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Car Insurance को लेकर की गई लापरवाही पड़ सकती है भारी, जानें अपने वाहन के इंश्योरेंस से जुड़ी हर बात!

अगर आप अपनी व्हीकल पॉलिसी को निर्धारित समय के भीतर रिन्यू नहीं कराते हें, तो आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। बता दें,यह अवधि आमतौर पर 90 दिन की होती है।

इस क्रम में उत्तर प्रदेश के बाद 21,838 इकाइयाँ के साथ महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर रहा।

Car Insurance : भारत में लोग जब भी वाहन खरीदने की सोचते हैं तो कार के नए मॉडल, कलर से लेकर फीचर्स तक की पूरी रिसर्च करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि वाहन के इंश्योरेंस के बारे में भी जानना इतना ही जरूरी है, जितना उसके फीचर्स और माइलेज के बारे में आप जानना चाहते हैं। आइए आपको बताते हैं कि कार के इंश्योरेंस को खरीदने से पहले कौन-सी बातो पर गौर करना बेहद जरूरी होता है, और व्हीकल इंश्योरेंस के अंदर क्या-क्या कवर होता है।

कैसे काम करता है इंश्योरेंस: व्हीकल इंश्योरेंस “Use it or lose it” पॉलिसी पर काम करता है, जिसका किसी गंभीर दुर्घटना में लाभ उठाने के लिए आपको सालाना प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। हालांकि अगर कोई भी दुर्घटना नहीं होती है, तो आप अपने वाहन की सुरक्षा के लिए भुगतान की गई प्रीमियम राशि खो देते हैं। लेकिन इस स्थिती में आपको नो क्लेम बोनस मिलता है, जो एक अच्छी राशि हाती है। बता दें, पहले साल में प्रीमियम के 20% से शुरू होकर छठे साल में 50% तक आपको नो क्लेम राशि मिलती है। जिसकी वहज से मामूली नुकसान के लिए इंश्योरेंस क्लेम ना करने की सलाह दी जाती है।

कैसे तय होती ​है इंश्योरेंस राशि: आपकी बीमा पॉलिसी का मूल्य IDV इंश्योरेंस डिक्लेयर्ड वैल्यू पर आधारित होता है, जो वाहन मालिक द्वारा भुगतान की जाने वाली अधिकतम बीमा राशि है। यह राशि लगभग आपके वाहन के बाजार मूल्य के बराबर होती है। इसलिए जब आप एक नई कार के लिए बीमा खरीदते हैं, तो उसकी इंश्योरेंस डिक्लेयर्ड वैल्यू शोरूम की कीमत के आधार पर की जाती है। वहीं अगर आप एक वर्ष के बाद अपनी मोटर पॉलिसी को रिन्यू नहीं कराते है, तो आपके आईडीवी वेल्यू कम हो जाती है।

रिन्यू कराने के लिए महज 3 महीने का होता है समय: यहां यह याद रखा जाना चाहिए कि किसी भी तरह ही बड़ी दुर्घटना में फंसने से बेहतर है कि आप अपने वाहन का इंश्योरेंस समय से रिन्यू करा लें। अगर आप अपनी व्हीकल पॉलिसी को निर्धारित समय के भीतर रिन्यू नहीं कराते हें, तो आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। बता दें,यह अवधि आमतौर पर 90 दिन की होती है।

व्हीकल इंश्योरेंस में क्या-क्या होता है कवर  : इसमें आपके नियंत्रण के बाहर की घटनाएं, जैसे बिजली, भूकंप, बाढ़, आंधी, तूफान, चक्रवात, भूस्खलन, के अलावा किसी के द्वारा किया गया नुकसान जैसे चोरी, दंगा, हड़ताल, आतंकवादी गतिविधि, और सड़क, रेल, या पानी के माध्यम से वाहन को पहुंची किसी भी तरह की हानी को कवर किया जाता है। इसके साथ ही यह आपके परिवार के भविष्य को दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थिति में पूरी तरह से सुरक्षित करता है। हालांकि अभी थर्ड पार्टी लीगल लायबिलिटी को अनिवार्य कर दिया गया है। जिसे आप होने वाले आकस्मिक नुकसान के कानूनी दायित्व से भी बच सकते हैं।

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