Maruti Suzuki Swift, Dzire and honda Amaze recalled in India: know here why and how to find you need to go workshop - Jansatta
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मारूति की इन दो कारों में खामी, कंपनी ने वापस मगाईं, जानिए कहीं आपकी कार में तो ये खराबी नहीं

मालिकों को बताया जा रहा है कि वह अपने नजदीकी मारूति के वर्कशॉप पर अपनी गाड़ी ले जाएं। वर्कशॉप पर गाड़ी की जांच की जाएगी। वहीं अगर जरूरत पड़ेगी तो खामी वाले पार्ट को बदल दिया जाएगा।

कंपनी के मुताबिक पार्ट बदलने का कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। यह पूरा काम फ्री में होगा।

मारूति सुजुकी की कार में खामी आ गई है। यह खामी कंपनी के मॉडल में आई है। इसमें दोनों ही कंपनी के लेटेस्ट मॉडल हैं। इसमें एक कार है Maruti Suzuki 2018 Swift और Maruti Suzuki Dzire। यह खराबी कुल 1,279 कारों में आई है। इसमें 566 न्यू स्विफ्ट और 713 डिजायर शामिल हैं। यह वह कारें हैं जो कि 7 मई 2018 से लेकर 5 जुलाई 2018 के बीच बनाई गई थीं। यह खामी कार के बहुत ही महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर में आई है। कार में लगे एयरबैग के कंट्रोलर में दिक्कत है। इस खामी की वजह से किसी दुर्घटना के दौरान एयरबैग नहीं खुलने जैसी दिक्कत आ सकती है। इसे कंपनी ने गंभीरता से लिया है।

इसके लिए कंपनी ने कारों के मालिक को कॉल करके इसकी जानकारी देनी शुरू कर दी है। आज 25 जुलाई से ही कारों के मालिकों को इसकी जानकारी देनी शुरू कर दी है। इन कारों के मालिकों को इस बात की जानकारी दी जा रही है। साथ ही उन्हें बताया जा रहा है कि वह अपने नजदीकी मारूति के वर्कशॉप पर अपनी गाड़ी ले जाएं। वर्कशॉप पर गाड़ी की जांच की जाएगी। वहीं अगर जरूरत पड़ेगी तो खामी वाले पार्ट को बदल दिया जाएगा। कंपनी के मुताबिक पार्ट बदलने का कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। यह पूरा काम फ्री में होगा।

इसके अलावा होंडा भी अपनी 7,000 से ज्यादा अमेज कारों को वापस बुलाने जा रही है। कंपनी ने उन गाड़ियों को वापस बुलाने का फैसला किया है, जो कि अप्रैल से मई के दौरान भारत में बेची गई हैं। इसके लिए कंपनी की तरफ से सभी ग्राहकों को ई-मेल और फोन के जरिए सूचना देना शुरू हो गया है। कंपनी को लगता है कि इन 7290 गाड़ियों के ईपीएस सेंसर में कुछ खराबी है। यह गाड़ियां कंपनी ने 17 अप्रैल से 24 मई के बीच पूरे देश में बिकी थी। होंडा ने इसके लिए एक नई माइक्रोसाइट बनाई है, जिस पर ग्राहकों को 17 अंकों का अल्फा न्यूमेरिक व्हीकल आईडेंटीफिकेशन नंबर सबमिट करना होगा। अगर वेबसाइट पर गाड़ी का नंबर दिखे तो फिर आपको इसे कंपनी के सर्विस सेंटर पर भेजना होगा।

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