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चुनाव से पहले बुलेटप्रूफ गाड़ियों की बढ़ी डिमांड! नेता एक गाड़ी के लिए करते हैं 40 लाख रुपये तक खर्च

चुनाव आयोग ने एक उम्मीदवार को उनके क्षेत्र के अनुसार 54 लाख से लेकर 70 लाख रुपये तक खर्च करने का आदेश दिया है। वहीं नेता अपनी सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं और वो बुलेटप्रूफ गाड़ियों का निर्माण करवा रहे हैं।

Author April 4, 2019 3:37 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर: महिंद्रा द्वारा तैयार की गई बुलेटप्रूफ टोयोटा लैंड क्रूजर – (Photo- Official)

Lok Sabha Election 2019: दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का महापर्व कहे जाने वाले लोकसभा चुनाव की तारीख नजदीक आ चुकी है। आगामी 11 अप्रैल को देश भर में 17वीं लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण की शुरुआत होगी। चुनाव के तारीखों के ऐलान के बाद उम्मीदवारों के बीच प्रचार प्रसा का दौर भी शुरु हो चुका है। इसी बीच उम्मीदवारों में अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं साफ तौर पर देखने को मिल रही हैं। चुनाव से पहले ही देश में बुलेटप्रूफ गाड़ियों की डिमांड बढ़ गई है। इन गाड़ियों को मॉडिफाई कर के तैयार किया जा रहा है और इसके पीछे 5 लाख रुपये से लेकर 40 लाख रुपये तक खर्च किया जा रहा है।

पंजाब के जालंधर शहर में ‘Sobti Workshop’ नाम की एक फर्म है जो कि गाड़ियों को मॉडिफाई कर के उन्हें बुलेटप्रूफ बनाती है। इस वर्कशॉप को चुनाव के पहले ही कई बुलेटप्रूफ गाड़ियों को तैयार करने का आर्डर मिल चुका है। अब तक इस वर्कशॉप में 4 बुलेटप्रूफ SUV को तैयार किया गया है।

क्या है ‘Sobti Workshop’: आपको बता दें कि, इस वर्कशॉप को सुचित सोबती चालाते हैं और इसकी शुरुआत सन 1980 में इनके पिता ने की थी। सोबती का कहना है कि उसी समय से उनकी फर्म देश के राजनेताओं के लिए बुलेटप्रूफ वाहनों का निर्माण कर रही है। वहीं इस बार का आम चुनाव इतिहास का सबसे बड़ा चुनाव है।

इस वर्कशॉप में महीनों पहले गाड़ियों के मोडिफिकेशन के लिए ऑर्डर दिया जाता है। ऐसा नहीं है कि इन गाड़ियों का प्रयोग केवल राजनेताओं द्वारा किया जाता है। यहां तक की पार्टी के मुख्य लोगों के लिए भी ऐसे ही बख्तरबंद गाड़ियों का इंतजाम किया जाता है।
आपको बता दें कि, पंजाब के अलावा हरियाणा और महाराष्ट्र में भी ऐसी ही फर्म हैं जो कि बुलेटप्रूफ गाड़ियों का निर्माण करती हैं।

बढ़ रहा है बुलेटप्रूफ गाड़ियों का बाजार: भारत में ऐसी बुलेटप्रूफ गाड़ियों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। इस समय भारत में ऐसी कारों का बाजार तकरीबन 150 मिलियन डॉलर यानी कि 10 अरब रुपये से भी ज्यादा का है। इतना ही नहीं हर साल इसमें तेजी से बढ़ोत्तरी भी दर्ज की जा रही है। देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा भी सामान्य नागरिकों के लिए बुलेटप्रूफ वाहनों का निर्माण कर रही हैं।

इन गाड़ियों को बुलेटप्रूफ बनाने में कुछ हफ्तों का समय लगता है। इनके निर्माण में इम्पोर्टेड बैलेस्टिक ग्लॉस और हैवी स्टील प्लेट्स का प्रयोग किया जाता है। जो कि किसी भी प्रकार के ग्रेनेड और ऑटोमेटिक हथियारों के हमले को आसानी से झेल सकें। इन गाड़ियों को यहीं के भारतीय मैकेनिकों द्वारा तैयार कराया जाता है।

क्यों बढ़ रही है डिमांड: आपको बता दें कि, इस बार के चुनाव को दुनिया का सबसे महंगा चुनाव कहा जा रहा है। वहीं भारत का पुराना इतिहास भी रहा है कि चुनावी समय में नेताओं पर हमले इत्यादि भी होते हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार बीते साल 2016 में ही तकरीबन 100 से भी ज्यादा राजनीतिज्ञों की हत्या हुई थी। ऐसे में ये राजनेता अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसी ही बख्तरबंद गाड़ियों का ऑर्डर कर रहे हैं। ये भी बता दें कि, चुनाव आयोग ने एक उम्मीदवार को उनके क्षेत्र के अनुसार 54 लाख से लेकर 70 लाख रुपये तक खर्च करने का आदेश दिया है।

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