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साइकिल चलाने पर हर किलोमीटर के 16 रुपये दे रहा यह देश, भारत भी बचा सकता है 1.8 लाख करोड़ रुपये, जानिए कैसे

भारत भी कम ईंधन खर्च से सालाना 1.8 ट्रिलियन यानी कि तकरीबन 1.8 लाख करोड़ रुपये की बचत कर सकता है। इतना ही नहीं पैसे और समय की बचत के साथ-साथ वायु प्रदूषण के स्तर को भी कम करके स्वास्थ्य लाभ भी बढ़ाया जा सकता है।

साइकिल चालाने से न केवल स्वास्थ्य लाभ होगा बल्कि इससे प्रदूषण को कम करने के साथ ही पैसा की भी बचत होगी। (Source: Thinkstock Images)

Cycle Riding Benefits: दुनिया भर में इस समय प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरा है। कई देश अपने यहां प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए अलग अलग तरह के उपाय कर रहे हैं। वहीं दुनिया में एक ऐसा भी देश है जो कि अपने नागरिकों को साइकिल चलाने के लिए प्रेरित कर रहा है। इतना ही नहीं ये देश साइकिल चलाकर आफिस जाने वालों को टैक्स में 16 रुपये की छूट भी दे रहा है।

नीदरलैंड दुनिया के नक्शे पर एक ऐसा देश है जहां पर लोग कार और बाइक से ज्यादा साइकिल की सवारी करना पसंद करते हैं। एक आंकड़े के अनुसार नीदरलैंड में लोगों से ज्यादा साइकिले हैं। यहां के लोग मानते हैं कि वो दुनिया में नंबर वन साइकिल चलाने वाले हैं। नरदरलैंड की सरकार पहले से ही अपने नागरिकों को साइकिल चलाने के लिए प्रेरित करती रही है। यहां पर साइकिलों की पार्किंग, सुरक्षा और अलग लेन के साथ साथ सरकार के साइकिलिंग के लिए बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध कराया है।

इसी दिशा में सरकार ने एक कदम और बढ़ाया है। इस नए नियम के अनुसार सरकार साइकिल चलाकर आफिस आने वालों को टैक्स में छूट दे रही है। इसके लिए सरकार का निर्देश है कि जो व्यक्ति जिस कंपनी में काम करता है ये छूट उस कंपनी द्वारा दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति साइकिल चलाकर आफिस आता है तो उसे प्रतिकिलोमीटर 0.22 डॉलर यानी कि तकरीबन 16 रुपये दिया जाएगा। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें भी हैं ये पैसा कंपनी द्वारा दिया जाएगा, इसके अलावा ये पैसा केवल आफिस आने के लिए ही दिया जाएगा। यदि आप अपने व्यक्तिगत कार्यों के लिए साइकिल चलाते हैं तो उसके लिए कोई भी भुगतान नहीं किया जाएगा।

केवल नीदरलैंड ही नहीं बल्कि युनाइटेड किंगडम में भी साइकिल टू वर्क स्कीम लागू है। यहां पर कर्मचारियों को साइकिल चलाने पर इक्यूपमेंट इत्यादि में छूट दी जाती है। वहीं बेल्जियम में टैक्स फ्री बाइक खरीदने का स्कीम लागू किया गया है। ताकि यहां पर साइकिलिंग को बढ़ावा दिया जा सके।

भारत भी बचा सकता है 1.8 लाख करोड़ रुपये: आपको ये जानकर हैरानी होगी लेकिन यदि ऐसी ही किसी स्कीम को यदि भारत में भी लागू कर दिया जा सके, तो भारत भी कम ईंधन खर्च से सालाना 1.8 ट्रिलियन यानी कि तकरीबन 1.8 लाख करोड़ रुपये की बचत कर सकता है। इतना ही नहीं पैसे और समय की बचत के साथ-साथ वायु प्रदूषण के स्तर को भी कम करके स्वास्थ्य लाभ भी बढ़ाया जा सकता है।

यदि छोटी यात्राओं के लिए दोपहिया और चारपहिया वाहनों के बजाय साइकिल का प्रयोग किया जाए तो ये संभव है। ये आंकड़ा 2015-16 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद का 1.6% है।

भारत में साइकिल चलाने का आर्थिक लाभ: अखिल भारतीय साइकिल निर्माता संघ द्वारा समर्थित TERI (द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट) द्वारा एक आर्थिक, पर्यावरण और सामाजिक मूल्यांकन किया गया है। पहली बार किए गए अध्ययन में उन आर्थिक लाभों के बारे में जानने की कोशिश की गई है।

अध्ययन में अनुमान लगाया गया है कि सामान्य तौर पर 8 किलोमीटर की औसत दूरी के लिये यदि दोपहिया और चार पहिया वाहनों के बजाय साइकि का प्रयोग किया महज 50 प्रतिशत तक किया जाए तो इस दशा में 27 अरब रुपये की निजी ईंधन बचत होगी। इसके अलावा, यदि यही यात्रा 5 किलोमीटर तक की जाए तो इसके परिणामस्वरूप वार्षिक स्वास्थ्य लाभ 1435 अरब रुपये के बराबर होगा जो शारीरिक गतिविधि में वृद्धि के कारण होता है। इसके अलवा कम वायु प्रदूषण के कारण 241 बिलियन रुपये की बचत हो सकती है।

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