ताज़ा खबर
 

10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर में बनेगा इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, सरकार ने आमंत्रित किया प्रस्ताव

फेम योजना बिजली वाहनों को तेजी से उपयोग और विनिर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना है। भारी उद्योग मंत्रालय ने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग बनाए जाएंगे।

Author नयी दिल्ली | July 18, 2019 4:01 PM
मारुति सुजुकी जल्द ही वैगनआर के इलेक्ट्रिक संस्करण को बाजार में पेश करेगी।

Electric Vehicle Charging Station: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। बीते दिनों यूनियम बजट को पेश किए जाने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में कहा था कि इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर इनकम टैक्स में छूट दिया जाएगा। अब सरकार ने फेम-दो योजना के तहत बड़े और स्मार्ट शहरों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग संबंधी बुनियादी ढांचा तैयार करने को लेकर इकाइयों से प्रस्ताव आमंत्रित किया है।

फेम योजना बिजली वाहनों को तेजी से उपयोग और विनिर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना है। भारी उद्योग मंत्रालय ने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर और जिन्हें आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा स्मार्ट शहर अधिसूचित किया गया है ऐसे शहरों में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग बुनियादी ढांचा लगाने की इच्छुक इकाइयों से प्रस्ताव आमंत्रित किये गये हैं।

इसके साथ ही सात महानगरों (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरू और अहमदाबाद) के आस-पास के शहरों, विशेष श्रेणी के राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के बड़े शहरों, तथा सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों की उन राजधानी के लिये भी प्रस्ताव आमंत्रित किये गये हैं जो उक्त श्रेणी में नहीं आते।

भारी उद्योग मंत्रालय ने कहा, ‘‘शुरू में रूचि पत्र के जरिये 1,000 ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य रखा गया है…।’’ मंत्रालय के अनुसार रुचि प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने हाल ही में फेम योजना (बिजली वाहनों को तेजी से उपयोग और विनिर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना) के दूसरे चरण को मंजूरी दी है। एक अप्रैल 2019 से शुरू तीन साल की योजना के लिये कुल 10,000 करोड़ रुपये का बजटीय समर्थन दिया गया है।

इनपुट भाषा:

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App