जब अमेरिकी कंपनी FORD ने किया अपमान, रतन टाटा ने यूं लिया बदला

हमेशा से ही रतन टाटा का फोकस ऑटो सेक्टर की कंपनी टाटा मोटर्स पर रहा है। उन्होंने इसके जरिए कई तरह के प्रयोग किए। मसलन, मिडिल क्लास के कार के सपने को पूरा करने के लिए लखटकिया नैनो को लॉन्च किया।

ratan tata, tata motors, tata carरतन टाटा (Photo-Indian Express )

देश के नामी कारोबारी की रतन टाटा किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। रतन टाटा के टाटा समूह का देश की आईटी, फाइनेंशियल से लेकर ऑटो सेक्टर तक में दबदबा है।

हमेशा से ही रतन टाटा का फोकस ऑटो सेक्टर की कंपनी टाटा मोटर्स पर रहा है। उन्होंने इसके जरिए कई तरह के प्रयोग किए। मसलन, मिडिल क्लास के कार के सपने को पूरा करने के लिए लखटकिया नैनो को लॉन्च किया। टाटा ने ही पहली देसी पैसेंजर कार इंडिका को भी बनाया था। इंडिका को लेकर रतन टाटा काफी उत्साहित थे लेकिन शुरुआती दिनों में उन्हें उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिल रहे थे।

इस वजह से रतन टाटा ने कार बिजनेस को बेचने का फैसला लिया। इस बिजनेस को खरीदने के लिए अमेरिका की कार निर्माता कंपनी फोर्ड ने दिलचस्पी दिखाई। इस डील के लिए रतन टाटा को अमेरिका में फोर्ड मोटर्स के हेडक्वार्टर पर बुलाया गया। हेडक्वार्टर में करीब तीन घंटे तक की मीटिंग के दौरान फोर्ड के अधिकारियों का व्यवहार थोड़ा अपमानजनक रहा।

फोर्ड के अधिकारियों ने रतन टाटा से ये तक पूछ दिया कि जब आप कुछ नहीं जानते तो कार बनाना शुरू ही क्यों किया था? फोर्ड के अधिकारी ये दिखा रहे थे जैसे वो टाटा के कार कारोबार को खरीदकर एहसान करने वाले हैं। (ये पढ़ें—क्या करते हैं मुकेश अंबानी के समधी)

इस अपमान से रतन टाटा आहत हुए और उन्होंने डील कैंसिल कर दी। ये किस्सा टाटा के एक शीर्ष अधिकारी प्रवीण कादले ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया था। प्रवीण उन लोगों में से हैं जो रतन टाटा के साथ डील के लिए गए थे।

रतन टाटा ने यूं लिया बदला: रतन टाटा ने भारत आकर एक बार फिर टाटा मोटर्स पर फोकस किया। इसी बीच, साल 2008 की मंदी से फोर्ड मोटर्स की काफी नुकसान उठाना पड़ा था। फोर्ड की हालत इतनी खराब थी कि उसने अपने जगुआर और लैंड रोवर ब्रांड्स को बेचने का फैसला किया। इसे खरीदने के लिए रतन टाटा सबसे आगे आए और उन्होंने कब्जा जमाया। इस तरह से रतन टाटा ने अपने अपमान का बदला लिया था। (ये पढ़ें—जब अंबानी की डील पर बिड़ला परिवार को हुई आपत्ति)

अभी क्या है कंपनी का हाल: वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) की खुदरा बिक्री 13 फीसदी तक बढ़ी है। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक खुदरा बिक्री बढ़कर 1,23,483 यूनिट्स हो गई। एक साल पहले की तुलना में जेएलआर की चीन में बिक्री 127 प्रतिशत बढ़ी है।

उत्तरी अमेरिका में बिक्री एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 10.4 प्रतिशत अधिक रही, जबकि ब्रिटेन और यूरोपीय संघ सहित अन्य बाजारों में बिक्री कोविड-पूर्व स्तर के मुकाबले कम रही। जेएलआर ने कहा कि पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में उसकी वैश्विक बिक्री 4,39,588 इकाई रही, जो इससे पिछले साल के मुकाबले 13.6 प्रतिशत कम है।

Next Stories
1 बाइक की माइलेज बढ़ाने के लिए अपनाएं ये 8 तरीके, तेल और पैसे की होगी बचत
2 Hero Glamour: सिर्फ 50 हजार में मिल रही सेकेंड हैंड बाइक, नई की कीमत करीब 80 हजार रुपये
3 Benelli Vs Apache: अपाचे की RR310 को टक्कर देने आ रही बेनेली की 302R,जानिए क्या है कीमत और फीचर्स
यह पढ़ा क्या?
X