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Royal Enfield Bullet से चाहते हैं शानदार परफार्मेंश तो अपनाएं ये मामूली टिप्स

आप इन आसान उपायों पर अमल कर के अपनी Royal Enfield Bullet के परफार्मेंश को और भी बेहतर कर सकते हैं। इसके लिए न तो आपको एक्सट्रा पैसे खर्च करने होंगे और न ही कोई मेहनत मशक्कत की जरूरत है।

Author February 11, 2019 3:46 PM
रॉयल एनफील्ड क्लासिक 500। (Photo- Official)

Royal Enfield Bullet Maintenance Tips: रॉयल एनफील्ड बुलेट को लेकर लोगों के जेहन में तमाम सवाल रहते हैं। ज्यादातर लोग ये सोचते हैं कि हैवी होने के नाते इस बाइक का मेंटेनेंस महंगा और कठीन है। लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है, जिस तरह से बुलेट जब रफ्तार पकड़ती है तो इसकी राइडिंग स्मूथ हो जाती है ठीक वैसे ही यदि कुछ बिंदुओं पर गौर किया जाए तो इसका मेंटेनेंस भी बेहद ही आसान है। हम हम आपको अपने इस लेख में रॉयल एलफील्ड बुलेट के रखरखाव और ड्राइविंग स्टाइल से जुड़ी कुछ बातें बतायेंगे जिस पर अमल करने के बाद आप अपनी बुलेट का परफार्मेंश बेहतर कर सकते हैं, तो आइये जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण बिंदू —

1. पानी का ज्यादा इस्तेमाल: बाइक को साफ रखने के लिए उसकी धुलाई की जानी सबसे जरूरी है। लेकिन हर रोज ऐसा किया जाए ये जरूरी नहीं है। यदि आप हर रोज पानी से अपनी बाइक को धुलते हैं तो इससे बाइक के मेटेल पार्ट में जंग लगने का भय होता है। यदि आप बाइक धुलने के बाद पानी को ठीक ढंग से सुखा नहीं पाते हैं तो इससे जंग का खतरा और भी बढ़ जाता है। वहीं रॉयल एनफील्ड बुलेट के तकरीबन सभी मॉडल में ज्यादातर पार्ट मेटेल के ही होते हैं। इसलिए ऐसा करने से बचें। हो सके तो कभी कभी बाइक को चमकाने के लिए वैक्स और क्रीम का प्रयोग करें।

2. किक से करें स्टॉर्ट: अब नई रॉयल एनफील्ड बुलेट में सेल्फ स्टॉर्ट दिया जा रहा है। ऐसा इसलिए भी जरूरी था क्योंकि पुरानी बुलेट से ज्यादातर लोग इसी बात से कतराते थें क्योंकि उन्हें किक से स्टॉर्ट करना होता था। आपको बता दें कि, दिन में जब पहली बार आप अपनी बाइक को चलाने के लिए निकालें तो किक से ही स्टॉर्ट करें। इसके बाद जब भी करें तो सेल्फ का प्रयोग कर सकते हैं। किक स्टॉर्ट बाइक के लिए बहुत ही जरूरी होता है।

3. सेल्फ बटन पर विशेष ध्यान: ऐसा देखा जाता है कि सेल्फ मारने के बाद बाइक स्टॉर्ट होने के बावजूद भी कुछ लोग देर तक सेल्फ बटन दबाए रखते हैं। या​ फिर गलती से बाइक के चालू रहने की दशा में भी सेल्फ बटन दबाते हैं। इससे आपके सेल्फ स्टॉर्ट के जलने का खतरा होता है और बाइक के परफार्मेंश पर भी बुरा असर पड़ता है।

4. ऑयल चेंज करना: रॉयल एनफील्ड बुलेट में समय समय पर ऑयल चेक करना बेहद ही जरूरी होता है। समायानुसार बाइक का इंजन ऑयल बदलें और तकरीबन हर 3,000 किलोमीटर के बाद एयर फिल्टर को बदल दें। सर्विसिंग पर विशेष ध्यान दें, जिससे आपके बाइक की परफार्मेंश हमेशा बेहतर बनी रहेगी।

5. सर्विस सेंटर: ऐसा देखा जाता है कि ज्यादातर लोग बिना जांच पड़ताल किए किसी भी सर्विस सेंटर पर अपनी बाइक की सर्विसिंग कराते हैं। यकीन मानिए इससे आपकी बाइक के परफार्मेंश पर बहुत असर पड़ता है। कोशिश करें कि आप अपनी बाइक की सर्विसिंग आधिकारिक सर्विस सेंटर पर ही करायें और बाइक को सर्विस पर देने से पहले वहां का ​फीडबैक जरूर जान लें।

6. एक्सलेटर का सही प्रयोग: ये एक कॉमन फैक्ट है जो कि तकरीबन 80 प्रतिशत लोगों में देखा जाता है। लोग अपनी बाइक को सेल्फ से स्टॉर्ट करने के दौरान एक्सलेटर लेते हैं। आप अपनी बुलेट के साथ ऐसा कत्तई न करें। सेल्फ स्टॉर्ट के लिए एक्सलेटर लेने की कोई जरूरत नहीं होती है। ये एक इलेक्ट्रिक स्टॉर्ट बटन है जो कि बाइक को ऑटोमेटिकली स्टॉर्ट कर देती है।

7. एयर फिल्टर को न बनाएं स्टोरेज: कुछ लोग ऐसा भी करते हैं कि एयर फिल्टर के बॉक्स में छोटी मोटी चीजें रख देते हैं। उन्हें लगता है कि ये जो जगह दी गई है वो सामान रखने के लिए उपयुक्त है। लेकिन ऐसा नहीं है वो जगह एयर वैक्यूम के लिए दी जाती है। इसलिए भूलकर भी एयर फिल्टर के बॉक्स में कुछ भी न रखें।

8. ल्यूब्रिकेंट का प्रयोग: बुलेट के चेन, गियर लीवर, ब्रेक्स आदि पर समय समय पर ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल करते रहें। विशेषकर गर्मियों में क्योंकि इस दौरान आयल और ल्यूब्रिकेंट सूख जाते हैं। जब भी कभी आप लांग ड्राइव से लौटें तो चेन के ल्यूब्रिकेंट को जरूर चेक कर लें।

9. सही पहियों का चयन: यदि कभी आपको अपनी रॉयल एनफील्ड बुलेट के पहियों को बदलने की जरूरत पड़े तो किसी दुकानदार की चिकनी चुपड़ी बातों में न फंसे। बल्कि बाइक के मैनुअल में दिए गए पहियों का ही चयन करें। इसके अलावा पहियों की साइज इत्यादि में कोई भी बदलाव न करें। कंपनी के इंजीनियर हर बात को ध्यान में रखने के बाद ही साइज को तय करते हैं।

10. साइलेंसर में बदलाव: आज कल हैवी साउंड करने वाले साइलेंसर का फैशन सा चल पड़ा है। आपको सामान्य तौर पर कई बाइकर दिख जायेंगे जो आवाज के चक्कर में पड़कर अपने बुलेट के साइलेंसर को बदल देते हैं। लेकिन आप ऐसी गलती कत्तई न करें, साइलेंसर में बदलाव करने का सीधा असर बाइक के परफार्मेंश पर पड़ता है।

11. उत्तेजित न हों: ये एक बेहद महत्वपूर्ण बिंदू है, ऐसा सामान्य तौर पर देखा जाता है कि लोग जल्द से जल्द स्पीड पाने के चक्कर में पहले और दूसरे गियर में ही बाइक के एक्सलेटर को तेज कर देते हैं। लेकिन ऐसा करने से आपकी बाइक की गति पर कोई असर नहीं पड़ता है बल्कि इंजन पर इसका बुरा असर पड़ता है। बाइक अपने तय समय के अनुसार ही गति पकड़ती है और इसके लिए आपको इंतजार करना चाहिए न कि उत्तेजित होकर एक्सलेटर तेज करना चाहिए।

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