं या नहीं। कई बार कुछ फ्रॉड किस्म के लोग पुरानी बाइक में खराब टायर लगा कर बेच देते हैं।

3. इंजन को ध्यान से सुनें: यदि आपको बाइ​क के इंजन या फिर तकनीक के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है। तो आप अपने साथ कोई जानकार या फिर मैकेनिक साथ में ले जा सकते हैं। यदि ऐसा संभव नहीं है तो आप बाइक को खड़ी कर के इंजन को स्टार्ट कर के उसे ध्यान से सुनें। यदि किसी तरह की एक्स्ट्रा आवाज सुनाई देती है तो इसका मतलब साफ है कि बाइक के इंजन में कुछ खराबी है। इसलिए बाइक को मैकेनिक को दिखना जरुरी होगा।

4. इंजन का आयल: बाइक के इंजन आयल की भी जांच करें। आयल कैप को निकाल कर तेल को देखें, यदि तेल पूरी तरह से काला हो गया है और उसमें से जलने की गंध आ रही है। तो इसका मतलब साफ है कि बाइक की सर्विसिंग लंबे समय से नहीं की गई है। इसके अलावा आयल की मात्रा की भी जांच करें।

5. टेस्ट ड्राइव और माइलेज: बाइक की टेस्ट ड्राइव करें, इस दौरान बाइक के हर फीचर का पूरा प्रयोग करें। इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में देखें कि स्पीडोमीटर और अन्य इंटीकेटर्स काम कर रहे हैं या नहीं। बाइक की हेडलाइट की भी जांच करें। इसके अलावा बाइक की माइलेज की जांच करना न भूलें।

6. दस्तावेज: बाइक की ठीक ढंग से जांच करने के बाद बाइक के दस्तावेज जैसे कि रजिस्ट्रेशन पेपर, इंश्योरेंस पेपर इत्यादि की बारीकी से जांच करें। इसके अलावा सेल लेटर की भी मांग करें। यदि बाइक कहीं नजदीक से ही खरीदी गई हो तो एक बार डीलरशिप से भी बाइक के बारे में जानकारी हासिल करें।

इन सभी बातों की जांच करने के बाद ही आप बाइक की सही कीमत का अंदाजा लगा पाएंगे। ​बाइक बेचने वाले से कीमत में मोल भाव करें। यदि आपको लगता है कि बाइक को खरीदने के बाद उसे ठीक करवाने में आपको और भी पैसे लगाने होंगे तो इस बारे में भी विक्रेता से बात करें और कीमत कम करवाने की कोशिश करें।

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