ताज़ा खबर
 

Rolls-Royce की सभी कारों को ये शख्स करता है पेंट, जानिए ऐसी ही 10 रोचक बातें

रोल्स रॉयस की स्थापना सन 1904 में चार्ल्स रोल्स और हेनरी रॉयस ने की थी। कंपनी का नाम इन्ही दोनों के सरनेम से लिया गया है। इस कंपनी का इतिहास बड़ा ही दिलचस्प है, और इससे जुड़े रोचक तथ्य भी हैरान करने वाले हैं।

Author April 5, 2019 2:11 PM
Rolls-Royce की कार को पेंट करते हुए मार्क कोर्टस। (Photo- mojehmen)

Rolls Royce का नाम सुनते ही शाही और लग्जरी कारें जेहन में आ जाती है। ब्रिटेन की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी रोल्स रॉयस का इतिहास काफी पुरान है और कंपनी ने दुनिया भर में अब तक कई लग्जरी कारों को लांच किया है। रोल्स रॉयस की कारें जितनी खास हैं उतनी ही दिलचस्प और रोचक इस कंपनी से जुड़ी बातें भी हैं। तो आइये जानते हैं आखिर कौन सी हैं वो बातें —

1. पहली कार: रोल्स रॉयस की स्थापना सन 1904 में Charles Rolls और Henry Royce ने की थी। दोनों ने मिलकर कंपनी की पहली कार को बनाया था। इस कार को रोल्स रॉयस 10 HP नाम दिया गया था। इसके अलावा कंपनी का नाम भी दोनों के सरनेम से लिया गया है। रोल्स रॉयस कारों के अलांवा जेट इंजन भी बनाता था।

2. जर्मनी में ही होता है हर फैंटम का जन्म: दुनिया में आपको जितनी भी रोल्स रॉयस फैंटम दिखती हैं वो सभी जर्मनी में ही बनती हैं। क्योंकि इसमें तकरीबन 200 एल्यूमिनियम सेक्शन और 300 एलॉय पार्टस को जर्मनी में कारिगरों द्वारा वेल्ड किया जाता है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि एक फैंटम कार को बानने के लिए 2 महीने का समय लगता है।

3. एक आदती करता है पेंट: आप दुनिया में जितनी भी रोल्स रॉयस कारें देखते हैं उन सभी पर कोच लाइन की पेंटिंग केवल एक आदमी करता है। Mark Courts ही दुनिया के अकेले ऐसे शख्स हैं जिनके कंधों पर ये जिम्मेदारी है। इस पेंटिंग के दौरान उनके पास गलती करने का कोई भी मौका नहीं होता है, क्योंकि इसे हाथ से करना होता है और इसे गलती को मिटाने के कोई भी तरीका नहीं होता है।

4. कई कंपनी मिलकर बनाती थीं कार: सन 1946 से पहले Rolls Royce की कारों को कई कंपनियां मिलकर बनाती थीं। उस दौर में रोल्स रॉयस केवल चेचिस और इंजन तैयार करता था और उसे पार्क यार्ड में खड़ी करता था। इसके बाद बार्कर, हूपर्स और लंदन की अन्य कंपनियां इस चेचिस पर बॉडी कॅवर और अन्य पार्टस लगाते थें। रोल्स रॉयस द्वारा खुद की बनाई हुई पहली कार सिल्वर डाउन थी, जिसका प्रोडक्शन सन 1949 से लेकर 1955 तक किया गया।

5. रोल्स रॉयस हुआ दिवालिया: सन 1971 में दिग्गज कार कंपनी Rolls Royce दिवालिया घोषित हो गई थी। RB211 जेट इंजन के साथ शुरुआती समस्याओं के कारण कंपनी को इस समस्या से दो चार होना पड़ा था। जिसके बाद सन 1973 में एक अलग इकाई के रूप में मोटर कार व्यवसाय में कंपनी ने कदम रखा।

6. स्प्रीट ऑफ एक्स्टसी: आपको रोल्स रॉयस के बोनट पर जो उड़ते हुए इंसान का लोगो दिखता है उसे ही ‘Spirit of Ecstasy’ कहा जाता है। इसे सन 1911 में कमीशन किया गया था। आज के समय में तो ये लोगो प्रयोग किया जाता है उसे रिमोट के माध्यम से ग्रील के अंदर किया जा सकता है। इतना ही नहीं किसी भी दुर्घटना के समय ये लोगो अपने आप ही फ्रंट ग्रिल के अंदर चला जाता है। ऐसा कंपनी इस लोगो के सम्मान में करती है।

7. बीएमडब्ल्यू और फॉक्सवैगन की जंग: इन दोनों जर्मन कंपनियों की नजरें हमेशा से रोल्स रॉयस पर रही हैं। बीएमडब्ल्यू और फॉक्सवैगन ने हमेशा से रोल्स रॉयस को खरीदना चाहा है। सन 1998 में बीएमडब्ल्यू ने इस कंपनी के लिए 340 मिलियन पौंड की बोली लगाई थी लेकिन उसी समय फॉक्सवैगन ने 430 मिलियन पौंड की बोली लगाकर इसे पीछे कर दिया। जिसके बाद बीएमडब्ल्यू को रोल्स रॉयस के नाम और लोगो का अधिकार मिला। वहीं फौक्सवेगन को मस्कट और ग्रिल का अधिकार मिला। सन 2003 से इन दोनों कंपनियों ने एक समझौता किया जिसके बाद बीएमडब्ल्यू को Rolls Royce की पूरी कार को प्रोड्यूस करने की अनुमति मिली। आज इस कार के निर्माण का पूरा अधिकार बीएमडब्ल्यू के पास सुरक्षित है।

8. रोल्स रॉयस फैंटम: सन 2003 में रोल्स रॉयस फैंटम को पेश किया गया। ये बीएमडब्ल्यू द्वारा बनाई पहली रोल्स रॉयस कार थी। इसमें 44,000 से ज्यादा कंपोनेंट्स का प्रयोग किया जाता है। शायद यही कारण है कि फैंटम का निर्माण जर्मनी में ही किया जाता है, क्योंकि बीएमडब्ल्यू जर्मनी की कंपनी है।

9. आज भी है सड़कों की शान: आपको ये जानकर हैरानी होगी कि रोल्स रॉयस ने जब से कारों का निर्माण शुरू किया है तब से लेकर आज तक तकरीबन 60 प्रतिशत कारें आज भी सड़कों पर मौजूद हैं। किसी भी कार निर्माता के लिए ये सबसे बड़े गौरव की बात है। इससे ये साफ होता है कि रोल्स रॉयस की कारें कितनी मजबूत और शानदार हैं।

10. हैंडमेड: जहां दुनिया आधुनिकता के इस दौर में सब कुछ तकनीक और रोबोट के हवाले करता जा रहा है। वहीं रोल्स रॉयस आज भी इंसानों पर ही भरोसा करती है। आज भी रोल्स रॉयस के इंजनों का निर्माण इंसानों द्वारा किया जाता है। इसके अलावा भी कार के कई हिस्सों को हैंडमेड ही तैयार किया जाता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App