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ऑटो बाजार पर कोरोना का कहर: कहीं कर्मचारियों की सैलेरी पर तलवार तो देश के ऑटो सेक्टर को लगेगा 259 करोड़ का झटका

कोराना वायरस का संक्रमण दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है। अब तक इस भयावह बीमारी से दुनिया भर में तकरीबन 13.6 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 76 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गवां चुके हैं।

प्रतिकात्मक तस्वीर: Honda ने यह फैसला अमेरिका स्थित फैक्ट्री के लिए लिया है।

Coronavirus Pandemic: दुनिया भर में कोरोना वायरस का शिकंजा तेजी से कसता जा रहा है। महामारी की तरह फैली इस बीमारी के चपेट में न केवल आम जन मानस फंसा है बल्कि इसने दुनिया की अर्थव्यवस्था को भी करारा झटका दिया है। इसी बीच जापानी वाहन निर्माता कंपनी Honda Motor Co. की तरफ से एक बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि कंपनी छुट्टी पर गए कर्मचारियों को अगले 3 सप्ताह तक के लिए वेतन नहीं देगी।

ब्लूमबर्ग में छपी रिपोर्ट के अनुसार, होंडा मोटर कंपनी ने अपने बयान में कहा कि वो अमेरिका में स्थित अपने 10 फैक्ट्रियों के छुट्टी पर गए कर्मचारियों को वेतन नहीं देगी। इसके पीछे कंपनी ने कोराना वायरस के चलते प्रभावित अर्थव्यवस्था को कारण बताया है। जानकारी के अनुसार कंपनी के इस फैसले से प्रभावित कर्मचारियों को आगामी 13 अप्रैल से लेकर 1 मई तक का वेतन नहीं दिया जाएगा।

क्यों लिया ऐसा फैसला: होंडा मोटर कंपनी के प्रवक्ता Teruhiko Tatebe ने मीडिया को दिए अपने बयान में बताया कि, ऐसा इसलिए किया गया है ताकि प्रभावित लोग सरकार द्वारा दिए जा रहे बेरोजगारी भत्ते का लाभ उठा सकें। हाल ही में कंपनी ने अपने सभी प्लांट में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते प्रोडक्शन को बंद कर दिया था। जिसके बाद सभी कर्मचारियों को छुट्टी दे दी गई थी।

जापानी स्टॉक एक्सचेंज Nikkei ने इससे पहले अपनी रिपोर्ट में कहा था कि कंपनी तकरीबन 10,000 कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजने की योजना बना रही है। हालांकि अभी इस बारे में कंपनी द्वारा कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है कि कंपनी के इस फैसले से कितने कर्मचारी प्रभावित होंगे। इससे पहले जर्मनी की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी Volkswagen ने भी यह बात कही थी कि प्रोडक्शन और आपूर्ति न हो पाने के कारण अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है।

वहीं Deloitte इंडिया ने एक रिपोर्ट पेश की है जिसके अनुसार कोरोना वायरस के चलते चीन में प्रोडक्शन 2 प्रतिशत तक कम हो गया है। इसका सीधा असर देश के ऑटो सेक्टर पर भी पड़ेगा। भारत में विकास के लिए Moody ने इस वित्त वर्ष 2020 के लिए 6.6% की बढ़ोत्तरी का अनुमान लगाया था, जो कि घटकर 5.43% तक आ पहुंचा है। इसका नकारात्मक असर देश के बाजार के साथ ही ऑटो सेक्टर पर भी पड़ेगा।

एक अनुमान के अनुसार ऑटो सेक्टर पर यह गिरावट 23.1% तक प्रभावित करेगी। UNCTAD के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट बताती है कि चीन की मंदी भारत में अलग-अलग उद्योगों को मुख्य रूप से प्रभावित करेगी। एक डाटा के अनुसार चीन में ठप्प पड़े प्रोडक्शन के चलते ऑटो सेक्टर को तकरीबन 34 मिलियन डॉलर यानी की 259 करोड़ रुपये तक झटका लगेगा।

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