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Jawa: इस रंग की खरीदी बाइक तो नहीं होगा रजिस्ट्रेशन! RTO ने बताया आखिर क्यों?

आरटीओ का कहना है कि ये रंग भारतीय सेना के रंग से मेल खाता है जो कि मौजूदा मोटर व्हीकल एक्ट के विरूद्ध है। मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार इस रंग वाहन का प्रयोग केवल भारतीय सेना के जवान ही कर सकते हैं।

Jawa ने फिलहाल दो बाइक्स को भारत में लांच किया है, जल्द ही इसके तीसरे मॉडल पेराक को भी पेश किया जाएगा।

Jawa ने बीते साल भारतीय बाजार में तकरीबन 4 दशकों के बाद एक बार फिर से अपनी दूसरी पारी की शुरूआत की है। कंपनी ने देश में एक साथ दो बाइक्स को लांच किया। शुरुआती दौर में दोनों बाइक्स की हैवी डिमांड के चलते इनका वेटिंग पीरियड 8 महीनों तक जा पहुंचा और अब जब बाइक्स की डिलीवरी शुरू हुई है तो ग्राहकों को दूसरी समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है।

ताजा मामला केरल से सामने आया है जहां के आरटीओ ने Jawa की बाइक्स का रजिस्ट्रेशन करने से सिर्फ इसलिए इंकार कर दिया क्योंकि वो ऑलिव ग्रीन कलर की थी। केरल के एरनाकुलम के रिजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस के एक अधिकारी ने Jawa 42 जो कि कंपनी की आधिकारिक ग्लैंटिक ग्रीन कलर की है उसका रजिस्ट्रेशन करने से इंकार कर दिया।

आरटीओ का कहना है कि ये रंग भारतीय सेना के रंग से मेल खाता है जो कि मौजूदा मोटर व्हीकल एक्ट के विरूद्ध है। मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार इस रंग वाहन का प्रयोग केवल भारतीय सेना के जवान ही कर सकते हैं। इसे सामान्य नागरिक द्वारा प्रयोग नहीं किया जा सकता है।

इस मामले में आरटीओ ने बीते 16 जुलाई 2019 को एक पत्र कंपनी के डीलरशिप क्लॉसिक मोटर्स के नाम जारी किया। जिसमें कहा गया है कि, “वाहन के रजिस्ट्रेशन के लिए निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण ने पाया कि, वाहन ओलिव ग्रीन से मिलता जुलता है। जो कि मौजूदा मोटर वाहन नियम के खिलाफ है। इसलिए आपको संबंधित दस्तावेजों के साथ 7 दिनों के भीतर सुनवाई से पहले उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया जाता है,”

आरटीओ द्वारा इस तरह का पत्र मिलने के बाद डीलरशिप ने इसी पत्र को बाइक के मालिक को दिखाया। जिसके बाद बाइक के मालिक ने क्लॉसिक लेजेंड्स के सीईओ आशीष जोशी से संपर्क किया। जिसके बाद आशीष जोशी ने तत्काल रिस्पांस देते हुए ग्राहक को कहा कि, देश भर में इस रंग की बाइक्स का रजिस्ट्रेशन हो रहा है, ऐसा कोई मामला बन ही नहीं सकता है।

इसके बाद जोशी ने बाइक के मालिक को टेक्सट मैसेज के द्वारा बताया कि, “हमने आरटीओ से संपर्क किया था, इमानदारी से कहूंगा कि, वो व्यक्ति बिना वेटिंग के जावा बाइक की डिलीवरी चाहता था। लेकिन हमने मना कर दिया था, यही कारण है कि वो इस तरह की समस्या खड़ी कर रहा है। उन्होनें कहा कि, “अगले 2 से 3 दिनों में सभी दस्तावेंजों को उपलब्ध करा दिया जाएगा जिससे वो किसी और ग्राहक को भविष्य में परेशान नहीं कर सकेगा।

क्या है मिलिट्री कलर स्कीम: भारतीय सेना मुख्य रुप से चार कलर शेड्स् का प्रयोग करती है। इसमें ग्रुलो, फर्न ग्रीन, ब्लैक लैदर जैकेट और सोल्जर ग्रीन कलर शामिल है। इसमें से तीन शेड्स का प्रयोग उत्तरी, दक्षिणी, पूर्वी, पश्चिमी और मध्य कमांड द्वारा किया जाता है। ये शेड्स सेना के वाहन और वर्दी दोनों में प्रयोग होते हैं।

हरे रंग के ये शेड सेना के प्रयोग के लिए है, और नागरिकों द्वारा उपयोग नहीं किए जा सकते हैं। एकमात्र उन्हीं नागरिकों को इन रंगों के प्रयोग की अनुमति है, जो सेना का हिस्सा हैं या फिर जिन्होनें युद्ध के समय दो महीनों का अनिवार्य प्रशिक्षण लिया हो।

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