ताज़ा खबर
 

कोरोना का कहर: ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में हजारों नौकरियों पर संकट! जानिए क्या है वजह

वाहनों की बिक्री और प्रोडक्शन के कम होने के नाते कंपोनेंट्स के प्रयोग में भी कमी आएगी। ऐसे में कंपोनेंट्स कंपनियां नौकरियों में छटनी करने को मजबूर होंगी। देश की GDP में यह सेक्टर 2.3 प्रतिशत का योगदान देता है।

Maruti Suzukiइन वाहनों में 6,926 दोपहिया वाहन, 215 ऑटोरिक्शा और 272 हल्के मोटर वाहन शामिल हैं।

कोरोना वायरस के संक्रमण का शिकंजा देश भर में तेजी से फैल रहा है। बीते कुछ महीनों में इस वायरस के चलते देश भर में लाखों लोग संक्रमित हो चुके हैं। हालांकि सरकार ने आज से कई क्षेत्रों में छूट की घोषणा की है, लेकिन पिछले तीन महीनों से देश में कारोबार बिल्कुल ठप्प रहा है। देश का ऑटो सेक्टर भी इस वायरस के चलते भारी मंदी के दौर से गुजर रहा है। वाहनों की डिमांड बहुत ही कम हो गई है, लगातार गिरती बिक्री का असर ऑटो कंपोनेंट सेक्टर पर भी देखने को मिल रहा है।

ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) ने मीडिया को दिए गए एक बयान में कहा कि ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में महामारी की वजह से मांग में आर्इ कमी के कारण बड़ी नौकरियों को भारी नुकसान हो सकता है। ऑटो कंपोनेंट सेक्टर वाहन निर्माता कंपनियों को कंपोनेंट सप्लाई करता है, लेकिन अब जबकि बाजार में वाहनों की बिक्री ही लड़खड़ा गई है तो वाहनों का प्रोडक्शन भी कम हो गया है।

एसोसिएशन के प्रेसिडेंट दीपक जैन ने मीडिया को बताया कि, जब तक मांग में बढोत्तरी नहीं होती है तब तक आर्थिक परेशानी के साथ ही नौकरियों में छटनी की चिंता बनी हुई है। ऐसी स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक कि सबकुछ सामान्य नहीं हो जाता है। इसके अलावा, सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने पहले ही COVID-19 संकट के कारण 35 से 40 प्रतिशत की वार्षिक गिरावट की भविष्यवाणी की है।

बता दें कि, देश के ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में तकरीबन 50 लाख लोग काम करते हैं, जिसमें पिछले साल 18 प्रतिशत की कमी आई थी। वहीं वाहनों की बिक्री और प्रोडक्शन के कम होने के नाते कंपोनेंट्स के प्रयोग में भी कमी आएगी। ऐसे में कंपोनेंट्स कंपनियां नौकरियों में छटनी करने को मजबूर होंगी। एविएशन और हॉस्पिटैलिटी के अलावां ऑटो कंपोनेंट सेक्टर देश के टॉप 5 सबसे ज्यादा मुश्किल दौर से गुजरने वाला क्षेत्र है।

पिछले 15 महीनों से ऑटो कंपोनेंट सेक्टर लगातार मंदी के दौर से गुजर रहा था, इसी दौरान कोरोना वायरस ने इस क्षेत्र की मुश्किलें और भी बढ़ा दी हैं। हालांकि वाहन निर्माता कंपनियां तरह तरह के ऑफर्स, फाइनेंशियल स्कीम इत्यादि से वाहनों की बिक्री को बेहतर बनाने में लगी हैं। लेकिन फिलहाल इस क्षेत्र में कुछ खास बदलाव होता नहीं दिख रहा है। देश की GDP में यह सेक्टर 2.3 प्रतिशत का योगदान देता है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Unlock 1.0: मॉल में घूमने का बना रहे हैं प्लान तो ध्यान रखें ये बात, आपका वाहन पार्किंग में नहीं है सुरक्षित! देखें क्या कहती है रिपोर्ट
2 2020 Honda City की ये हैं वो 5 खास बातें जिनकी वजह से मार्केट में हो रहा बेसब्री से इंतजार! जानें कीमत से लेकर लांचिंग तक की पूरी डिटेल
3 Honda City और Amaze को जून में खरीदनें पर होगा ज्यादा फायदा, कंपनी दे रही भारी डिस्काउंट! देखें पूरी रिपोर्ट
यह पढ़ा क्या?
X