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UP Lockdown: उत्तर प्रदेश में लागू हुआ 55 घंटे का लॉकडाउन! घर से गाड़ी निकालने से पहले जान लें यह जरूरी नियम

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा है कि, यह एक तरह का प्रतिबंध है, इसे बीमारियों से अलर्ट रहने के लिए लागू किया गया है। इससे न केवल कोरोना वायरस के संक्रमण को बल्कि डेंगू, कालाजार, इन्सेफ़ेलाइटिस और मलेरिया जैसे बीमारियों के संक्रमण के रोकथाम में भी मदद मिलेगी।

UP Lockdown, Lockdown in Uttar Pradesh, Lockdown Rules in UP, Covid-19 Lockdown New Ruleप्रतिकात्मक तस्वीर: UP Lockdown: दिल्ली नोएडा बॉर्डर पर वाहनों की चेकिंग की जा रही है।

Uttar Pradesh Lockdown Rules: कोरोना वायरस के संक्रमण का शिकंजा देश भर में तेजी से कसता जा रहा है। इसी बीच उत्तर प्रदेश में बीते कल10 जुलाई को रात 10 बजे से लेकर आगामी 13 जुलाई सुबह 5 बजे तक के लिए लॉकडाउन लागू कर दिया गया है। इस दौरान जरूरी कार्यों के अलावां मार्केट को पूरी तरह बंद रहेंगे इसके अलावा प्रदेश के सीमाओं पर पुलिस वाहनों की चेकिंग भी कर रही है। ऐसे में लॉकडाउन के बीच यदि आप अपने घर से वाहन लेकर निकलने की सोच रहे हैं तो कुछ जरूरी नियमों के बारे में जानना जरूरी है।

बॉर्डर पर सघन चेकिंग: उत्तर प्रदेश प्रशासन सूबे के सीमावर्ती इलाकों में सघन चेकिंग कर रही है, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पुलिस लोगों के पहचान पत्र तक चेक कर रही है। कई दफ्तर और मार्केट बंद हैं और जगह जगह पर बैरिकेडिंग भी की गई है। इसके चलते लोगों को खासी परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।

पहले से अलग है यह लॉकडाउन: बता दें कि, इससे पहले जो लॉकडाउन लागू किया गया था उससे यह बिल्कुल अलग है। इस दौरान मालवाहन वाहनों के अवागमन पर कोई भी रोकथाम नहीं लगाया गया है। इसके अलावा हाईवे पर भी वाहनों का अवागमन पहले जैसा ही रहेगा। उत्तर प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कर्पोरेशन (UPSRTC) केवल आवश्यक बसों का ही संचालन करेगा। हालांकि घरेलू हवाई सेवाएं बहाल हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पहले की ही तरह रोक लगाई गई है।

सड़क किनारे स्थित पेट्रोल पंप व ढाबे खुले रहेंगे। आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, जरूरी सामान की दुकानों इत्यादि में काम करने वालों, कोरोना वॉरियर्स, स्वच्छता कर्मी, डोर-स्टेप डिलिवरी करने वाले अपने वाहनों का प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावां दफ्तरों में काम करने वाले लोगों के आईडी कार्ड को ही पास माना जाएगा।

इसके अलावां COVID-19 के मद्देनजर वाहनों में लोगों की संख्या इत्यादि पर पहले जैसा ही नियम लागू होगा। मास्क का प्रयोग करना अनिवार्य होगा। वहीं कैब सर्विस प्रदाता कंपनियों को भी सरकार द्वारा निर्देशित सभी गाइडलाइंस को फॉलो करना होगा। कोविड-19 के नियमों का उलंघन करने वाले वाहनों चालकों पर प्रशासन कड़ी कार्यवाई कर सकता है।

अन्य कोविद -19 नियम, जैसे यात्रा करते समय मास्क पहनना या वाहन के अंदर कई लोगों की संख्या समान रहेगी। हालांकि, जो वाहन आवश्यक सेवाओं का हिस्सा नहीं हैं, उन्हें रोक दिया जाएगा और कोविद -19 को तोड़ने के लिए दंडित किया जाएगा। सीमा पार करने के लिए यूपी अधिकारियों द्वारा जारी किए गए ई-पास की आवश्यकता होगी।

क्या कहती है सरकार: इस लॉकडाउन के बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा है कि, यह एक तरह का प्रतिबंध है, इसे बीमारियों से अलर्ट रहने के लिए लागू किया गया है। इससे न केवल कोरोना वायरस के संक्रमण को बल्कि डेंगू, कालाजार, इन्सेफ़ेलाइटिस और मलेरिया जैसे बीमारियों के संक्रमण के रोकथाम में भी मदद मिलेगी।

कोरोना वायरस है बड़ी वजह: प्रदेश में अचानक से 55 घंटे के इस लॉकडाउन को लागू करने की सबसे बड़ी वजह कोरोना वायरस का संक्रमण बताया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते शुक्रवार को ही उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के रिकॉर्ड 1,347 मामले सामने आए हैं, वहीं इस भयावह बीमारी के चलते 27 लोगों ने दम तोड़ा है। इस समय प्रदेश में कोरोना वायरस के 11,024 सक्रिय मामले हैं और अब तक इससे मृतकों की संख्या बढ़कर 889 हो गई है।

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