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जानिए Audi, BMW और Ferrari जैसे कार ब्रांड्स के नाम के पीछे क्या है असल वजह?

क्या आपने कभी सोचा है कि इन वाहन निर्माता कंपनियों के नाम के पीछे की क्या कहानी है? आज हम आपको इस कार ब्रांड्स के नाम के पीछे छिपे रहस्य के बारे में बताएंगे, कि आखिर इनका ये नाम कैसे पड़ा —

Author Updated: February 21, 2019 2:05 PM
कारों के ब्रांड नेम के पीछे की असल कहानी बेहद ही दिलचस्प है। (Photo – Official)

Story behind car brands name: ऑटोमोबाइल सेक्टर सदियों पुरान है या यूं ​कहें कि जब इंसान ने धरती पर जन्म लिया और खेती, रहने सहने के तरीके का इजाद किया उसी वक्त से इंसान ने यातायात के साधनों की भी खोज की। लकड़ी और पत्थर के पहियों से शुरू हुआ ये सफर सन 1769 तक पहुंचा जब दुनिया में पहले भाप इंजन से संचालित वाहन का अविष्कार निकोलस जोसफ नॉट ने किया। बहरहाल, ये तो हुई इतिहास की बात सम के साथ दुनिया भर में कई लोगों ने वाहनों का निर्माण करना शुरु किया और इसी के साथ लोगों के बीच अपने ब्रांड नेम को दर्ज कराने का सिलसिला भी शुरू हुआ।

आज के समय में फेरारी, मर्सडीज बेंज, बीएमडब्ल्यू, होंडा, निसान, टोयोटा जैसे न जाने कितने ब्रांड है जो लगातार वाहनों का निर्माण कर रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन वाहन निर्माता कंपनियों के नाम के पीछे की क्या कहानी है? आज हम आपको इस कार ब्रांड्स के नाम के पीछे छिपे रहस्य के बारे में बताएंगे, कि आखिर इनका ये नाम कैसे पड़ा —

Audi – जर्मनी की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी ऑडी के नाम से लगभग सभी वाकिफ होंगे। इस ब्रांड का नाम जर्मन शब्द “Horch” का लैटिन ट्रांसलेशन है। इसका नाम कंपनी के फाउंडर अगस्त हॉर्च के नाम पर पड़ा है। जिन्होनें कंपनी की स्थापना के तकरीबन 5 वर्षों के बाद कंपनी छोड़ दी। उन्हीं के सम्मान के उनके सरनेम को लैटिन में बदलकर ऑडी रख दिया गया।

BMW – जर्मनी की एक और वाहन निर्माता कंपनी बीएमडब्ल्यू के नाम के पिछे भी एक रहस्य है। इसका नाम कंपनी के पूरे नाम (Bavarian Motor Works) का संक्षिप्त रूप है।

Cadillac – 18 वीं शताब्दी के फ्रांसीसी खोजकर्ता एंटोनी ल्यूमेट डी ला मोथे सीरूर डी कैडिलैक, के नाम पर इसका नाम रखा गया। दरअसल वो अपने नाम के साथ अपने शहर का नाम भी जोड़ते थें। कैडिलैक दक्षिण फ्रांस का एक छोटा सा शहर है। कैडिलेक की स्थापना 1902 में हुई थी जिसे बाद में 1909 में जनरल मोटर्स ने खरीद लिया।

Chevrolet – शेवरले जनरल मोटर्स का ही एक ब्रांड है इसका नाम कंपनी के सह संस्थापक लुइस शेवरले के नाम पर पड़ा है। लुइस एक स्वीस रेसर थें और सन 1917 में अमेरिकी वाहन निर्माता कंपनी जनरल मोटर्स ने शेवरले का अधिग्रहण कर लिया।

Datsun – जापानी वाहन निर्माता कंपनी दैटसन ने हाल ही में भारतीय बाजार में कदम रखा है ये निसान की लो कास्ट ब्रांड है। पहले इसे DAT कहा जाता था जो कि इसके फाइनेंसर्स डेन, आओयामा और टेकूची के शुरुआती नामों से मिलकर बनाया गया था। बाद में कंपनी ने अपनी छोटी कार SON के आधार पर अपना नाम DATSON रखा। लेकिन जापानी भाषा में SON का अर्थ नुकसान होता है। बाद में जब निसान ने इस कंपनी अधिग्रहण किया तो इसका नाम बदलकर Datsun हो गया।

Ferrari – इटली की मशहूर स्पोर्ट कार निर्माता कंपनी फेरारी का नाम कंपनी के संस्थापक Enzo Ferrari के सरनेम से पड़ा है। एंजो फेरारी एक मशहूर कार रेसर भी थें।

Fiat – फिएट लंबे समय से भारतीय बाजार में अपने वाहनों को पेश कर रही है। जिसमें फिएट लीनिया, पूंटो और अबार्थ जैसी कारें शामिल हैं। इस ब्रांड का नाम इटली की आॅटोमोबाइल फैक्ट्री के नाम (Fabbrica Italiana Automobili Torino) का संक्षिप्त रूप है।

Ford – मशहूर अमेरिकी वाहन निर्माता कंपनी फोर्ड भी लंबे समय से भारतीय बाजार में अपने वाहनों को पेश कर रही है। फोर्ड की स्थापना सन 1914 में हुई थी और इसका नाम कंपनी के संस्थापक Henry Ford के सरनेम से रखा गया।

Aston Martin– एस्टन मार्टिन की कारें सबसे ज्यादा जेम्स बांड की फिल्मों में प्रयोग किए जाने के वजह से मशहूर रही हैं। इस कंपनी का नाम Aston Hill जहां पर कंपनी की स्थापना हुई और कंपनी के संस्थापक Lionel Martin के नामों को मिलाकर तय की गई।

Honda – मशहूर जापानी वाहन निर्माता कंपनी होंडा का नाम कंपनी के संस्थापक Soichiro Honda के सरनेम पर रखा गया। होंडा की कई कारें भारतीय बाजार में शानदार बिक्री कर रही है जिसमें होंडा सिविक, होंडा जैज, होंडा अमेज प्रमुख हैं।

Hyundai – दक्षिण कोरिया की प्रमुख और भारत की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी हुंडई के नाम के पीछे भी एक खास रहस्य है। दरअसल कोरियाई भाषा में Hyundai नाम अर्थ “वर्तमान युग” या “आधुनिकता” की भावना को दर्शाता है।

Mercedes – मर्सडीज का नाम आस्ट्रियन आॅटोमोबाइल इंटरप्रन्योर Emil Jellinek की बेटी Mercedes Jellinek के नाम पर रखा गया। इनका जन्म वियाना में हुआ था।

Nissan – जापान की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी निसान को पहले (Nippon Sangyo) के नाम से जाना जाता था। इसी के संक्षिप्त रूप को अब निसान के नाम से जाना जाता है।

Porsche – पोर्शे लग्जरी कारों की श्रेणी में अग्रणी वाहन निर्माता कंपनी है। इसका नाम आस्ट्रिया के आॅटोमोटिव इंजीनियर और कंपनी के फाउंडर Ferdinand Porsche के सरनेम पर रखा गया।

Renault – फ्रांस की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी रेनो दुनिया भर में अपने बेहतरीन तकनीक और फीचर्स वाली कारों के लिए जाना जाता है। इसका नाम कंपनी के फाउंडर Louis Renault के नाम पर पड़ा।

Rolls-Royce – रोल्स रॉयस दुनिया भर में अपने लग्जरी कारों के लिए मशहूर है। इस ब्रिटीश कार निर्माता कंपनी का भारत से भी बहुत पुराना नाता रहा है। इसके नाम के पीछे जो पार्टनर्स का नाम शामिल है। सन 1884 में Frederick Henry Royce ने एक इलेक्ट्रिकली और मैकेनिकल व्यवसाय शुरू किया और सन 1904 में अपनी पहली कार बनाई जिसे उन्होनें बाद में Charles Stewart Rolls को दिखाया। बाद में दोनों ने पार्टनरशिप में कंपनी शुरू की और अपने नाम को साझा करते हुए कंपनी का नाम Rolls-Royce रखा।

Toyota – जापानी वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा का नाम कंपनी के संस्थापक Sakichi Toyoda के सरनेम पर पड़ा है। शुरूआत में इसे टोएडा कहा जाता था। बाद में इसका नाम बदलकर Toyota कर दिया गया।

Volkswagen – जर्मनी की मशहूर कार निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन की शुरूआत नाजी सोशल पार्टी द्वारा की गई थी। उस दौर में मशहूर तानाशाह हिटलर एक ऐसी कार बनाना चाहता था जो कि कम कीमत में आम जनता के सभी जरूरतों को पूरा कर सके। इसलिए उन्होनें उस समय के मशहूर इंजीनियर Ferdinand Porsche से बात की और बीटल कार का निर्माण किया गया। इसे जनता की कार की उपाधी दी गई। फॉक्स का अर्थ होता है ‘जनता’ और वैगन का अर्थ होता है ‘वाहन’।

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